📜मेरी कलम से✒️
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2122 2122 2122 ख्वाब आँखों में सजाना चाहता है आज फिर दिल गुनगुनाना चाहता है रह गये जज्बात दिल के जो अधूरे वो ग़ज़ल गा कर सुनाना चाहता है है मेरे अहसास में शामिल तु अब भी राज दिल का ये बताना चाहता है खाके झूठी कस्मे कर के झूठे वादे आज फिर हमको हसाना चाहता है सोई है जो हसरते दिल में तेरे भी प्यार से अपने जगाना चाहता है कर यकीं इस बार अपने आशिक पे वादे सब अपने निभाना चाहता है ( लक्ष्मण दावानी ✍ ) 23/12/2016 #📜मेरी कलम से✒️ #✒ शायरी #💝 शायराना इश्क़ #शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह
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