neelam singhal
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1 days ago
एक बार यशोदा माँ यमुना मे दीप दान कर रही थी, वो पत्ते मे दीप रखकर प्रवाह कर रही थी, उन्होंने देखा कि कोई दीप आगे नहीं जा रहा, ध्यान से देखा तो कान्हा जी एक लकडी लेकर जल से सारे दीप बाहर निकाल रहे थे तो माँ कहती है "लल्ला तू ये का कर रहो है? कान्हा कहते है "मैया, ये सब डूब रहे थे तो मै इन्हे बचा रहा हूँ। माँ ये सब सुनकर हँसने लगी और बोली लल्ला, तू केको केको बचायेगा? ये सुनकर कान्हा जी ने बहुत सुन्दर जवाब दिया- माँ मैने सबको ठेको थोडी न ले रखो है, जो मेरी ओर आएंगे उनको बचाऊंगा इसलिये हमेशा भगवान के सम्पर्क में रहें #🙏गीता ज्ञान🛕