फॉलो करें
-Manoj Chauhan
@103748329
6,611
पोस्ट
6,040
फॉलोअर्स
-Manoj Chauhan
503 ने देखा
!!सुबह होती नहीं!! ये किन किनारों पर रूकी है नींद मेरी, इस सिरे तक पहुंचती नही ! बड़ी लम्बी हो रहीं हैं रातें, क्यों पलक झपकते ही सुबहें होती नहीं ! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
540 ने देखा
!!मुझे आजमाया है!! किसकी शिकायत करूँ मैं दुनिया से दुनिया वालों ने मुझे आजमाया है मैं तो भटका हुआ मुसाफिर हूँ चल दूँगा पल दो पल में दुनिया से मुझे जिंदगी की इस भटकन ने बड़ा सताया है मेरा दर्द कोई और नही ये मेरा खुद का साया है! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
535 ने देखा
!!पति और पत्नी!! पति का नाम भरोसा है, पत्नी का नाम समर्पण। पति-पत्नी एक दूजे पर कर देते हैं सब अर्पण।। पति के उदास होते ही पत्नी के आँसू निकलते हैं। सुख-दुख के साथी है दोनों गिरते और संभलते हैं।। नोक-झोंक भी इस रिश्ते की एक निशानी होती है। रूठने और मनाने से मशहूर कहानी होती है।। जीवन रुपी गाड़ी के दो पहिये कभी नहीं बदलते हैं। सुख-दुख के साथी है दोनों, गिरते और संभलते हैं।। 'हम दो हमारे दो' की घड़ी सुहानी आती है। पुत्र पिता का, पुत्री माँ की, बचपन फिर से लाती हैं।। सोलह संस्कारों में 'विवाह' को सब शास्त्र श्रेष्ठ समझते हैं सुख-दुख के साथी हैं दोनों, गिरते और संभलते हैं।। महल हो या जंगल 'सियारामजी' मिलकर रहते हैं। सुख-दुख के साथी हैं दोनों, गिरते और संभलते हैं।। दो अनजाने मिलते हैं, संग-संग मिलकर चलते हैं। सुख-दुख के साथी हैं दोनों, गिरते और संभलते हैं।। लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
525 ने देखा
!!तुझ पर एतबार बहुत है!! दूर न होना मुझसे कभी तुझ पर ऐतबार बहुत है, मेरा दिल तेरे प्यार का तलबगार बहुत है.. एक तेरा ही चेहरा मेरी आँखों में है बसा, ये सच है मेरी जान कि मुझे तुझसे प्यार बहुत है… लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
479 ने देखा
!!माता पार्वती शिव विवाह!! किया शिव ने पाणिग्रहण पार्वती का हर्षाया हृदय देव,नर,मुनि, ऋषि का, कौमारी कन्या हिम की अति सुन्दर बिखेरी छटा प्रकृति ने मनभावन। मंगल घड़ी के वेद उच्चारण बजने लगे शंख ध्वनि पावन, सुरभित,सुगंधित, महकी लताएँ चहुँदिशा आनंदित हो पुष्प बर्षाएँ। चंद्र, सर्प मालाओं से सजे शंभू लिए संग त्रिशूल, नरमुंड, डमरू, भूत प्रेत, पिचाश है भभूत उड़ाते बाघंबर लपेटे शिव मंद मुस्काते। बारात आई जब हिमराज द्वार माता मैना हुई अचंभित बारंबार, रूपवती पुत्री के भाग्य में क्या लिखा बावला पति विधाता ने क्यों दिया? माता के दुःख को बेटी ने पहचाना स्वयं विधाता संग माँ मुझे है जाना, आरंभ भयी तब आरती परछन गाएं मंगल गीत सब ऋषि मुनिवर। शिव शक्ति का अनूठा बंधन संपन्न हुआ प्रेम विवाह प्रथम, आशीष बधाइयां देते प्रियजन लौटा पुनः कैलाश पर दांपत्य जीवन।। मनोज चौहान,🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
547 ने देखा
!!मैं अकेला था!! मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था, एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था, एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी, और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
454 ने देखा
!!मैं अकेला था!! मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था, एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था, एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी, और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
466 ने देखा
!!बाल हनुमान जी!! उनकी बात, जिनकी बात में कुछ निराली है , मैं पवनदेव का पुत्र हूँ, जिन्होंने सृष्टि संचाली है! मैं वेग हूँ, मैं वेद हूँ, मैं अग्नि से भी तेज हूँ, सभी सीमा को लांघ दूँ, मैं अभेद्य को भी भेद दूँ!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
See other profiles for amazing content