बिहार के बांका जिले के छोटे से गाँव लाहौरिया की अन्नपूर्णा सिंह ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून के सामने कोई बाधा मायने नहीं रखती। किसान पिता मुकेश सिंह और गृहिणी माँ की बेटी अन्नपूर्णा ने तमाम मुश्किलों को पार कर UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की। साधारण परिवार की यह असाधारण बेटी आज हज़ारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
पिता किसान ज़रूर थे, लेकिन शिक्षा का महत्त्व; और बेटी को आत्मनिर्भर बनाना जानते थे। बड़ी मेहनत से उन्होंने अन्नपूर्णा को पटना में शुरुआती शिक्षा दिलाई।
इसके बाद बिटिया ने इंजीनियरिंग के लिए बेंगलुरु का रुख किया। पढ़ाई में अव्वल होने की वजह से उन्हें कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए जब प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिली, तो माता-पिता बेहद खुश थे... लेकिन उनका सपना सिविल सर्विसेज में जाने का था।
नौकरी के साथ उन्होंने हर दिन करीब 9 घंटे की पढ़ाई जारी रखी। शुरुआत में उसके दो प्रयास असफल रहे; लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वह कहती हैं- "जब हम कोई ख्वाब देखते हैं और उसे पूरा करने के लिए मेहनत करते हैं तो कभी-कभी कामयाबी नहीं मिलती है। ऐसे में अपना धैर्य कभी न खोएं, बल्कि ईमानदारी से अपनी गलतियों को पहचानते हुए तैयारी करें तो सफलता जरूर मिलेगी।"
अपनी मेहनत और लगन से 2023 में उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 99वीं रैंक हासिल की... और आईएएस परीक्षा पास करने वाली अपने गाँव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहली लड़की बनीं।
"मेरे माता-पिता के मानसिक और भावनात्मक समर्थन के बिना, इस परीक्षा को पास करना एक कठिन काम होता।" 🙏✊तू सारे जहां से प्यारी,मेरे भारत की बेटी,है सारे जहां पर भारी,मेरे भारत की बेटी✊🙏महिला शक्ति को सलाम🙏
#📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #👍 डर के आगे जीत👌 #🌞 Good Morning🌞 ##viral