Manisha Patel
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1 days ago
The Bharat Live 🇮🇳 on Instagram: "Delhi high court news update यदि सास बहू के साथ शारीरिक या मानसिक क्रूरता करती है, तो उसे भारतीय कानून (भारतीय न्याय संहिता - BNS या पूर्व में IPC की धारा 498A) के तहत जेल हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, अगर सास जानबूझकर बेटे-बहू के बीच विवाद पैदा करती है या मानसिक प्रताड़ना देती है, तो उसे आपराधिक और दीवानी दोनों मामलों का सामना करना पड़ सकता है। कानून और अदालत के रुख को समझने के लिए कुछ मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं: क्रूरता (Cruelty) और सज़ा: यदि सास पर बहू को प्रताड़ित करने का दोष साबित हो जाता है, तो उसे IPC धारा 498A (अब BNS में समाहित) के तहत 3 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्टीकरण: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी तीसरा व्यक्ति (जिसमें सास भी शामिल है) जानबूझकर वैवाहिक जीवन में दखल देकर शादी को तोड़ने की कोशिश करता है, तो पीड़ित पक्ष 'एलियनिएशन ऑफ अफेक्शन' (Alienation of Affection) के तहत दीवानी मुकदमा (Civil Suit) कर सकता �"
2,398 likes, 54 comments - the_bharatlive on June 5, 2026: "Delhi high court news update यदि सास बहू के साथ शारीरिक या मानसिक क्रूरता करती है, तो उसे भारतीय कानून (भारतीय न्याय संहिता - BNS या पूर्व में IPC की धारा 498A) के तहत जेल हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, अगर सास जानबूझकर बेटे-बहू के बीच विवाद पैदा करती है या मानसिक प्रताड़ना देती है, तो उसे आपराधिक और दीवानी दोनों मामलों का सामना करना पड़ सकता है। कानून और अदालत के रुख को समझने के लिए कुछ मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं: क्रूरता (Cruelty) और सज़ा: यदि सास पर बहू को प्रताड़ित करने का दोष साबित हो जाता है, तो उसे IPC धारा 498A (अब BNS में समाहित) के तहत 3 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्टीकरण: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्
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