विश्व रचनात्मक व नवाचार दिवस
हर साल 21 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व रचनात्मकता और नवाचार दिवस (World Creativity and Innovation Day) मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नवाचार और रचनात्मकता के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करता है। इस दिवस का उद्देश्य विश्व भर में रचनात्मकता की संसकृति को बनाए रखना है। विश्व समुदाय का मानना है कि रचनात्मकता ही विश्व की सबसे अनमोल निधि है। जिसके सहारे हम अपनी सतत विकास की रफ्तार को बनाए रख सकते हैं। हिंसा और वैमनस्य के दौर में रचनात्मकता ही है जो विश्व को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती है। इस रचनात्मकता की शुरूआत घर से ही होती है। होनी भी चाहिए। मिट्टी, रंग, कपड़ा, कागज, पेड़ …. वह कुछ भी जिसे हम आप देख सकते हैं, छू सकते हैं रचनात्मकता के सांचे में ढल कर और सुंदर हो जाता है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि बच्चों में यह रचनात्मकता बनी रहे। इसके लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।बच्चे के रचनात्मक विकास के लिए ज़रूरी है कि अपने मन का काम करते समय उसे टोका न जाए और न ही गाइड किया जाए। टोका-टाकी और ज़्यादा सुझाव उसकी कल्पनाशक्ति को प्रभावित करते हैं। किसी भी बच्चे के सतत विकास के लिए रचनात्मकता का होना बहुत जरूरी है। इसे इस तरह भी कहा जा सकता है कि बच्चे की रचनात्मकता ही उसके विकास का संकेत देती है। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बच्चे ही इसमें बेहतर योगदान कर सकते हैं। पर कई बार पेरेंट्स और टीचर्स की गलती से बच्चों की यह रचनात्मकता बाधित होती है। बच्चे के रचनात्मक विकास के लिए ज़रूरी है कि अपने मन का काम करते समय उसे टोका न जाए और न ही गाइड किया जाए। टोका-टाकी और ज़्यादा सुझाव उसकी कल्पनाशक्ति को प्रभावित करते हैं। आपकी भूमिका बच्चे को सिर्फ़ सामान ख़रीदकर देने तक होनी चाहिए। अगर उसे ड्रॉइंग करने में मज़ा आता है तो पेंसिल-रबर, ड्रॉइंग बुक, स्केचपैन, पेंसिल कलर, आदि उसे ख़रीद कर दें। लिखने में रुचि है तो अच्छी किताबें ला कर दें। वह जो करना चाहता है उसे करने दें। जब हम बच्चों को बहुत ज्यादा गाइड करने लगते हैं तो अनजाने ही हम उसकी रचनात्मकता का रास्ता रोक देते हैं।
#जागरूकता दिवस