jai Singh Dass
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#सत_भक्ति_संदेश कर्म सत का सौदा जो करै,दम्भ छल छिद्र त्यागै। अपने भाग का धन लहै,परान विष सम लागे ।। अपने जीवन में परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिएं जो अपने भाग्य में धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझे।
सत_भक्ति_संदेश - १८ पयत सदेश छिद्र  सत का सौदा जो करै॰ दम्भ छल त्यागै।  अपने भाग का धन लहै॰ परधन विष सम लागै।। अपने जीवन में परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिएं जो अपने भाग्य में धन लिखा है॰ उसी में संतोष करना चाहिए।  परधन को विष के समान समझे। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SANT RAMPAL SPIRITUAL LEADER SUPREMEGOD ORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL JI MAHARA १८ पयत सदेश छिद्र  सत का सौदा जो करै॰ दम्भ छल त्यागै।  अपने भाग का धन लहै॰ परधन विष सम लागै।। अपने जीवन में परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिएं जो अपने भाग्य में धन लिखा है॰ उसी में संतोष करना चाहिए।  परधन को विष के समान समझे। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SANT RAMPAL SPIRITUAL LEADER SUPREMEGOD ORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL JI MAHARA - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश सुमिरन सुरति - निरति तथा मन व श्वांस (पवन) के साथ स्मरण करने से एक ही नाम जाप से चार युगों तक की गई शास्त्रविरुद्ध मन्त्रों के जाप की भक्ति से भी अधिक फल मिल जाता है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825
सत_भक्ति_संदेश - acciien sllual  ஏ~'` gfaf निर्रात तथा मन ब ۆf- श्वांस (पवन ) के साथ स्मरण करने से एक ही नाम जाप से चार युर्गों तक की गई शार्ख्त्रवरूद्ध मन्त्रों के जा।प की र्भक्ति से भी अधिक फल मिल जाता है। जगतगरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज acciien sllual  ஏ~'` gfaf निर्रात तथा मन ब ۆf- श्वांस (पवन ) के साथ स्मरण करने से एक ही नाम जाप से चार युर्गों तक की गई शार्ख्त्रवरूद्ध मन्त्रों के जा।प की र्भक्ति से भी अधिक फल मिल जाता है। जगतगरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश कबीर, लोकवेद की छोड़ो आशा, अगम ज्ञान का करो विश्वासा। सारनाम का मिले उपदेशा, सतगुरु काटें सकल कलेशा।। शास्त्रविरुद्ध ज्ञान परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि लोकवेद यानि शास्त्रविरुद्ध ज्ञान की आशा छोड़कर अगम यानि आगे का तवज्ञान ग्रहण करो। जब सतगुरु से सारनाम प्राप्त होगा, तब जन्म मरण का सब कष्ट समाप्त हो जाएंगे।
सत_भक्ति_संदेश - शास्त्रविरुद्ध ज्ञान कबीर, लोकवेद की छोड़ो आशा, 3যস হ্ান ক্রা ক্রহী নিংবামা [ सारनाम का मिले उपदेशा, মনযুক ক্রাৎ মকল করলথাা II परमेश्वर कबीर जी ने कहा हैकि लोकवेद यानि शास्त्रविरुद्ध ज्ञान की आशा छोड़कर अगम यानि आगे का तत्वज्ञान ग्रहण करो। जब सतगुरु से सारनाम प्राप्त होगा , तब जन्म-मरण का सब कष्ट समाप्त हो जाएंगे FOUOWUS ONB SALOKASHRAMMUNDKA OFFICIAL SAMUNDIADELI SADELHIMUNDKA शास्त्रविरुद्ध ज्ञान कबीर, लोकवेद की छोड़ो आशा, 3যস হ্ান ক্রা ক্রহী নিংবামা [ सारनाम का मिले उपदेशा, মনযুক ক্রাৎ মকল করলথাা II परमेश्वर कबीर जी ने कहा हैकि लोकवेद यानि शास्त्रविरुद्ध ज्ञान की आशा छोड़कर अगम यानि आगे का तत्वज्ञान ग्रहण करो। जब सतगुरु से सारनाम प्राप्त होगा , तब जन्म-मरण का सब कष्ट समाप्त हो जाएंगे FOUOWUS ONB SALOKASHRAMMUNDKA OFFICIAL SAMUNDIADELI SADELHIMUNDKA - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश पूर्ण परमात्मा को प्राप्त करने के लिए मनमुखी (मनमानी) साधना त्याग कर, पूर्ण सदगुरु को समर्पण कर सच्चे नाम के जाप से ही मोक्ष संभव है नकली नाम के जाप से नहीं। नहीं तो मृत्यु के उपरांत नरक जाएगा।
