गण उनके नक्षत्र और जातक स्वभाव
जन्मकुंडली में भविष्य का आंकलन (गण) के आधार पर भी किया जाता है। ज्योतिषशास्त्र में गणों को तीन भागों में बांटा गया है,
– देव गण, मनुष्य गण और राक्षस गण। इन तीनों गणों से संबंध रखने वाले जातकों में अलग-अलग प्रकार की विशेषताएं और प्रतिभा होती हैं। विवाह से पूर्व कुंडली मिलान में भी गणों का विशेष महत्व रहता है।
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