Mukesh Sharma
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9 hours ago
*जीवन स्वयं एक उत्सव है। हम इसे शिकवा-शिकायतों का श्मशान क्यों बनाएं?? जीवन के हर पल और हर सांस को मुस्कान का माधुर्य देते रहे जिससे हमारा अस्तित्व सूखा बाँस नहीं, सुख की बाँसुरी बने, जो देती रहे हमें शांति और आनंद का संगीत* *बाकी:- धुआं लकड़ी का हो, या यादों का आँखे तो जलती ही हैं...* #☝अनमोल ज्ञान #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी