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#शराब_पीना_महापाप ##शराब_पीना_महापाप शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं:- फेफड़े, जिगर (लीवर), गुर्दे (kidney), हृदय। शराब सर्वप्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। सुल्फा (चरस) दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है। हेरोईन शराब से भी अधिक शरीर को खोखला करती है। अफीम से शरीर कमजोर हो जाता है। अपनी कार्यशैली छोड़ देता है। अफीम से ही चार्ज होकर चलने लगता है। रक्त दूषित हो जाता है। इसलिए इनको तो गाँव-नगर में भी नहीं रखे, घर की बात क्या। सेवन करना तो सोचना भी नहीं चाहिए। -संत रामपाल जी महाराज जी
शराब_पीना_महापाप - कxकर ঠথযযল होे गया था Romtingh `ohu, Bolod (CG) இ((எ[இ[ का काश्ण है কর্নীয, भांग तमाखू छोतरा, तम्बाखू और शराब [ कबीर कौन करै बंदगी, য নী ঘরন खराव || रामपालजी महाराज के सत्संगों में ज्ञान और आत्म की মন जागृति जो लोगों को बुरे कर्मो से बचाती है 87 ೯ 01 कxकर ঠথযযল होे गया था Romtingh `ohu, Bolod (CG) இ((எ[இ[ का काश्ण है কর্নীয, भांग तमाखू छोतरा, तम्बाखू और शराब [ कबीर कौन करै बंदगी, য নী ঘরন खराव || रामपालजी महाराज के सत्संगों में ज्ञान और आत्म की মন जागृति जो लोगों को बुरे कर्मो से बचाती है 87 ೯ 01 - ShareChat