ज़रा सोचो — किसी मुश्किल दिन में आप किसके पास बैठना चाहते हो? उस इंसान के पास नहीं, जो हर गलती गिनाए, हर दर्द बताए, ज़िंदगी कितनी अन्यायपूर्ण है ये कहता रहे। आप उसके पास बैठना चाहते हो, जिसकी आँखों में, सब कुछ होते हुए भी, अब भी शांति बसी हो।
शिकायतें सिर्फ ज़ुबान से नहीं निकलतीं — वो माहौल में भी एक बोझ छोड़ जाती हैं। सामने वाला बोलने से पहले ही थक जाता है।
पर जिस हृदय ने शिकायत करना छोड़ दिया हो, वो कुछ दुर्लभ बन जाता है — एक शांत आश्रय। लोगों को पता नहीं चलता कि उनके पास हल्कापन क्यों महसूस होता है, बस इतना पता होता है कि वहाँ से जाने का मन नहीं करता।
क्योंकि शांति पास खींचती है।
शिकायतें दूर धकेलती हैं।
प्यार पाने के लिए दुनिया को ठीक करने की ज़रूरत नहीं।
बस शिकायत करना छोड़ देना ही काफी है। 🤍
#📃लाइफ कोट्स ✒️