jai Singh Dass
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2 days ago
#सत_भक्ति_संदेश कबीर, गुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे ना सार रहे अज्ञानी। गुरू बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भूष छड़े मूढ़ किसाना ॥ अर्थात जो पूर्ण गुरु के बिना स्वयं वेदों को पढ़ता है, वह वेदों का सार ज्ञान नहीं समझ सकता, वह अज्ञानी ही रहता है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825