માલાભાઈ(દિલિપ)બારડ
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1 days ago
एक लाख ब्राह्मणों का कत्ल भुला दिया गया...।।।। 31 जनवरी से 3 फरवरी 1948 तक पुणे में हुए चित्पावन ब्राहमणों के सामूहिक नर#सं#हार को आज भारत के 99% लोग संभवत: भुला चुके होंगे, कोई आश्चर्य नही होगा मुझे यदि कोई मित्र भी इस बारे में साक्ष्य या प्रमाण मांगने लगे l सोचने का गंभीर विषय उससे भी बड़ा यह कि उस समय न तो मोबाइल फोन थे, न पेजर, न फैक्स, न इंटरनेट… अर्थात संचार माध्यम इतने दुरुस्त नहीं थे, परन्तु फिर भी नेहरु ने इतना भयंकर रूप से यह नरसंहार करवाया कि आने वाले कई वर्षों तक चित्पावन ब्राह्मणों को घायल करता रहा l राजनीतिक रूप से भी देखें तो यह कहने में कोई झिझक नही होगी मुझे कि जिस महाराष्ट्र के चित्पावन ब्राह्मण सम्पूर्ण भारत में धर्म तथा राष्ट्र की रक्षा हेतु सजग रहते थे… उन्हें वर्षों तक सत्ता से दूर रखा गया, अब 67 वर्षों बाद कोई प्रथम चित्पावन ब्राह्मण देवेन्द्र फडनवीस के रूप में मनोनीत हुआ है l हिंदूवादी संगठनों द्वारा मैंने पुणे में कांग्रेसी अहिंसावादी आतंकवादियों के द्वारा चितपावन ब्राह्मणों के नरसंहार का मुद्दा उठाते कभी नही सुना । मैं सदैव सोचता था कि यह विषय 7 दशक पुराना हो गया है इसलिए नही उठाते होंगे। परन्तु जब जब गाँधी वध का विषय आता है समाचार चेनलों पर, तब भी मैंने किसी भी हिंदुत्व का झंडा लेकर घूम रहे किसी भी नेता को इस विषय का संज्ञान लेते हुए नही पाया l क्या चित्पावन ब्राहमण, संघ परिवार या बीजेपी की हिंदुत्व की परिभाषा के दायरे में नही आते…?? या इसलिये कि वे हिदू महासभाई थे...?? या हिन्दू के नरसंहार वही मान्य होंगे जो मुसलमानों या ईसाईयों द्वारा किये गये होंगे ?? ...फिर वो भले कांग All indian karadiya rajput का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App https://primetrace.com/group/12541/post/1186157560?utm_source=android_post_share_web&referral_code=VFK2S&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING #👌બેસ્ટ સ્ટેટ્સ📱 #✒ રાજકારણ અપડેટ્સ #📱વ્હોટ્સએપ સ્ટેટ્સ📱