मैं भी कितना नादान हूँ...
व्यस्त होता हूँ तो याद करना भूल जाता हूँ...
बुराई करूँ तो अंजाम भूल जाता हूँ...
भोजन करने के बाद धन्यवाद कहना भूल जाता हूँ...
सफर पर जाऊँ तो प्रार्थना भूल जाता हूँ...
भले ही मैं अपनी औकात भूल जाउ, फिर भी कितना दया का सागर है मेरे प्रभुजी, वह अपनी कृपा द्रष्टि रखना नहीं भूलते...
🙏🙏जय श्रीराधे कृष्णा जी 🙏🙏
🌺🌺 सुप्रभात 🌺🌺 #🖊 एक रचना रोज़ ✍