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lalit kumar pandit
@3602111904
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20 days ago
संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर मर्यादा में रहकर सतभक्ति करने से शुभ संस्कारों में वृद्धि होने से दुःख का वक्त सुख में बदलने लग जाता है। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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20 days ago
सतभक्ति से शांतिदायक तथा अमर स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके बारे में गीता जी के अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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21 days ago
कबीर, जब ही सत्यनाम हृदय धरयो भयो पाप को नाश। मानो चिंगारी अग्नि की पड़ी पुराने घास ।। कबीर साहेब के अवतार संत रामपाल जी महाराज वही भक्ति बताते हैं जो कबीर साहेब ने बताई है। जिससे पाप नाश होते हैं, भक्तों को अनगिनत लाभ मिल रहे हैं, उनके साथ आये दिन चमत्कार हो रहे हैं। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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21 days ago
सतभक्ति करने से नशे से भी छुटकारा मिलता है। शराब तथा तम्बाकू के प्रति नफरत हो जाती है। वर्तमान में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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23 days ago
हजरत ईसा मसीह के चमत्कारों में लिखा है कि एक प्रेतात्मा से पीड़ित व्यक्ति को ठीक कर दिया। यह काल स्वयं ही किसी प्रेत तथा पितर को प्रेरित करके किसी के शरीर में प्रवेश करवा देता है। फिर उसको किसी के माध्यम से अपने भेजे दूत के पास भेजकर प्रेत को भगा देता है। अपने अवतार की महिमा करवाकर कर हजारों को उसका अनुयाई बनवा कर काल जाल में फंसा देता है तथा उस पूर्व भक्ति कमाई युक्त साधक की कमाई को समाप्त करवा कर नरक में डाल देता है। #🙏गीता ज्ञान🛕
lalit kumar pandit
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23 days ago
हजरत ईसा मसीह के चमत्कारों में लिखा है कि एक प्रेतात्मा से पीड़ित व्यक्ति को ठीक कर दिया। यह काल स्वयं ही किसी प्रेत तथा पितर को प्रेरित करके किसी के शरीर में प्रवेश करवा देता है। फिर उसको किसी के माध्यम से अपने भेजे दूत के पास भेजकर प्रेत को भगा देता है। अपने अवतार की महिमा करवाकर कर हजारों को उसका अनुयाई बनवा कर काल जाल में फंसा देता है तथा उस पूर्व भक्ति कमाई युक्त साधक की कमाई को समाप्त करवा कर नरक में डाल देता है। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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23 days ago
ईसा मसीह द्वारा किये गए चमत्कार पहले से निर्धारित थे, जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 9 श्लोक 1 से 34 में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के पास आया तथा हजरत यीशु जी के आशीर्वाद से उसे आँखों से दिखाई देने लगा। शिष्यों ने पूछा, हे मसीह जी! इस व्यक्ति ने या इसके माता-पिता ने कौन-सा ऐसा पाप किया था जिस कारण से यह अंधा हुआ। यीशु जी ने कहा कि न इसका कोई पाप है और न ही इसके माता-पिता का कोई पाप है जिस कारण उन्हें अंधा पुत्र प्राप्त हुआ। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। जिससे सिद्ध है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
lalit kumar pandit
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25 days ago
ईसा मसीह की पूज्य माता जी का नाम मरियम तथा पूज्य पिताजी का नाम यूसुफ था। परन्तु मरियम को गर्भ एक देवता से रहा था। इस पर यूसुफ ने आपत्ति की तथा मरियम को त्यागना चाहा तो स्वपन में (फरिश्ते) देवदूत ने ऐसा न करने को कहा तथा यूसुफ ने डर के मारे मरियम का त्याग न करके उसके साथ पति-पत्नी रूप में रहे। देवता से गर्भवती हुई मरियम ने ईसा को जन्म दिया। #🙏गुरु महिमा😇