_मोहब्बत की किताब में मेरा पन्ना उसने यूँ ही मोड़ दिया,_
_कल तक जो मेरा साया था, आज उसने मेरा साथ छोड़ दिया।_
_शिकायत किससे करें इस बदलते हुए ज़माने की,_
_जिसने दिल में रहने की कसम खाई थी, उसी ने इसे तोड़ दिया।_
_वो महफ़िल सजाए बैठे हैं किसी और की बांहों में आज,_
_और हमें तन्हाइयों के अंधेरे कमरों की तरफ मोड़ दिया।_
_कभी सोचा न था कि ऐसा भी एक दौर देखना होगा,_
_जिसने जीना सिखाया था, उसी ने मरने के लिए छोड़ दिया।_
#💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस