sn vyas
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4 days ago
#भक्ति ' कैसी भक्ति प्रभु को प्रिय !! ' (सच्ची और निष्काम भक्ति प्रभु को प्रिय) जिस जीव में सच्ची और निष्काम भक्ति हो हमें वैसे जीव से ही रिश्ता बनाना चाहिए और वैसे व्यक्ति से ही रिश्ता रखना चाहिए । जिस किसी की भक्ति स्वार्थ की हो या ढोंगी हो उनसे हमें सावधान रहना चाहिए । क्योंकि ऐसे स्वार्थी और ढोंगी का संग करने से हमारी सच्ची और निष्काम भक्ति भी प्रभावित होती है । ऐसे में हमारी सच्ची और निष्काम भक्ति का पतन हो सकता है और वह क्षीण पड़ सकती है । इसलिए हमें सदैव सावधान रहना चाहिए और सच्ची और निष्काम भक्ति करने वाले का ही जीवन में संग करना चाहिए । ऐसा इसलिए कि सच्ची और निष्काम भक्ति ही प्रभु को सबसे प्रिय है और प्रभु ऐसी भक्ति करने वाले की बाट जोहते हैं । इसलिए जीवन में सच्ची और निष्काम भक्ति ही करनी चाहिए और ढोंगी और स्वार्थी भक्तों से बचना चाहिए । ।। जय श्रीकृष्ण ।। .