सुशील मेहता
535 views
2 days ago
वरुधिनी एकादशी वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। यह सबसे शुभ और कल्याणकारी एकादशी है। यह व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से सूर्य ग्रहण के समय स्वर्ण दान करने से फल प्राप्त होता है।शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक इस एकादशी (Ekadashi) का व्रत करता है, उसे पुण्य फल प्राप्त होता है और वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान वामन की पूजा और अर्चना की जाती है, जो भगवान विष्णु के अवतार हैं। ऐसा माना जाता है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से विभिन्न बुराइयों से व्यक्ति सुरक्षित हो जाता है। जिन लोगों के जीवन में मृत्यु तुल्य कष्ट बना हुआ है, उन्हें इस व्रत को करने से बहुत लाभ प्राप्त होता है और कष्ट दूर होता है। ऐसा कहा जाता है, कि जिन लोगों को यमराज से डर लगता है, उन्हें वरुथिनी एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। इस व्रत को करने से उनके सारे डर दूर भाग जाते हैं। इस दिन व्रती भूखे रहकर भगवान विष्णु की पूजा आराधना करते हैं। वरुथिनी एकादशी व्रत की कथा : भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के निवेदन करने पर इस एकादशी व्रत की कथा और महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में रेवा नदी (नर्मदा नदी) के तट पर अत्यन्त दानशील और तपस्वी मान्धाता नामक राजा का राज्य था। दानवीर राजा जब जंगल में तपस्या कर रहा था। उसी समय जंगली भालू आकर उसका पैर चबाने लगा और साथ ही वह राजा को घसीट कर वन में ले गया। ऐसे में राजा घबराया और तपस्या धर्म का पालन करते हुए उसने क्रोधित होने के बजाय भगवान विष्णु से प्रार्थना की। तपस्वी राजा की प्रार्थना सुनकर भगवान श्री हरि वहां प्रकट हुए़ और सुदर्शन चक्र से भालू का वध कर दिया, परंतु तब तक भालू राजा का एक पैर खा चुका था। इससे राजा मान्धाता बहुत दुखी थे। भगवान श्री हरि विष्णु ने राजा की पीड़ा और दु:ख को समझकर कहा कि पवित्र नगरी मथुरा जाकर तुम मेरी वाराह अवतार के विग्रह की पूजा और वरूथिनी एकादशी का व्रत करो। इस व्रत के प्रभाव से भालू ने तुम्हारा जो पैर काटा है, वह ठीक हो जाएगा। तुम्हारा इस पैर की यह दशा पूर्वजन्म के अपराध के कारण हुई है।भगवान श्रीहरि विष्णु की आज्ञा मानकर राजा पवित्र पावन नगरी मथुरा पहुंच गए और पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इस व्रत को किया जिसके चलते उनका खोया हुआ पैर उन्हें पुन: प्राप्त हो गया। और वह फिर से सुन्दर अंग वाला हो गया। #शुभ कामनाएँ 🙏