Arun Kumar
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7 hours ago
बिकती है ना ख़ुशी कहीं ना कहीं गम बिकता है...💞 लोग गलतफहमी में हैं...💞 कि शायद कहीं पे मरहम बिकता है...💞 इंसान तो ख्वाइशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है...💞 उम्मीदों से ही घायल है...💞 और उम्मीदों पर ही जिंदा है...💞 *G⭕⭕D* *✷⁠‿⁠✷* *M⭕RNING* #❤️Love You ज़िंदगी ❤️