!! तेरा एहसास था!!
ज़िंदगी में कोई खास था,
तन्हाई के सिवा कुछ ना पास था,
पा तो लेते ज़िंदगी की हर खुशी,
पर हर खुशी में तेरा एहसास था।
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
!!प्यार मोहब्बत का सिला कुछ भी नही!!
एक दर्द के सिवा मिला कुछ भी नही,
सारे अरमान जल कर खाक हो गए,
किसी की वेवफाई हमे मार गए,
लोग फिर भी कहते हैं जला कुछ भी नही!!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️...
#🌷..chauhan..💐🌺
! मौत की वजह!
लम्हा लम्हा सांसे ख़तम हो रही है,
जिंदगी मौत के पहलू में सो रही है …
उस बेवफा से ना पूछो मेरी मौत की वजह,
वो तो जमाने को दिखाने के लिए रो रही है … !!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
! हम हुए जो उदास!
उन्होंने हमे आजमाकर देख लिया,
एक धोखा हमने भी खाकर देख लिया …
क्या हुआ हम हुए जो उदास,
उन्होंने तो अपना दिल बेहलाके देख लिया !!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
! आवाज मुझे कहिये !
किसी टूटे हुए दिल की आवाज मुझे कहिये,
तार जिसके सब टूटे हों वो साज़ मुझे कहिये,
मैं कौन हूँ और किसके लिए जिंदा हूँ,
मैं खुद नहीं समझा वो राज मुझे कहिये!!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
! एक शाम चाहता हूं !
ये समझदारी मुझे धीरे धीरे मार रही है,
मैं नादानों वाली एक शाम चाहता हूं,
तुम चाहते होगे पहचान इस जहान में,
मैं तो मौत भी अपनी गुमनाम चाहता हूं।।
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️.. #🌷..chauhan..💐🌺
! तेरी एहसास था!
ज़िंदगी में कोई खास था,
तन्हाई के सिवा कुछ ना पास था,
पा तो लेते ज़िंदगी की हर खुशी,
पर हर खुशी में तेरा एहसास था!!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
! तेरा एहसास था!
ज़िंदगी में कोई खास था,
तन्हाई के सिवा कुछ ना पास था,
पा तो लेते ज़िंदगी की हर खुशी,
पर हर खुशी में तेरा एहसास था!!
लेखक;-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
! दुनिया बेवफा सी लगती हैं!
बिछड़े हैं जब से ये ज़िंदगी सज़ा सी लगती है,
अब तो अपनी सांसे भी खुद से खफा सी लगती हैं,
तड़पते रहते हैं तेरी जब भी याद आती है,
अब तो मुझे ये दुनिया भी बेवफ़ा सी लगती है!!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
! धोखे ने मार दिया!
हमने जिसको अपना कहा,
उसने ही पीठ पीछे वार किया,
दुश्मन से नहीं दुखा इतना,
जितना अपनों के धोखे ने मार दिया!!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