खुद के पैगाम पर… अकेला ही चल पड़ा हूँ मैं 🚶♂️
मंज़िल कहाँ है… ये तो पता नहीं 😌
पर सफ़र से मोहब्बत हो गई है अब 💫❤️
रास्ते धुंधले हैं, मंज़िल अनजानी है 🌫️
फिर भी कदम रुकते नहीं… क्योंकि
मेरा काम है चलना… और मैं चले जा रहा हूँ 🚶♂️🔥
कभी गिरूँगा, कभी संभलूँगा 💔➡️💪
पर रुकना अब मेरी आदत नहीं 😎
#🌷शुभ रविवार#🙏Motivational डायलॉग💬#💓 मोहब्बत दिल से#✍मेरे पसंदीदा लेखक#❤️Love You ज़िंदगी ❤️