*प्रश्नः-ज्ञान सुनते हुए भी उसकी धारणा क्यों नहीं होती है?*
उत्तर:-क्योंकि विचार सागर मंथन करना नहीं आता है। बुद्धियोग देह और देह के सम्बंधों में लटका हुआ है। पहले जब बुद्धि से मोह निकले, तब कुछ धारणा भी हो। मोह ऐसी चीज़ है, जो एकदम बन्दर बना देता है इसलिए देह सहित, देह के सब सम्बन्धों को भूलो और ज्योति बिंदु शिव को मन ही मन
#📃लाइफ कोट्स ✒️ याद करो।