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Praveen Kumar Yadav
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Praveen Kumar Yadav
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13 घंटे पहले
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की मैं आप जागरूक भारतीय मतदाताओं को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां देता हूं।निर्वाचन लोकतंत्र का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उत्सव होता है तथा निर्वाचन के लिए लोगो को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा जिसे पहली बार 2011 में मनाया गया था।2011 में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री डां एस.वाई.कुरैशी जी थे।आप का कार्यकाल 30 जुलाई 2010 से 10 जून 2012 तक था जबकि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार जी है।आप का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है।आप हरियाणा के मुख्य सचिव और 1989 बैंच के I.A.S अधिकारी है।भारत में मतदान कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है जो एक स्वतंत्र एवं संवैधानिक निकाय है।चुनाव आयोग देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों का संचालन करता है।चुनाव आयोग का प्रावधान मुख्य रूप से संविधान के अनुच्छेद 324 में किया गया है।चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 ई को संविधान के अनुसार किया गया था। भारत के चुनाव आयोग में तीन प्रमुख पदाधिकारी होते हैं (1) मुख्य चुनाव आयुक्त (2) दो अन्य चुनाव आयुक्त। महामहिम राष्ट्रपति जी चुनाव चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करते है जिसकी सिफारिश वर्तमान प्रधानमंत्री,गृहमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता की समिति करती है। चुनाव आयोग की प्रमुख शक्तियां और कार्य निम्न है। (1) लोकसभा,राज्यसभा और विधानसभा के चुनावों का संचालन करना। (2) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों का संचालन करना। ( 3) राजनीतिक दलों को मान्यता देना और चुनाव चिन्हों का आवंटन करना। (4) मतदाता सूची का निर्माण और निगरानी करना। (5) आचार संहिता लागू करना (Model Code of Conduct) (6) निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विवादों का निपटारा करना। #उत्तर प्रदेश #🥰मोटिवेशन वीडियो #🌞 Good Morning🌞 ##viral #🇮🇳 राष्ट्रीय मतदाता दिवस 🖕🏻हार्दिक शुभकामनाएं💐 ✌️🏻national voter day 💐 🌷 गठन 25 जनवरी 1950🌷
Praveen Kumar Yadav
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1 दिन पहले
"नफरत को छोड़िए,मोहब्बत को अपनाइए, उत्तर प्रदेश दिवस पर,एकता का दीप जलाइए"। गंगा-जमुनी तहजीब की धरती उत्तर प्रदेश के 77 वे स्थापना दिवस की मैं आप सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाइयां देता हूँ.उत्तर प्रदेश की स्थापना 24 जनवरी 1950 ई को हुई थी.उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री का नाम श्री योगी आदित्यनाथ जी है तथा वर्तमान राज्यपाल का नाम श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी है.उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले है जो 240928 वर्ग किलोमीटर तक फैले विशाल भूमि क्षेत्र के साथ इसे भारत का सबसे बड़ा राज्य बनाता है.उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या करीब 25 करोड़ है.उत्तर प्रदेश का पुराना नाम युनाइटेड प्रोविंस था लेकिन आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 ई को इसका नामकरण उत्तर प्रदेश कर दिया गया.उत्तर प्रदेश राज्य 18 डिवीजन में बटा है.उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है.उत्तर प्रदेश में विभिन्न धर्मो को मानने वाले लोग साथ-साथ रहते हैं जो उत्तर प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब की निशानी है.उत्तर प्रदेश में 404 विधानसभा तथा 80 लोकसभा सीटें हैं.उत्तर प्रदेश की पहली भाषा हिन्दी तथा दूसरी उर्दू है.उत्तर प्रदेश में पर्यटन के कई स्थल एवं तीर्थस्थल है जैसे ताजमहल,मथुरा आदि.उत्तर प्रदेश में 77.73℅ लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं.उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर 70% है तो वही देश का सबसे साक्षर राज्य केरल है जिसकी साक्षरता 95% है.उत्तर प्रदेश का राजकीय पंक्षी सारस है.उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य होने के बाद भी आज गरीबी,बेरोजगारी तथा महिला अपराध में जकड़ा है जिसको सुधारने के लिए वर्तमान सरकार को ध्यान देना होगा.आज प्रदेश में 25 करोड़ में 15 करोड़ लोग गरीब हैं।उत्तर प्रदेश संपन्न और समृद्ध बने इसी मंगलकामना के साथ मै एक बार पुनः आप सभी को उत्तर प्रदेश दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ.🇮🇳🇮🇳🇮🇳🛕🕍🕉☪🇬🇪🙏 #👍 डर के आगे जीत👌 #🌞 Good Morning🌞 #🥰मोटिवेशन वीडियो #उत्तर प्रदेश ##viral
