M Bangar
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4 days ago
♦️ गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में नानक जी ने कहा है: फाही सुरत मलूकी वेस, उह ठगवाड़ा ठगी देस।। खरा सिआणां बहुता भार, धाणक रूप रहा करतार।। गुरुनानक देव जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उसी परमात्मा को काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर कहा था कि लोगों यह धाणक (जुलाहा) करतार यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान है।#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है #SantRampalJiMaharaj #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #Kashi banaras up vedas KabirisGod Kabir sanatandharma bhagavadgita #🎓जनरल नॉलेज #✝️चर्च प्रेयर⛪️