#राधे-राधे
जै-जै तरनि-सुता सुखदानी ।
जै जमुना कल कूल रवानी ।।
जै कालिन्दी कलि मल हरनी ।
जै जमुना जम-त्रासन दवनी ।।
जै जमुना इच्छा वर देही ।
जै जमुना तापनि हरि लेही ।।
जै जमुना चित निर्मल करै ।
जै जमुना सब संशै हरै ।।
जै जमुना हरि-भक्ति प्रकासनि ।
जै जमुना रस-भक्ति बढावन ।।
जै जमुना अलि-भाव-भरी है ।
श्रीराधा पद सेवत नित है ।।
जै जमुना राधा की सखी ।
जै जमुना हरि प्यारी लखी ।।
जै जमुना रसिकनि की सम्पत्ति ।
जै जमुना बिहरत जहँ दम्पति ।।
जै जमुना सुदृष्टि मम कीजै ।
जुगल किशोर-चरन-रति दीजै ।।
```श्याम सुंदर श्रीयमुने महारानी की जय ।।```
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