Praveen Kumar Yadav
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2 दिन पहले
"कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा" … बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां देता हूं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की 129 वी जयंती पर मैं आप को कोटिश: नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 ई को हुआ था.नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जी का जन्म कटक (उडीसा) में हुआ था.नेताजी की माताजी का नाम स्व प्रभावती दत्त बोस तथा पिताजी का नाम स्व जानकीनाथ बोस था.नेताजी ने अपनी शिक्षा दीक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सम्पन्न की.वर्ष 1919 ई में नेताजी का चयन I.C.S में भी हो गया था हालांकि आप ने सिविल सेवा से त्याग पत्र दे दिया क्योंकि उनका मानना था कि वह अग्रेजो के साथ काम नहीं कर सकते हैं.सुभाषचन्द्र बोस जी के आध्यात्मिक गुरु स्व स्वामी विवेकानन्द जी थे.1921 ई आप ने चितरंजन दास की स्वराज पार्टी द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र फारवर्ड के संपादक भी रहे.आप ने "The Indian Struggle" नामक पुस्तक भी लिखी थी जिसमें वर्ष 1920 से 1934 के दौरान होने वाले देश के सभी स्वतंत्रता आंदोलनों को कवर किया गया था.1938 ई में हरिपुरा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आप अध्यक्ष भी रहे.1939 ई में आप ने इस पद से त्यागपत्र देकर आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक का गठन किया जिसका उद्देश्य राजनीतिक नाम को मजबूत करना था.साल 1943 ई में सुभाष चंद्र बोस जी ने सिंगापुर में आज़ाद हिंद फ़ौज का गठन किया था.आप ने पेशावर और अफगानिस्तान के रास्ते बर्लिन भागने का प्रबंध किया इसके बाद जापान से बर्मा पहुंचे और वहाँ भारतीय राष्ट्रीय सेना को संगठित किया ताकि जापान की मदद से भारत को आजाद कराया जा सके.आप ने "जय हिंद", "दिल्ली चलो" तथा "तुम मुझे खुन दो,मैं तुम्हें आजादी दूगां" जैसे प्रसिद्ध नारे भी दिये.जर्मन के तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने आप को सबसे पहले नेताजी कहा था.आप को देश नायक की उपाधि रविन्द्र नाथ टैगोर जी ने दी थी.आप को आप की जयंती पर मैं एक बार पुनः कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.🙏🇮🇳🇮🇳जय हिंद जय भारत🇮🇳 "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।" #🌞 Good Morning🌞 #👍 डर के आगे जीत👌 #🥰मोटिवेशन वीडियो #🇮🇳 देशभक्ति #नेताजी
Praveen Kumar Yadav
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3 दिन पहले
यकीन हो कि न हो बात तो यकीन की है, हमारे जिस्म की मिट्टी इसी जमीन की है, मेरे वतन के सभी लोग भाई-भाई हैं, ये दूरियों की सियासत किसी कमीन की है।। सभी का खून शामिल हैं यहां की मिट्टी में,हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई,हिन्दुस्तान किसी एक मजहब का देश थोड़ी है। मैं मर जाऊं तो मेरी एक अलग पहचान लिख देना, लहू से मेरी पेशानी पे हिन्दुस्तान लिख देना।। हम लोग शुरू से लेकर अंत तक केवल भारतीय है।। वो मिट्टी के बेटे,जो वापस न लौटे!😭😭🫡🫡🫡🙏 🇮🇳भारत माता की जय🇮🇳 🇮🇳जय हिन्द जय भारत🇮🇳 Republic day Vibes 🫡🫡🫡🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏🙏🙏 #🇮🇳 देशभक्ति #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🥰मोटिवेशन वीडियो #🌞 Good Morning🌞 #👍 डर के आगे जीत👌
Praveen Kumar Yadav
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5 दिन पहले
रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की इंस्पेक्टर चंदना सिन्हा को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए भारतीय रेलवे के सर्वोच्च सम्मान ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया है।वर्ष 2024 के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में संकट में फंसे और भटके हुए 152 से अधिक बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।इसके साथ ही 41 बच्चों को बाल श्रम और मानव तस्करी से भी बचाया गया। ये सभी रेस्क्यू RPF के ‘नन्हे फरिश्ते मिशन’ के तहत किए गए, जिसकी शुरुआत 2018 में की गई थी।इस अभियान का उद्देश्य घर से भागे, खोए हुए, अनाथ या शोषण के शिकार बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करना और अपराध, बाल श्रम व तस्करी से बचाना है।इंस्पेक्टर चंदना सिन्हा जी के अनुसार,बच्चों की पहचान करना आसान नहीं होता, कई बार RPF की टीम सादे कपड़ों में यात्रियों के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखती है।रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसलिंग भी की जाती है, ताकि वे दोबारा ऐसी स्थिति में न फँसें।उन्होंने यह भी बताया कि आज के समय में ऑनलाइन गेम्स और इंटरनेट के ज़रिये बहकावे में आकर घर से भागने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है।इंस्पेक्टर चंदना सिन्हा जी का यह कार्य रेलवे परिसर को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दिखाता है कि सजग पुलिसिंग कैसे सैकड़ों मासूम ज़िंदगियों को नई राह दे सकती है।यह महिला सशक्तिकरण की जीत है।आप को इस उपलब्धि के लिए मैं दिल से बधाईयां देता हूं।🫡🫡🫡👍👍👍🇮🇳🙏 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🌞 Good Morning🌞 #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #👍 डर के आगे जीत👌 #🥰मोटिवेशन वीडियो
Praveen Kumar Yadav
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6 दिन पहले
तेलंगाना सरकार ने तय किया है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करता, तो उसकी सैलरी से 10% राशि काटी जाएगी। यह पैसा सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें। इसके लिए सरकार एक अलग शिकायत तंत्र और जल्द ही एक कानून (Act) भी लाने जा रही है। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए ‘प्रणाम’ डे-केयर सेंटर खोले जाएंगे, जहाँ उनके स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल का ध्यान रखा जाएगा। सरकार का सन्देश है कि माता-पिता की सेवा सिर्फ़ नैतिक कर्तव्य नहीं, अब जवाबदेही भी है। तेलंगाना से उठी यह पहल पूरे देश के लिए नज़ीर बन सकती है। यह बेहद ही शानदार और प्रेरणादायक फैसला है जिससे राज्य में वृद्धा आश्रम में बड़े पैमाने पर कमी आयेगी और बुजुर्ग माता-पिता का बच्चे सम्मान करना सीखेंगे जो आज परम्परा खत्म होती जा रही है। तेलंगाना सरकार के इस फैसले पर आपकी राय क्या है? Respect your parents and elders my sweet students and friends. 🫡🫡🫡👍👍👍❤️🙏 कमेंट में ज़रूर बताइए #🥰मोटिवेशन वीडियो #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #🌞 Good Morning🌞 #👍 डर के आगे जीत👌 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
Praveen Kumar Yadav
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9 दिन पहले
उन्हें लोग आज “Golden Girl" कहते हैं,लेकिन इस सुनहरे सफ़र की शुरुआत बिल्कुल आसान नहीं थी। लेफ्टिनेंट कर्नल अंजना भदौरिया, भारतीय सेना में गोल्ड मेडल पाने वाली पहली महिला अफ़सरों में से एक, 1992 के पहले महिला बैच का हिस्सा थीं,पर सेना की ट्रेनिंग के लिए चंडीगढ़ से चेन्नई जाने की इजाज़त तक उन्हें आसानी से नहीं मिली।उनके भाई को डर था कि एक लड़की अकेले इतनी दूर कैसे जाएगी? और उन्होंने अंजना को जाने से साफ़ मना कर दिया। अंजना जी आज भी हँसते हुए याद करती हैं, “मैंने अपनी माँ को अलग ले जाकर कहा था— "भैया को मना लो, वरना मैं घर से भाग जाऊँगी!” देश की सेवा करने और वर्दी पहनने का अंजना का सपना बहुत पुराना था। उन्होंने अपने पिता को वायुसेना में सेवा करते देखा था,वहीं से ये सपना उनके दिल में बस गया।MSc माइक्रोबायोलॉजी करने के बाद वह एक फ़ार्मा कंपनी में काम कर रही थीं, तभी एक अख़बार में उनकी नज़र पड़ी— 'Indian Army की Women Special Entry Scheme में महिलाओं की भर्ती' अंजना जी ने बिना देर किए आवेदन कर दिया।1992 में वह पहले महिला कैडेट बैच में चुनी गईं। उनका सर्विस नंबर था— 00001 यानी इतिहास की पहली पंक्ति। चेन्नई की Officers’ Training Academy में उन्होंने न सिर्फ़ ट्रेनिंग पूरी की, बल्कि पूरे बैच में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीत लिया,और इसी के साथ वह भारतीय सेना की अग्रणी महिला अफ़सरों में शामिल हो गईं। जिस पिता को यह कामयाबी सबसे ज़्यादा खुशी देती, वह तब तक इस दुनिया में नहीं थे,लेकिन उनकी माँ चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। अंजना जी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपने पिता का सपना और अपने परिवार का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया।