#राधे कृष्ण
ब्रजभूमि में आओ तो चोर से बचकर आना
संसार का सबसे बड़ा चोर हमारा नंदलाला है। ऐसा कोई चोर ही नहीं हुआ। गोपियों का रोज-रोज माखन खा जाते थे तो गोपियों ने एक दिन पंचायत की। एक गोपी बोली कि मैं पकड़ के दिखाऊंगी, मेरा भी नाम नहीं, अगर कृष्ण को पकड़ के न दिखा दूं। कई दिनों तक छिप-छिपकर पीछा करती रहीं और आखिरकार एक दिन उनका दाव लग ही गया। श्रीकृष्ण एक गोपी के घर में घुस गए और माखन सहित मीठा-मीठा दही खाने और फैलाने लगे। फिर क्या था सभी गोपियों ने एकजुट होकर माखन चोर कृष्ण को रंगे हाथ पकड़ लिया। बीच दरवाजे पर गोपी खड़ी है कि भाग न सके पर चोर भी बड़ा होशियार है। श्री कृष्ण बोले- "तू खड़ी रह, पहले मैं अपना माखन तो खा लूं।" गोपी बोली! अब तुम बचकर अपने घर नहीं जा पाओगे। इतने में श्रीकृष्ण ने एक चालाकी की और अपने मुख में दूध भर दरवाजे की ओर दौड़े, जैसे ही गोपी पकड़ने आयी तो उसकी आँखों पर जोर से कुल्ला कर दिया। गोपी ने आँखें मली तो देखा वह तो पीछे से निकल गया और बाहर जाकर किलकारी करके कहने लगे कि ले पकड़ ले, पकड़ ले।
बल्लभाचार्य जी लिखते हैं कि गोपियां कहती हैं कि कृष्ण तुम चोर हो, तुम माखन चोर हो। माखन चोर ही नहीं तुम चितचोर भी हो। चित चोर ही नहीं चीर चोर भी हो। चीर चोर ही नहीं पाप चोर भी हो, शरणागत के तुम पाप चुरा लेते हो। पता नहीं तुम और क्या-क्या चोर हो?
साभार~ पं देव शर्मा🔥