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15 घंटे पहले
2122 1212 22/112 हुई मुझसे बता खता क्या है और किस्मत में अब लिखा क्या है लुट गई ज़िन्दगी की हर खुशी पास अब मेरे ओ बचा क्या है इक चिंगारी सुलग रही दिल में पूछते हो मुझ से जला क्या है ना दवा काम आई , ना दुआ ऐ खुदा अब तेरी रज़ा क्या है मंजिलें तो नज़र नही आती अब धुंध में दिख रहा धुआँ क्या है बस यहीं तक रहा सफर यारो पूछ मत मर्जे दिल हुआ क्या है ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 20/1/2018 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️
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609 ने देखा
1 दिन पहले
212 212 212 212 लोग आते रहे , लोग जाते रहे जख्म खा कर भी हम मुस्कराते रहे दो घड़ी साथ तो कोई बैठा नहीं बस सलीके हमें सब सिखाते रहे रह गई बोझ बन कर मेरी ज़िंदगी दर्द अपना जिगर में छुपाते रहे देख पाये न वो जख्म दिल के मेरे चोट पर चोट दिल पे लगाते रहे ढाल कर दर्द गीतों में उनके लिए गैर की बज्म में गुन गुनाते रहे दर्द दिल का मेरे पढ़ सके न जो वो लेख किस्मत का हम को पढ़ाते रहे ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 14/11/2017 #📜मेरी कलम से✒️ #✒ शायरी #💝 शायराना इश्क़ #शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह
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589 ने देखा
2 दिन पहले
2122 1212 22/112 ज़िन्दगी में सब से खास है वो हर घड़ी मेरे आस पास है वो धड़कनों में है वो मेरे बसता ज़िन्दगी की मेरे शुवास है वो मन के आकाश पर है छाया जो ज़िन्दगी की मेरी तलास है वो फिरअड़ा जिदपे दिल मेरा यारा जाने क्यूँ आज बद हवास है वो झड़ते है फूल उनके बातों से हर्फ दर हर्फ बस मिठास है वो तिश्नगी खूब है मेरी यारो सुकूँ दिल का लबे प्यास है वो ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 29/10/2017 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️
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660 ने देखा
3 दिन पहले
2122 2122 212 आँख में अश्को के धारे हो गये दूर हम से सब किनारे हो गये हमने चाहा था दिलो जाँ से जिसे वो खुदा को मेरे प्यारे हो गये अब न उम्मीदें रहीं ना आरजू ख्वाब मेरे सब तुम्हारे हो गये सामने हो कर मेरी आँखों के भी गुम निगाहों से नजारे हो गये ज़िन्दगी में मेरे भर कर अंधेरे आसमाँ के वो सितारे हो गये बद नसीबी रोकता कैसे भला गर्दिशों में सब ही तारे हो गये चार दिन की चाँदनी थी ज़िन्दगी अपने ही किस्मत के मारे हो गये युँ छुड़ा कर हाथ हाथो से मेरे अपने गैरो के सहारे हो गये ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 22/1/2018 #📜मेरी कलम से✒️ #✒ शायरी #💝 शायराना इश्क़ #शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह
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651 ने देखा
6 दिन पहले
212 212 212 22 हाल- ऐ -दिल बताए नही जाते दर्द दिल के दिखाए नही जाते दर्द का यार कुछ तो सबब होगा अश्क यूँ तो बहाए नही जाते दरमियाँ जो दिलो के हुए कायम रिश्ते वो फिर मिटाए नही जाते कह रही फिरसे तन्हाई कानो में गम के साये गिराए नही जाते बोलते क्योँ नही हक में मेरे तुम झूठे रिश्ते निभाए नही जाते है सुबह पर नज़र और डर भी है गम दिलो के उठाए नही जाते ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 29/11/2017 #📜मेरी कलम से✒️ #✒ शायरी #💝 शायराना इश्क़ #शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह
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1.1K ने देखा
7 दिन पहले
122 122 122 122 सभी ख्वाहिशे अब दुआ से कहेंगे गुजारिश करेंगे , खुदा से कहेंगे लिखा क्यों नसीबो में ये जख्म मेरे छुपा आँसुओ को अदा से कहेंगे बढ़ी जा रही दिल की बैचेनियाँ ये बदलती हुई इस फिजा से कहेंगे अगर रुक सके तो कभी रोक लेना दिलो को जलाती हवा से कहेंगे नही और कुछ पास बाकी रहा है बहारों में बिखरी खिजा से कहेंगे ये घुप अंधेरे मार डालेंगे हमको रहम कर जरा अब निशा से कहेंगे ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 19/1/2018 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️
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571 ने देखा
9 दिन पहले
2122 2122 212 ज़िन्दगी इतनी बुरी पहले न थी अंधेरे में गुम खुशी पहले न थी आरजू सहमी है लब खामोश है इस तरह की बे बसी पहले न थी मैंकरूँ किसके गिले शिक्वे यहाँ राहें काँटो से भरी पहले न थी खुश्क सहरा रातें बुझी सी मेरी इस कदर तो तीरगी पहले न थी ये समंदर पीर क्या जाने मेरी मेरे आँखों मे नदी पहले न थी फूल दुआ के चुराकर ले गया इस जहाँ से दुश्मनी पहले न थी ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 16/10/2017 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️
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608 ने देखा
10 दिन पहले
122 122 122 122 नजर में कहाँ अब नजारे बचे है खुशी के वो दिन अब हमारे बचे है लगा ही लिया था गले मौत ने भी दुआओं के ही हम सहारे बचे है हुआ हादसा ज़िन्दगी से कुछ ऐसा फकत याद के ही उजाले बचे है कदम मौत को बढ़ रहे रफ्ता रफ्ता जलाने को तेरे शरारे बचे है बसी थी मेरे दिल मे जो तेरी मूरत मेरे दिल मे उस के शिवाले बचे है तलाशे वफ़ा में हुऐ दर बदर हम महज आँसुओ के हवाले बचे है ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 28/9/2017 #📜मेरी कलम से✒️ #✒ शायरी #💝 शायराना इश्क़ #शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह
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