(किसी ग़ैर मह़रम औरत के साथ तन्हाई इख़्तियार न करें)
✍️एक रिवायत में है कि हज़रते सय्यिदुना मूसा अलैहिस्सलाम' अपनी मजालिस में तशरीफ़ फ़रमा थे, कि इब्लीस आप अलैहिस्सलाम' के सामने आया और उस के सर पर एक टोपी थी जिस में कई रंग चमक रहे थे।
जब वोह आप अलैहिस्सलाम' के क़रीब हुवा तो टोपी उतार कर रख दी और आप को सलाम किया।
आप अलैहिस्सलाम' ने पूछा तू कौन है?
उस ने कहा: मैं इब्लीस हूं।
आप अलैहिस्सलाम' ने फ़रमाया: अल्लाह तुझे ज़िन्दा न रखे, तू क्यूं आया?
उस ने जवाब दिया चूंकि आप को अल्लाह के हां एक मक़ामो मर्तबा हासिल है इस लिए आप अलैहिस्सलाम' की खिदमत में सलाम अर्ज़ करने हाज़िर हुवा हूं।
आप अलैहिस्सलाम' ने पूछा: मैं ने तेरे सर पर जो देखा वोह क्या है?
उस ने जवाब दिया: इस के ज़रीए मैं इन्सानों के दिल उचक लेता हूं।
आप अलैहिस्सलाम' ने उस से पूछा: वोह कौन सा ऐसा अ़मल है जिस के ज़रीए तू इन्सान पर हावी हो जाता है?
शैतान ने जवाब दिया: जब वोह अपने आप पर इतराने लगता है, अपने आमाल को ज़्यादा जानता है और गुनाहों को भूल जाता है।
फिर केहने लगा मैं आप को तीन बातों से डराता हूं:-👇
1) किसी ग़ैर मह़रम औरत के साथ तन्हाई इख़्तियार न करें, क्यूंकि जो शख़्स ऐसी औ़रत के साथ अ़लाहदगी में होता है, जो उस के लिए ह़लाल नहीं, तो मैं अपने कारन्दों को भेजने की बजाए ख़ुद वहां जाता हूं, यहां तक कि उन्हें फ़ितने में मुब्तला कर देता हूं।
2) जब अल्लाह से वादा करें तो उसे पूरा करें। और_
3) जब सदक़े का माल निकालें, तो उसे ख़र्च कर दें, क्यूंकि जब कोई शख़्स सदक़े का माल अलग कर के रखता है, तो मैं उसे ख़र्च करने में रुकावट बन जाता हूं।
फिर शैतान येह केहता हुवा वापस चला गया हाए अफ़्सोस! हज़रते मूसा को वोह बात मालूम हो गई जिस के ज़रीए मैं लोगों को धोका देता हूं।
📗लुबाबुल एह़या' पेज़ नं 229)
✍️हदीस: हज़रत उक़्बा बिन आमिर रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु' से रिवायत है कि हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया: तन्हा ग़ैर औरत के पास जाने से परहेज़ करो।
📗क़रीना-ए-ज़िन्दगी' पेज़ नं 128)
✍️ना महरम के साथ तन्हाई में न बैठे:-👇
रसूलुल्लाह ﷺ ने इस की मुमानिअ़त फ़रमाई है, और इरशाद फ़रमाया है कि वहां तीसरा शैतान होता है क्योंकि शैतान उनको गुनाह की तरफ माएल करता है।
📘ग़ुनियतुत्तालिबीन' बाब-4, पेज़ नं 141)
✍️हदीस: हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ फ़रमाते हैं जब ग़ैर मर्द और ग़ैर औरत तन्हाई में किसी जगह एक साथ होते हैं तो उनमें तीसरा शैतान होता है।
📗क़रीना-ए-ज़िन्दगी' पेज़ नं 128)
✍️हदीस: हज़रत जाबिर रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु' से रिवायत है कि नबीए करीम ﷺ ने फ़रमाया: जिन औरतों के ख़ाविन्द मौजूद न हों उनके पास न जाओ क्योंकि शैतान तुम्हारी रगों में ख़ून की तरह दौड़ता है।
📗क़रीना-ए-ज़िन्दगी' पेज़ नं 128)
✍️हदीस: हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया: जब मर्द के सामने कोई अजनबी औरता आती है तो शैतान की सूरत में आती है, जब तुम में से कोई किसी अजनबी औरत को देखे और वह उसे अच्छी मालूम हो तो चाहिए कि अपनी बीवी से मुबाशरत (Sex) कर ले (ताकि गुनाह से बच जाए) तुम्हारी बीवी के पास भी वही चीज़ मौजूद है जो उस अजनबी औरत के पास मौजूद है। (अगर कोई कुंवारा हो तो वह रोज़ा रख ले कि रोज़ा गुनाहों को रोकने वाला और शहवत को मिटाने वाला है)