सत_भक्ति_संदेश - ؟١٧٢ परमात्मा को प्राप्त करने के लिए मनमुखो  पू्ण गुरुदेव (मनमानी ) साधना त्याग कर को समर्पण करने से तथा सच्चे नाम के जाप से हो मोक्ष संभव है, नहों तो  मृत्यु के उपरात नरक जाएगा जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज AMARBODHBOOK WWW.SUPREMECOD.ORG ؟١٧٢ परमात्मा को प्राप्त करने के लिए मनमुखो  पू्ण गुरुदेव (मनमानी ) साधना त्याग कर को समर्पण करने से तथा सच्चे नाम के जाप से हो मोक्ष संभव है, नहों तो  मृत्यु के उपरात नरक जाएगा जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज AMARBODHBOOK WWW.SUPREMECOD.ORG - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश सतलोक कबीर जी ने स्पष्ट कर दिया है किः- कहाँ नाद कहाँ बिन्द ने भाई। नाम भक्ति बिन लोक न जाई ।। भावार्थः- चाहे कोई नाद वाला है, चाहे बिन्द वाला है। यदि नाम की वास्तविक भक्ति है तो सतलोक जा सकेगा।
सत_भक्ति_संदेश - வcப்ஞு कबीर जी ने स्पष्ट कर दिया है किः- कहाँ नाद कहाँ बिन्द ने भाई। नाम भक्ति बिन लोक न जाई।। भावार्थः - चाहे कोई नाद वाला है, चाहे बिन्द वाला है। यदि नाम की वास्तविक भक्ति है तो सतलोक जा सकेगा [ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SatlokShamliup SatlokAshramshamup JagatGuruRampalli.org + வcப்ஞு कबीर जी ने स्पष्ट कर दिया है किः- कहाँ नाद कहाँ बिन्द ने भाई। नाम भक्ति बिन लोक न जाई।। भावार्थः - चाहे कोई नाद वाला है, चाहे बिन्द वाला है। यदि नाम की वास्तविक भक्ति है तो सतलोक जा सकेगा [ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SatlokShamliup SatlokAshramshamup JagatGuruRampalli.org + - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश वाणी बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों जिवत हैं प्राण। भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण।। भावार्थ:- परमात्मा कबीर जी कह रहे हैं कि हे भोले मानव ! मुझे आश्चर्य है कि बिना गुरू से दीक्षा लिए किस आशा को लेकर जीवित है।
सत_भक्ति_संदेश - =0 AUHDA वाणी बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों जिवत हैं प्राण। भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण। | भावार्थः- परमात्मा कबीर जी कह रहे हैंकि हे भोले मानव! मुझे आश्चर्य हैकि बिना गुरू से दीक्षा लिए किस आशा को लेकर जीवित है।न तो शरीर तेरा है यहभी त्यागकर जाएगा। फिर सम्पत्ति आपकी कैसे है२ जिनको यह विवेक नहीं किभक्ति बिना जीव का कहीं भी ठिकाना नहीं है तो वे नर यानि मानव नहीं हैंवे तो पत्थर हैं। बुद्धि पर पत्थर गिरे हैंl उनकी संत रामपाल जी महाराज Follow us Oni 540A5DOUH SAMUNDKADELHI SADELHIMUNDKA =0 AUHDA वाणी बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों जिवत हैं प्राण। भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण। | भावार्थः- परमात्मा कबीर जी कह रहे हैंकि हे भोले मानव! मुझे आश्चर्य हैकि बिना गुरू से दीक्षा लिए किस आशा को लेकर जीवित है।न तो शरीर तेरा है यहभी त्यागकर जाएगा। फिर सम्पत्ति आपकी कैसे है२ जिनको यह विवेक नहीं किभक्ति बिना जीव का कहीं भी ठिकाना नहीं है तो वे नर यानि मानव नहीं हैंवे तो पत्थर हैं। बुद्धि पर पत्थर गिरे हैंl उनकी संत रामपाल जी महाराज Follow us Oni 540A5DOUH SAMUNDKADELHI SADELHIMUNDKA - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश कबीर कमाई आपनी, कबहु ना निष्फल जाय। सात समुद्र आडे पड़ो, मिले अगाऊ आय॥ कबीर परमेश्वर जी ने कहा कि अपनी भक्ति की मजदूरी (कमाई) कभी व्यर्थ नहीं जाती, चाहे कितनी बाधाऐं आ जायें। वह अवश्य मिलती है।
