jai Singh Dass
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23 hours ago
#सत_भक्ति_संदेश सतलोक कबीर जी ने स्पष्ट कर दिया है किः- कहाँ नाद कहाँ बिन्द ने भाई। नाम भक्ति बिन लोक न जाई ।। भावार्थः- चाहे कोई नाद वाला है, चाहे बिन्द वाला है। यदि नाम की वास्तविक भक्ति है तो सतलोक जा सकेगा।