महादेव अवगुन भवन बिष्नु सकल गुन धाम।
जेहि कर मनु रम जाहि सन तेहि तेही सन काम॥80॥
भावार्थ:-माना कि महादेवजी अवगुणों के भवन हैं और विष्णु समस्त सद्गुणों के धाम हैं, पर जिसका मन जिसमें रम गया, उसको तो उसी से काम है॥80॥
# #🎶जय श्री राम🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 हर हर महादेव 🕉️
भरहिं निरंतर होहिं न पूरे।तिन्ह के हिय तुम्ह कहुं गृह रुरे।।लोचन चातक जिन्ह करि राखे।रहहिं दरस जलधर अभिलाषे।। भावार्थ: निरन्तर भरते रहते हैं, परन्तु पूरे (तृप्त)नही होते,उनके हृदय आपके लिए सुंदर घर हैं और जिन्होने अपने नेत्रों को चातक बना रखा है,जो आपके दर्शनरुपी मेघ के लिए सदा लालयित हरते हैं।।३।। जय श्रीराम 🙏💫🌟🌠🌌 #🙏🏻सीता राम
सुनहु राम अब कहउं निकेता 🌹 जहां बसहु सिय लखन समेता 🌺जिन्ह के श्रवन समुद्र समाना 🌹कथा तुम्हारि सुभग सरि नाना 🌺 भावार्थ: से रामजी! सुनिये,अब मैं वे स्थान बताता हूं जहां आप सीताजी और लक्ष्मणजी समेत निवास करिये।जिनके कान समुद्र की भांति आप की सुन्दर कथा रुपी अनेकों सुन्दर नदियों से।!! सादर जय सियाराम !! #🙏🏻सीता राम
सरल कबित कीरति बिमल सोइ आदरहिं सुजान।सहज बयर बिसराइ रिपु जो सुनि करहिं बखान। भावार्थ: चतुर पुरुष उसी कबिता का आदर करते हैं,जो सरल हो और जिसमें निर्मल चरित्र का वर्णन हो तथा जिसे सुनकर शत्रु भी स्वाभाविक वैरको भूलकर सराहना करने लगें।। जय श्रीराम 🙏😊👏💫🌟🌠 #🙏🏻सीता राम
आगम निगम पुरान अनेका।
पढ़े सुने कर फल प्रभु एका॥
तव पद पंकज प्रीति निरंतर।
सब साधन कर यह फल सुंदर॥
हे प्रभो! अनेक तंत्र, वेद और पुराणों के पढ़ने और सुनने का सर्वोत्तम फल एक ही है और सब साधनों का भी यही एक सुंदर फल है कि आपके चरणकमलों में सदा-सर्वदा प्रेम हो॥ #🙏🏻सीता राम
प्रभु श्रीरामलला अयोध्या धाम 🛕 के शायं कालीन दिव्य स्वरूप के दर्शन से भक्तों के जीवन में नव ऊर्जा का संचार होता है, सुख, समृद्धि और शांति का प्रसार होता है। जय श्रीराम 🙏🌟🌠🌟🙏 #🙏🏻सीता राम सभी भक्तों को।।
प्रभु श्रीरामलला सदा सहायते 🙏 🙏 👉जुगुति बेधि पुनि पोहिअहिं रामचरित बर ताग।पहिरहिं सज्जन बिमल उर सोभा अति अनुराग। भावार्थ:उन कबितारुपी मुक्तामणियोंको युक्तिसे बेधकर फिर रामचरितरुपी सुंदर तागेमें पिरोकर सज्जन लोग अपने निर्मल हृदय में धारण करते हैं,जिससे अत्यंत अनुरागरुपी शोभा होती है (वे आत्यन्तिक प्रेम को प्राप्त होते हैं।। जय श्रीराम 🙏 #🙏🏻सीता राम सभी भक्तों को।।
श्रीराम सदा कृपा बनाए।गई बहोर गरीब नेवाजू।सरल सबल साहिब रघुराजू।।बुध बरनहिं हरि जस अस जानी।करहिं पुनीत सुफल निज बानी।। जय श्रीराम, #🙏🏻सीता राम 🌟💫🎉👏💖😊
प्रभु श्रीरामलला अयोध्या धाम 🛕 के शायं कालीन दिव्य स्वरूप के अलौकिक दर्शन से भक्तों के जीवन में मर्यादा, सत्यनिष्ठा और सदाचार की भावना को नया जीवन मिलता है, जिससे वे सकारात्मक परिवर्तन के मार्ग पर अग्रसर होते हैं। जय श्रीराम 🙏🌟🌠🌟🙏 #🙏🏻सीता राम













