#💐वट सावित्री व्रत 🙏🏼 #वट सावित्री व्रत 🙏🙏 #वट सावित्री व्रत #🙏वट सावित्री पूजा विधि एवं मुहूर्त 🌟
🌳 वट सावित्री व्रत 2026
✨ पूजा विधि, शुभ मुहूर्त एवं महत्व ✨
भारतीय संस्कृति में वट सावित्री व्रत को पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का पावन पर्व माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा कर माता सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती हैं।
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🌺 वट सावित्री व्रत का महत्व
पौराणिक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, प्रेम और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।
🌿 बरगद का पेड़ लंबी आयु, स्थिरता और अमरता का प्रतीक माना जाता है।
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🕉️ पूजा का शुभ मुहूर्त (2026)
☀️ व्रत तिथि: ज्येष्ठ अमावस्या
🌅 पूजा का श्रेष्ठ समय: प्रातःकाल से दोपहर तक
🌳 बरगद पूजा का शुभ समय: सुबह स्नान के बाद
(स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।)
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🌸 वट सावित्री व्रत पूजा विधि
✨ पूजा सामग्री
रोली, अक्षत, फूल
सूत या कच्चा धागा
जल से भरा लोटा
दीपक, अगरबत्ती
फल एवं मिठाई
सावित्री-सत्यवान की कथा पुस्तक
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🌿 पूजा करने की विधि
1️⃣ प्रातः स्नान करें
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2️⃣ व्रत का संकल्प लें
भगवान विष्णु एवं माता सावित्री का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
3️⃣ बरगद के पेड़ की पूजा करें
वट वृक्ष में जल अर्पित करें, रोली-अक्षत चढ़ाएं और दीपक जलाएं।
4️⃣ धागा बांधें
बरगद के पेड़ की परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेटें।
5️⃣ कथा सुनें
सावित्री और सत्यवान की पवित्र कथा सुनें या पढ़ें।
6️⃣ आरती करें
पूजा के अंत में आरती कर परिवार के सुख और पति की लंबी आयु की कामना करें।
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🌼 व्रत के विशेष नियम
✅ क्रोध और गलत शब्दों से बचें
✅ श्रद्धा और शांति से पूजा करें
✅ जरूरतमंदों को दान दें
✅ परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें
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🌟 सुंदर संदेश
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“सावित्री के प्रेम, विश्वास और तप की शक्ति
हर दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और लंबी आयु लाए।”
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🙏 शुभ वट सावित्री व्रत 🙏