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santosh
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santosh
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3 दिन पहले
गुरुवार की शुभकामनाएं। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाए। #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓
santosh
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3 दिन पहले
🚩 श्री गणेशाय नमः 🚩 📜 दैनिक पंचांग एवं राशिफल 📜 ☀ 07 मई 2026, गुरुवार 📍 नई दिल्ली, भारत ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ☀ पंचांग विवरण 🔅 तिथि : पंचमी (प्रातः 10:17 AM तक) 🔅 नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ा (सायं 06:46 PM तक) 🔅 करण : तैतिल (10:17 AM तक), तत्पश्चात गर 🔅 पक्ष : कृष्ण पक्ष 🔅 योग : साध्य (रात्रि 01:58 AM तक) 🔅 वार : गुरुवार ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ☀ सूर्य व चन्द्र संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय : 05:36 AM 🔅 सूर्यास्त : 06:59 PM 🔅 चन्द्रोदय : 00:00 AM 🔅 चन्द्रास्त : 09:30 AM 🔅 चन्द्र राशि : धनु 🔅 ऋतु : ग्रीष्म ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 विक्रम संवत : 2083 🔅 शक संवत : 1948 (पराभव) 🔅 कलि संवत : 5128 🔅 मास (अमांत) : वैशाख 🔅 मास (पूर्णिमांत) : ज्येष्ठ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ☀ शुभ एवं अशुभ समय 🔸 अभिजित मुहूर्त : 11:51 AM – 12:44 PM 🔸 अशुभ समय ▪ दुष्टमुहूर्त : 10:03 AM – 10:57 AM ▪ राहुकाल : 01:58 PM – 03:38 PM ▪ यमघण्ट : 06:29 AM – 07:23 AM ▪ यमगण्ड : 05:36 AM – 07:16 AM ▪ गुलिक काल : 08:56 AM – 10:37 AM ▪ कंटक काल : 03:25 PM – 04:18 PM ▪ कालवेला : 05:12 PM – 06:06 PM 🔸 दिशाशूल : दक्षिण दिशा ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ☀ ताराबल अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद ☀ चन्द्रबल मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🌟 आज का विस्तृत राशिफल 🌟 🔴 मेष (Aries) आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। धन लाभ के योग हैं, लेकिन जल्दबाजी से बचें। 🟠 वृषभ (Taurus) आज खर्च बढ़ सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात खुशी देगी। कार्यक्षेत्र में सावधानी रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🟡 मिथुन (Gemini) आज का दिन लाभदायक रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। नए अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। 🟢 कर्क (Cancer) काम में थोड़ी रुकावट आ सकती है। धैर्य रखें। परिवार का साथ मिलेगा। यात्रा टालना बेहतर रहेगा। 🔵 सिंह (Leo) आज भाग्य आपका साथ देगा। नए काम की शुरुआत शुभ रहेगी। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। 🟣 कन्या (Virgo) आज सतर्क रहने की आवश्यकता है। धन हानि से बचें। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। 🟤 तुला (Libra) दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। साझेदारी में लाभ हो सकता है। नई योजनाएँ सफल होंगी। ⚫ वृश्चिक (Scorpio) आज शत्रुओं पर विजय मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। ⚪ धनु (Sagittarius) मन प्रसन्न रहेगा। संतान से सुख मिलेगा। शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता के योग हैं। 🟫 मकर (Capricorn) घर-परिवार में शांति बनी रहेगी। माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। 🔷 कुम्भ (Aquarius) आज आपके साहस में वृद्धि होगी। छोटी यात्रा लाभदायक रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। 🟩 मीन (Pisces) धन लाभ के योग हैं। वाणी पर संयम रखें। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी ⚠️ Disclaimer यह पंचांग व राशिफल सामान्य मान्यताओं पर आधारित है, कृपया किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले स्थानिक विशेषज्ञ से सलाह लें। #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🤗जया किशोरी जी🕉️
santosh
569 ने देखा
3 दिन पहले
✨🚩 भागवत कथा – भाग 13 (विस्तृत) 🚩✨ 🙏 जय श्री कृष्ण 🙏 👉 क्या आपने कभी सोचा है… जब अमृत प्रकट हुआ होगा… तो उस क्षण ब्रह्मांड में कैसी हलचल मची होगी…? 🤔 📖 पिछले भाग में आपने पढ़ा — समुद्र मंथन से अनेक दिव्य रत्न निकले… और अंत में माता लक्ष्मी प्रकट होकर भगवान विष्णु को वरण कर लिया… 🌸✨ 🌊 अब आगे… माता लक्ष्मी के प्रकट होने के बाद समुद्र मंथन का उत्साह और बढ़ गया… देवता और असुर दोनों ही यह जान चुके थे कि अभी सबसे महत्वपूर्ण वस्तु आना बाकी है — अमृत 👉 हर किसी के मन में एक ही इच्छा थी — “हम अमर हो जाएँ…” ✨ तभी… एक तेजस्वी प्रकाश के साथ समुद्र से प्रकट हुए — 👨‍⚕️ भगवान धन्वंतरि 👉 उनके हाथों में था — स्वर्णिम कलश, जिसमें भरा था अमृत 🏺✨ 👉 उस कलश की आभा इतनी दिव्य थी कि चारों ओर प्रकाश फैल गया… देवता आनंदित हो उठे… और असुरों की आँखों में लालच चमक उठा… ⚡ तभी… बिना एक क्षण गंवाए असुरों ने झपट्टा मारकर अमृत का कलश छीन लिया… 😈 👉 देवता निराश और चिंतित हो गए… उन्हें लगा — “यदि असुर अमर हो गए… तो अधर्म कभी समाप्त नहीं होगा…” 🙏 सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की… ✨ तब भगवान विष्णु मुस्कुराए… क्योंकि वे जानते थे — धर्म की रक्षा के लिए बुद्धि का प्रयोग करना होगा… 🌸 और तभी… उन्होंने धारण किया एक अद्भुत रूप — 💃 मोहिनी अवतार 👉 इतना आकर्षक, इतना मोहक रूप कि असुर भी अपनी बुद्धि खो बैठे… 😍 👉 मोहिनी ने मधुर वाणी में कहा — “हे देवताओं और असुरों… तुम लोग आपस में झगड़ क्यों रहे हो…? मैं अमृत को बराबर-बराबर बाँट देती हूँ…” 😈 असुर उसकी सुंदरता में इतने मोहित हो गए कि बिना सोचे-समझे अमृत का कलश मोहिनी को सौंप दिया… 👉 मोहिनी ने सभी को पंक्तियों में बैठाया… एक ओर देवता… दूसरी ओर असुर… ✨ और फिर शुरू हुआ अमृत वितरण… 👉 लेकिन यह भगवान की लीला थी… मोहिनी ने चतुराई से सिर्फ देवताओं को ही अमृत पिलाना शुरू कर दिया… 😯 असुर समझ ही नहीं पाए कि उनके साथ क्या हो रहा है… 👉 तभी एक चालाक असुर — राहु देवता का रूप धारण करके चुपके से देवताओं की पंक्ति में बैठ गया… 👉 जैसे ही उसने अमृत की बूंद पी… उसी क्षण सूर्य और चंद्रमा ने उसे पहचान लिया… ⚡ उन्होंने तुरंत भगवान विष्णु को संकेत दिया… ✨ भगवान विष्णु ने बिना देर किए अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया… 👉 लेकिन अमृत का प्रभाव हो चुका था… इसलिए उसका सिर और धड़ दोनों ही अमर हो गए… 👉 सिर कहलाया — राहु 👉 और धड़ कहलाया — केतु 🌑✨ 🌟 इस प्रकार… देवताओं को अमृत प्राप्त हुआ… और उनकी शक्ति पुनः जागृत हो गई… ⚔️ इसके बाद देवताओं और असुरों के बीच युद्ध हुआ… और अंत में धर्म की विजय हुई… अंत में सत्य की ही जीत होती है… ✨ 👉 अगले भाग में जानिए… समुद्र मंथन के बाद देवताओं का क्या हुआ… और इस कथा का अंतिम गूढ़ रहस्य क्या है…? 🔥 #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🌞 Good Morning🌞