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gannu91
@37781390
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gannu91
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4 days ago
विवाहित स्त्रियाँ जब होती हैं प्रेम में तो उतनी ही प्रेम में होती हैं जितनी होती हैं कुँवारी लड़किया प्रेम कुँवारेपन और विवाह को नहीं जानता केवल मन के दर्पण को देखता मन के राग को सुनता है विवाहित स्त्रियाँ भी समाज से डरते हुए करती जाती हैं प्रेम किसी अमर बेल की तरह क्योंकि प्रेम के बीज बोये नहीं जाते वे स्वत ही हृदय की नम सतह पाकर कभी भी कहीं भी किसी क्षण प्रेम बनकर अंकुरित हो उठते हैं प्रेम में हो जाती हैं वे भी सोलह सत्रह बरस की कोई नयी सी उमंग ललक उठता है उनका भी मन प्रेमी की एक झलक पाने को दैहिक लालसा से परे होता है उसका प्रेम वे आलिंगन के स्पर्श से ही मात्र आत्मा के सुख में प्रवेश कर जाती है वे भी बिसरा देती है अपना हर एक दुख प्रेमी की आँखों में डूबकर उसकी हर आहट से हो जाती है वो मीरा तार तार बज उठता है उसके मन का संगीत प्रेमी की एक आवाज से सोलहवें सावन सा मचल उठता है भावनाओं का बादल खिल उठती है वह पलाश के चटक रंगों की तरह लहरा उठती है लहरा उठती है उसकी खुशियां बसंत के पीले फूलों की फसलों की तरह नहीं चाहतीं वह अपने प्रेम पर समाज का कोई भी लांछन नहीं चाहती कोई कुल्टा कहकर उसके प्रेम का करे अपमान बनी रहना चाहती है अपने बच्चों सबसे अच्छी माँ और पति की कर्तव्यनिष्ठ पत्नी वह विवाह के सामाजिक बंधनों के दायित्वों से नहीं फेरना चाहती अपने कदम वह बनी रहना चाहती है अपनी इच्छाओं के समर्पण से एक सुंदर मन की स्त्री जैसे बनी रहना चाहती है कुँवारी लड़कियाँ अपने भाई की लाडली बहन और माँ बाप की समझदार बेटी अपने प्रेमी की होने के सपनों के साथ विवाहित स्त्रियाँ भी अपने प्रेमी का हर दुख अपने आँचल में छुपा लेना चाहती है अपनी हर प्रार्थना में करती हैं उनके सुख की कामना के लिए आचमन परन्तु कुँवारी प्रेमिकाओं की तरह उसके सपनों की कोई मंजिल नहीं होती वह अपने सपनों में जीना चाहती है अपने प्रेमी के साथ एक पूरा जीवन गाड़ी के दो पहिए की तरह चलता है उसका प्रेम और उसकी गृहस्थी रात के बैराग्य मठ पर नितांत अकेले वे पति की पीठ पर देखती हैं प्रेमी का चेहरा पाना चाहती है प्रेमी की भावनाओं में अपनेपन की छाँव और जीवन की विषमताओं में उसकी सरलता का साथ कुँवारी लड़कियाँ प्रेमी के संग बंधना चाहती है परिणय सूत्र में जबकि विवाहिता स्त्रियाँ प्रेमी को नहीं चाहती खोना बंध जाना चाहती है विश्वास के अटूट बंधन में वे विवाहिता होने की ग्लानि में प्रेम की आहूति नहीं देती बल्कि संसार की सारी प्रेमिकाओं की तरह अपने प्रेमी को मन प्राण से करती जाती है प्रेम। #रिश्तारुहका # #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️ #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ
gannu91
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6 days ago
लोगों को अगर सच का मालूम चल जाए तो लोग हमें कहीं का नहीं छोड़ते, दुःख, दूसरों को बताकर हमें लज्जित करते हैं.....! #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️
gannu91
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9 days ago
कभी कभी हमे पता होता है। कि सामने वाला हमसे झूठ बोल रहा है हमे धोखा दे रहा है लेकिन हमफिर भी खामोश रहते हैं उसके झूठ को सच मानते हुए पता है हम ये क्यों करते हैं क्योंकि हम उसे खोने से डरने लगते हैं। और उसके झूठ को संच मानकर अपने आपको हर बार समझा लेते हैं......!!😥💯 #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