Purshottam Lal
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2 days ago
भगवान श्रीराम की जय हो, सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनें 🌟💫🌸🙏। उमा राम गुन गूढ़ पंडित मुनि पावहिं बिरति। पावहिं मोह बिमूढ़ जे हरि बिमुख न धर्म रति।। भावार्थ:- हे पार्वती! श्रीरामजी कें गुण गूढ़ हैं, पंडित और मुनि उन्हें समझकर वैराग्य प्राप्त करते हैं। परन्तु जो भगवानसे बिमुख हैं और जिनका धर्ममें प्रेम नहीं है,वे महामूढ़ (उन्हे सुनकर)मोह को प्राप्त होते हैं।। सादर जय सियाराम 🙏😊🙌🌈💖🌹🌺💫⭐ #🙏🏻सीता राम