K. VISHVAKARMA
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2 days ago
#जीवन की सच्चाई किन्तु चिंताजनक तथ्य...🙏😒* *बेंगलुरु के एक पॉश अपार्टमेंट से आई ये गूँज पूरे देश को झकझोर रही है..* *आखिर क्यों एक 76 साल के रिटायर्ड ISRO वैज्ञानिक ने अपनी ही जीवनसंगिनी की जान ले ली ..?* *वजह कोई नफरत या जायदाद नहीं, बल्कि एक 'खौफनाक डर' था..* *वी. नागेश्वर राव, जिन्होंने देश के बड़े स्पेस मिशन में योगदान दिया,* *वे आज सलाखों के पीछे हैं..* *वजह ..? उन्हें चिंता थी, कि उनके मरने के बाद उनकी* *बीमार पत्नी का* *ख्याल कौन रखेगा ?* *इकलौती बेटी सात समंदर पार अमेरिका में है,* *पास में कोई दूसरा सहारा नहीं, और इसी अकेलेपन की बेबसी ने एक होनहार वैज्ञानिक को कातिल बना दिया..* *उन्होंने तौलिये से अपनी पत्नी संध्या का गला घोंटा और फिर शाँति से बैठकर पुलिस का इंतज़ार किया..* *पुलिस भी दंग है कि ये एक क्रूर अपराध इन्होने क्यो,??किया,,* *यह हमारे समाज में बुजुर्गों के अकेलेपन की एक चीख है,, ?* *पहले एक बच्चा पैदा करो* *उसके बाद चाहे कितना भी पैसा लगे,उसे विदेश भेजो..* *फिर पागल की तरह अकेले पन में मानसिक विकृत हो जाओ..* *ज्यादा काबिल बच्चे बनने के बाद माँ-बाप को कहाँ पूछते हैं ..?* *बच्चे तो वो घड़े होते हैं जिन्हें कूट पीट कर आकार दिया जाता है.* *पर आज के माँ-बाप तो ऐसे पाल रहे हैं जैसे कि उन्हें सामाजिक संस्कार से कोई लेना देना ही नहीं..* *कम से कम हम अपने बच्चो को इतना तो काबिल बनाओ,कि उसे खुद का पता हो,की उसके किसी सहारे की आकांक्षी माँ बाप भी हैं..* *और माँ-बाप का भी थोड़ा बहुत पता हो..की उसकी अपने बुढ़ापे का सहारा बनने वाली कोइ उसकी अपनी औलाद भी है* *आज के समाज की कटु सच्चाई*