📕तिर्मिज़ी शरीफ़' जिल्द-1, बाब-785, हदीस-1187, सफ़ा 594)
📗क़रीना-ए-ज़िन्दगी' पेज़ नं 130)
✍️किसी जवान औरत की तरफ़ मजबूरी के सिवा नज़र उठा कर न देखे, मजबूरी की सूरत इलाज या गवाही वग़ैरह है, बूढ़ी और खुले चेहरे वाली औरत को देख लेना जाएज़ है।
जवान औरत को देखने से फितने में पड़ जाने का अन्देशा है।
दो मर्द या दो औरतों को बरहना एक लिहाफ़ में या एक चादर में बहम न होना चाहिये रसूलुल्लाह ﷺ ने इसकी मुमानिअ़त फ़रमाई है, इस तरह बरहना लेटने से एक की नज़र दूसरे के सतर पर पड़ती है और यह मना है फिर शैतान के वरग़लाने से इरतिकाबे गुनाह का भी डर है।
📘ग़ुनियतुत्तालिबीन' बाब-4, पेज़ नं 141)
✍️ह़दीस: हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ का फ़रमाने रेह़मत निशान है: सात आदमी ऐसे हैं जिन्हें बरोज़े क़ियामत अल्लाह अपने अ़र्श के साए में जगह अ़ता फ़रमाएगा, जिस दिन उस के इ़लावा कोई साया न होगा।
और आप ﷺ ने उन (सात अफ़राद) में उस शख़्स को भी शुमार फ़रमाया जिसे कोई ह़सबो नसब वाली ह़सीनो जमील औ़रत (बुरे काम की) दावत दे तो वोह कहे: मैं अल्लाह अ़ज़्ज़ व जल्ल' से डरता हूं जो तमाम जहानों का रब है।
*📕جامع الترمذی، الحدیث:٢٣٩١، ص١٨٩٢)*
📗लुबाबुल एह़या' पेज़ नं 231)
✍️प्यारे इस्लामी भाइयों! जब शहवत ह़द से बढ़ जाए तो उसे भूक या निकाह़ के ज़रीए ख़त्म करे।
ह़दीस: हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ का फ़रमाने आलीशान है: ऐ नौजवानों के गिरोह! तुम पर निकाह़ करना लाज़िम है, पस जो औ़रत के हुक़ूक पूरे करने की ताक़त नहीं रखता, वोह रोज़े रखे क्यूंकि येह जिन्सी ख़्वाहिश को कम कर देते हैं।
*📕صحیح البخاری: الحدیث:٥٠٦٦، ص٤٣٨، مفهومًا)*
📗लुबाबुल एह़या' पेज़ नं 229)
❁┄════❁✿❁════┄❁
👤मुझे अपनी और सारी दुनिया के लोगो के इस्लाह की कोशिश करनी है. *إن شاء الله عزوجل*
🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿
*“बराये करम इस पैग़ाम को शेयर कीजिये अल्लाह आपको इसका अजर–ए–अज़ीम ज़रूर देगा आमीन..,_(►जज़ाकअल्लाह खैरन◄)*
💠⚜💠⚜💠⚜💠⚜💠
✍अपने नेक दुआओ में याद रखें, *मौहम्मद तौहीद)*
🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌
*👉जरुरी सुचना:-* तमाम मुसलमान भाइयों से गुज़ारिश हैं कि मेरे गाँव में मस्जिद और मदरसे की ता’मीर हो रही है।
आप हज़रात 100, 200, रुपये! Account)-(Paytm
Googlepe)-(Phonepe) पर भेज कर
*मस्जिद मदरसे की ता’मीर में हिस्सा लें...?*
अल्लाह आपको इसका अजर–ए–अज़ीम ज़रूर देगा आमीन..,_(►जज़ाकअल्लाह खैरन◄)
➤पता: सरमस्तपुर, आलमपुर, घर गढ़सिसई थाना विद्यापतिनगर, जिला समस्तीपुर (बिहार) 'पिन कोड- 848503) वाड नं 14)
🏦Account number_ 39119563676
IFS Cod_ SBIN0005439
Paytm, Googlepe, phonepe, number...
📱7042581994
•────────•
*📮अपने नाम की पक्की रसीद के लिए*
हाफ़िज व इमाम मुहम्मद मुजाहिद रज़ा साहब' के नंबर
📲7488890004) पे कॉल करें।
❁┄════❁✿❁════┄❁
*🕌मस्जिद सेक्रेटरी:* मुहम्मद सितारे अन्सारी' मोबाइल नं ☎️8877278583
#💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #🎄हरे पेड़ #🍶Bottle Art🎨 #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #नीला आसमान 🌌 @💖💖💖chandni💖💖💖 @💫farha khan..🌹 @Nisha 🌟
@☝️अल्लाह 🤲 कि बन्दी S.🌹 अल्हम्दुलिलल्लाह 🤲 😊
@sk__MAJID