Sagar Saini
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6 hours ago
#GodMorningSaturday #शराब_पीना_महापाप . परमात्मा की शक्ति जब तक हमारे अन्दर काम, क्रोध, मोह लोभ और अंहकार है तब तक हम परमात्मा से काफी दुर है। जब जब भगती (मंत्र जाप) करते है तो पाँचो अवगुण कम होते जाते है और हम परमात्मा के नजदिक होते जाते है। एक आदमी रात को झोपड़ी में बैठकर एक छोटे से दीये को जलाकर कोई शास्त्र पढ़ रहा था। आधी रात बीत गई। जब वह थक गया तो फूंक मार कर उसने दीया बुझा दिया। लेकिन वह यह देख कर हैरान हो गया कि जब तक दीया जल रहा था, पूर्णिमा का चांद बाहर खड़ा रहा।लेकिन जैसे ही दीया बुझ गया तो चांद की किरणें उस कमरे में फैल गई। वह आदमी बहुत हैरान हुआ यह देख कर कि एक छोटे से दीए ने इतने बड़े चांद को बाहर रोक कर रक्खा। इसी तरह हमने भी अपने जीवन में पाच महाविकार काम, क्रोध, मोह लोभ और अहंकार के बहुत छोटे-छोटे दीए जला रखे हैं, जिसके कारण परमात्मा का चांद बाहर ही खड़ा रह जाता है। जब तक हमारे महाविकार शांत नही होगे तब तक परमात्मा की नजदिकी महशुस नही कर सकते। और तब तक मन शांत नहीं होगा। मन शांत होगा तभी ईश्वर की उपस्थिति महसूस होगी। Sa True Story YouTube #शराब_पीना_महापाप