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दिल चाहता है फिर एक अहसान ले ले तू
फिर इश्क कर के दर्द का तूफान ले ले तू
छुपा के गम पुराने सभी मोहब्बत के तुम
झूठी सही लबो पे ये मुस्कान ले ले तू
आ जायेगा युँ चहरे पे तेरे निखार वो
हाथो में हाथ थाम के गुलदान ले ले तू
कब तक बिताएगा युँ उदासी में ज़िन्दगी
इस ज़िन्दगी में जीने का सामान ले ले तू
जिन्हें है ज़िन्दगी पे तेरी रस्क होने दो
लगती है राहें तुम्हे जो आसान ले ले तू
कट जायेगी फिर तेरी खुशहाल ज़िन्दगी
दिल मे बसा के कोई ,तो अरमान ले ले तू
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
10/11/2017
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