पहला बैच होने की वजह से सब कुछ एक तरह का experiment था। ट्रेनर्स भी नहीं जानते थे कि 25 महिला कैडेट कितनी सहनशक्ति रखती हैं।अंजना जी बताती हैं—“राइफ़ल ड्रिल में 7.62mm की भारी राइफ़ल उठानी होती है।शुरुआत में हमें राइफ़ल की जगह छड़ी दे दी गई,क्योंकि उन्हें लगा हम राइफ़ल नहीं संभाल पाएँगी।” लेकिन महिला कैडेट्स ने साफ़ मना कर दिया। आप ने हर टेस्ट, हर चुनौती पूरे आत्मविश्वास के साथ पूरी की। ट्रेनिंग के बाद इसी बैच ने आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत अहम फ़ीडबैक भी दिया। शुरुआत में जवानों को महिला अफ़सर देखने की आदत नहीं थी।महिला कैडेट्स को बार-बार खुद को साबित करना पड़ता था,लेकिन समय के साथ सोच बदली,सम्मान बढ़ा,और आज महिला अफ़सर सेना की रीढ़ हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल अंजना भदौरिया सिर्फ़ गोल्ड मेडलिस्ट नहीं हैं,वह उस पीढ़ी की पहचान हैं जिसने इतिहास की पहली लकीर खींची ताकि आगे की राह आसान हो सके।यह कहानी सिर्फ़ एक महिला की नहीं, यह कहानी हिम्मत, भरोसे और देश के लिए जज़्बे की है। आप के जज्बे और आत्मविश्वास पर देशवासियों को गर्व है।आप अनगिनत बेटियों की प्रेरणास्त्रोत हैं।आप पर देशवासियों को गर्व है मेरे भारत की बेटी।🫡🫡🫡👍👍👍🇮🇳🇮🇳🇮🇳❤️🙏 #🥰मोटिवेशन वीडियो #👍 डर के आगे जीत👌 #🌞 Good Morning🌞 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡
Praveen Kumar Yadav
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10 दिन पहले
78वे भारतीय सेना दिवस की मैं आप सभी बहादुर सेना के जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां देता हूं।भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है.वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जी है जबकि भारत के तीनों सेनाओं के प्रमुख राष्ट्रपति होते हैं। इस उत्सव की शुरुआत 1949 में हुई थी,जब 15 जनवरी को भारतीय सेना की कमान ब्रिटिश सेना के अधिकारी जनरल सर फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल के.एम करिअप्पा जी को सौंपी गई थी,जिससे भारत में सेना का पहला भारतीय नेतृत्व स्थापित हुआ।इस दिन न केवल भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान का जश्न मनाया जाता है,बल्कि औपनिवेशिक शासकों से भारतीयों को सत्ता हस्तांतरण का भी प्रतीक है.लेफ्टिनेंट जनरल के.एम करिअप्पा जी,भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ,कर्नाटक से थे.वह सैम मानेकशॉ के बाद भारत के फील्ड मार्शल की उपाधि पाने वाले केवल दो लोगों में से एक थे.भारत में पहली बार 78वा सेना दिवस परेड 15 जनवरी को जयपुर (पिंक सिटी) में छावनी क्षेत्र के बाहर एक सार्वजनिक स्थान पर आयोजित किया जा रहा है।भारत 13,25,000 सैनिक जवानों के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेना है Iयदि इसमें रिजर्व और पैरामिलिट्री फोर्सेज को जोड़ दिया जाए,तो यह संख्या 47,68,407 होगी। देश की सेना में 30 रेजिमेंट और 63 सशस्त्र रेजिमेंट्स हैं जो 7 ऑपरेशनल कमांड्स और तीन प्रकार की सेनाओं में 37 डिवीजंस में फैली है।एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल्स में भारत के पास 443 नाग,30000 मिलन,4100 मिलन 2टी और 15000 9एम113 कोंक्रूज मिसाइल्स हैं,इतना ही नहीं कोरेंट,फगोट,शत्रुम,अताका-वी, मल्युक्त और फालंका जैसी हजारों एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल्स हैं।पृथ्वी,सूर्या,अग्नि ब्रह्मोस बैलेस्टिक मिसाइल्स की पूरी रेंज है।आजादी के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन युद्ध 1948, 1965,तथा 1971 में लड़े हैं जबकि एक बार चीन से 1962 में भी युद्ध हुआ है।इसके अलावा 1999 में एक युद्ध कारगिल युद्ध पाकिस्तान के साथ दुबारा लड़ा गया। "मैं मर जाऊं तो मेरी एक अलग पहचान लिख देना,लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना।" 🫡🇮🇳Indian Army Day🇮🇳🫡 🙏🇮🇳जय हिन्द जय भारत🇮🇳🙏 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🌞 Good Morning🌞 #👍 डर के आगे जीत👌 #🥰मोटिवेशन वीडियो #indian army day
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