#👏भगवान विष्णु😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 🌹हरि शरणम् 🌹
सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं,
सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम्। सहारवक्षस्स्थलशोभिकौस्तुभं,
नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम्।।
ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय
धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ।।
कहा है.,तुलसी जाके हृदय में, हरि बसत हैं राम,।ताकें निकट न आवई, दुख दरिद्र अवगुण ग्राम॥