सत_भक्ति_संदेश - कबीर कमाई आपनी , कबहु ना निष्फल नाय सात समुद्र आडे पड़ो, मिले अगाऊ आय ।। कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि अपनी भक्ति की मजदूरी (कमाई ) कभी व्यर्थ नहीं जाती , चाहे कितनी बाधाऐं आ जाये। वह अवश्य मिलती है। Visit Our Website jogotgururompolji.org WWW FOLLOW ISON 8 SAILOKASHRAMMUNDKA OFFICIAL SAMUNDKADELHI SADELHIIMUNDKA कबीर कमाई आपनी , कबहु ना निष्फल नाय सात समुद्र आडे पड़ो, मिले अगाऊ आय ।। कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि अपनी भक्ति की मजदूरी (कमाई ) कभी व्यर्थ नहीं जाती , चाहे कितनी बाधाऐं आ जाये। वह अवश्य मिलती है। Visit Our Website jogotgururompolji.org WWW FOLLOW ISON 8 SAILOKASHRAMMUNDKA OFFICIAL SAMUNDKADELHI SADELHIIMUNDKA - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश भक्ति बीज होवे जो हंसा तारु तास के एकोत्तर वंशा कबीर साहेब की भक्ति करने वाले की एक सौ एक पीढ़ी पार होगी। आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे।
सत_भक्ति_संदेश - भक्ति बीज ٤١٦٨٤٤٢ तारू ೊz ಹ एकोत्तर वंशा कबीर साहेब की भक्ति करने वाले की एक सौ एक पीढ़ी पार होगी | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज F0110 1 For Mor e SATLOK ASHRAM INDORE भक्ति बीज ٤١٦٨٤٤٢ तारू ೊz ಹ एकोत्तर वंशा कबीर साहेब की भक्ति करने वाले की एक सौ एक पीढ़ी पार होगी | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज F0110 1 For Mor e SATLOK ASHRAM INDORE - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश संत के सामने यह मन भाग जाता है और ये आत्मा ऊपर आ जाती है क्योंकि परमात्मा आत्मा का साथी है। "अन्तर्यामी एक तू आत्म के आधार ।" आत्मा का आधार कबीर भगवान है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825
सत_भक्ति_संदेश - CCl2ಲ নূল H2e  संत के सामने यह मन भाग जाता है और ये आत्मा ऊपर आ जाती है क्योंकि परमात्मा आत्मा का साथी है। अन्तर्यामी एक तू आत्म के आधार[ आत्मा का आाधार कबीर भगवान है। जगतगरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज @SatlokBetul_ @SatlokAshramBetul @Satlok Ashram_Betul CCl2ಲ নূল H2e  संत के सामने यह मन भाग जाता है और ये आत्मा ऊपर आ जाती है क्योंकि परमात्मा आत्मा का साथी है। अन्तर्यामी एक तू आत्म के आधार[ आत्मा का आाधार कबीर भगवान है। जगतगरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज @SatlokBetul_ @SatlokAshramBetul @Satlok Ashram_Betul - ShareChat
#सत_भक्ति_संदेश बिना गुरु के किया गया नाम जाप व दिया गया दान निष्फल होता है। कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान। गुरू बिन दोनों निष्फल हैं, पूछो वेद पुराण ।। अर्थात कबीर जी ने कहा है कि गुरु बिन नाम स्मरण करना व दान देना व्यर्थ है। अपने वेदों व पुराणों में पढ़ लो यही लिखा है।
सत_भक्ति_संदेश - EIOH 7777 बिना गुरू के किया गया नाम जाप व दिया गया दान निष्फल होता है। गुरू बिन माला फेरते , गुरू बिन देते दान। कबीर ' गुरू बिन दोनों निष्फल हैं पूछो वेद पुराणा। अर्थात् कबीर जी ने कहा है कि गुरू बिन नाम स्मरण करना व दान देना व्यर्थ है। अपने वेदों व पुराणों में पढ लो यही लिखा है FOLLOW US ON : SATLOK ASHRAM MUNDKA OFFICIAL SANUNDKADELHI SADELHIMUNDKA EIOH 7777 बिना गुरू के किया गया नाम जाप व दिया गया दान निष्फल होता है। गुरू बिन माला फेरते , गुरू बिन देते दान। कबीर ' गुरू बिन दोनों निष्फल हैं पूछो वेद पुराणा। अर्थात् कबीर जी ने कहा है कि गुरू बिन नाम स्मरण करना व दान देना व्यर्थ है। अपने वेदों व पुराणों में पढ लो यही लिखा है FOLLOW US ON : SATLOK ASHRAM MUNDKA OFFICIAL SANUNDKADELHI SADELHIMUNDKA - ShareChat