1. आरोप: सोमेश, गोपाल राव के भतीजे हैं।
प्रतिवाद: यह आरोप पूर्णतः गलत है। संबंधित व्यक्ति का नाम “गोपाल” है, “गोपाल राव” नहीं। परिवार के अभिलेखों से स्पष्ट है कि उनका उपनाम “नगरकट्टे” है। अतः यह पूर्णतः स्पष्ट है कि न तो सोमेश, गोपाल जी के भतीजे हैं और न ही उनका नाम गोपाल राव है।
2. आरोप: सोमेश 50 बार कर्नाटक गए हैं।
प्रतिवाद: यह बिना किसी प्रमाण एवं साक्ष्य के लगाया गया निराधार आरोप है। वास्तविकता यह है कि उन्होंने 5 से अधिक बार कर्नाटक की यात्रा नहीं की है, जिसके यात्रा अभिलेख भी उपलब्ध हैं।
3. आरोप: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंदिर दौरे के दौरान चंपत राय जी को किनारे रखा गया।
प्रतिवाद: यह पूरी तरह गलत एवं भ्रामक जानकारी है। जिला मजिस्ट्रेट के पत्र में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। पत्र में केवल उनके दौरे के दौरान एक प्रतिनिधि नियुक्त करने का अनुरोध किया गया था, जो एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसका मीडिया द्वारा लगाए गए आरोपों से कोई संबंध नहीं है।
4. आरोप: एसआईटी ने ट्रस्टियों को अयोध्या छोड़ने से मना कर दिया है।
प्रतिवाद: यह आरोप असत्य है। ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है जो ट्रस्टियों को अयोध्या छोड़ने से प्रतिबंधित करता हो। तथ्य यह है कि गोपाल जी ने अपनी पूर्व-निर्धारित यात्रा योजना के संबंध में एसआईटी के सभी सदस्यों को पूर्व सूचना दी थी। अतः एसआईटी द्वारा उनकी आवाजाही पर रोक लगाने की बात पूरी तरह भ्रामक है।
5. आरोप: चंदन राय, चंपत जी के भतीजे हैं।
प्रतिवाद: यह तथ्यात्मक रूप से गलत एवं निराधार दावा है। चंपत जी के परिवार के सदस्यों ने इस कथित रिश्ते का खंडन किया है। साथ ही, चंपत जी के भाई द्वारा भी मीडिया को पत्र लिखकर इस संबंध से स्पष्ट रूप से इनकार किया गया है, किंतु आज तक उस पर कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
6.आरोप: तीर्थ क्षेत्र भवन के स्वामित्व को लेकर।
प्रतिवाद: यह तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक जानकारी है। यह उल्लेखनीय है कि तीर्थ क्षेत्र भवन का स्वामित्व श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास है। गोपाल जी, अन्य कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की भाँति, केवल वहां निवास करते हैं और उक्त संपत्ति के स्वामी नहीं है
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