sn vyas
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7 hours ago
🧘|| तन व मन की स्वस्थता ही योग है ||🧘 सामान्य अर्थों में शरीर को निरोग बनाने की प्रक्रिया विशेष ही योग कहलाती है, जिसे व्यायाम भी कहा जाता है। व्यायाम हमें उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करता है एवं उत्तम स्वास्थ्य से ही दीर्घायु जीवन व बलिष्ठ शरीर की प्राप्ति होती है और इन सभी के संयोग से ही मनुष्य को जीवन में परम सुख की प्राप्ति होती है। स्वस्थ शरीर से ही जीवन के सभी कार्य सिद्ध होते हैं। व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखं। आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थ साधनम्।। योग शब्द का विस्तार करते हुए शास्त्रों ने बताया कि केवल तन की स्वस्थता का नाम योग नहीं है अपितु तन और मन की स्वस्थता ही योग है। स्वस्थ मन ही उस परम सत्ता से किसी जीव का योग कराने वाला होता है और उस परम सत्ता से योग ही जीवन की परिपूर्णता भी है। योग का सीधा सा अर्थ होता है जुड़ना। व्यक्ति से, परिवार से, समाज से, वंचितों से, दीन-दुःखियों से, असहायों से और स्वयं के साथ-साथ स्वयंभू से अर्थात् उस परम सत्ता से जुड़ना ही योग है। अंतर्राष्ट्रीय #योगदिवस 21 जून की समस्त विश्व को अनंत शुभकामनाएं एवं बधाई। *जय श्री राधे कृष्ण ⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥⛓️‍💥 #🧘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस🧘‍♂️🤸 #🌗साल का सबसे लंबा दिन🌏☀️