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Praveen Kumar Yadav
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Praveen Kumar Yadav
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8 hours ago
"करो या मरो" का नारा देकर राष्ट्रपिता शहीद महात्मा गॉंधी जी ने अग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजागृति लाने हेतु अंतिम व निर्णायक लड़ाई "भारत छोड़ो आदोंलन" 8 अगस्त 1942 ई को शुरू किया था जिसका आज 83 वा स्मृति दिवस है.मै महात्मा गॉंधी जी सहित तमाम भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को शत् शत् नमन करता हूँ.यह आदोंलन मुम्बई के गोवलिया टैक से शुरू हुआ था जो पूरी तरह से अहिंसक आदोंलन था.इस आदोंलन के बाद 15 अगस्त 1947 ई को भारत देश आजाद हो गया था.इस आदोंलन को अगस्त क्रांति भी बोला जाता है.ग्रैंड ओल्ड लेडी के रूप में लोकप्रिय अरुणा आसफ अली को भारत छोड़ो आदोंलन के दौरान मुम्बई के गोवलिया टैंक मैदान में भारतीय ध्वज फहराने के लिए जाना जाता है.भारत छोड़ो का नारा एक समाजवादी युनियनवादी युसुफ मेहरली द्वारा गढा गया था.आप ने साइमन गो बैक का नारा भी गढ़ा था.क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद यह आदोंलन शुरू हुआ था क्योंकि इसने भारत के लिए पूर्ण स्वतंत्रता नहीं बल्कि विभाजन के साथ डोमिनियन स्टेट्स पेश की थी.इसी समय द्वितीय विश्वयुद्ध भी हुआ था.इस आदोंलन के तीन चरण थे.(1)शहरी विद्रोह को दबा दिया गया था.(2)पूरे देश में हड़तालें तथा प्रदर्शन हुए तथा श्रमिकों ने कारखानों में काम न करने का समर्थन प्रदान किया.(3)गाँधी जी को आगा खा पैलेस में कैद कर लिया गया तथा अग्रेजो ने करीब 14 हजार भारतीयों को कैद कर लिया.इस आदोंलन के बाद समाजवादी नेता जेपी नारायण जिन्होंने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था,सुचेता कृपलानी आदि नेताओं का उदय हुआ.इस आदोंलन के बाद देश में एकता और भाईचारे की भावना पैदा हुई.कई छात्रों ने स्कूल कालेज छोड़ दिया तथा लोगों ने अपनी नौकरियां छोड़ दी.आदोंलन में हिंसा हो जाने के कारण इस आदोंलन को दबा दिया गया.इस आदोंलन के प्रारंभ होने पर भारत का वायसराय लार्ड लिनलिथगो था.हिन्दू महासभा ने इस आदोंलन का विरोध किया यद्दपि वर्ष 1944 ई में इस आदोंलन को कुचल दिया गया किंतु द्वितीय विश्व युद्ध के कारण ब्रिटिश प्रशासन असहाय हो गया और अततः भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त हो गया.भारत माता की जय.जय हिंद जय भारत.🇮🇳अहिंसा परमो धर्म: 🇮🇳🙏 #भारतछोड़ोआंदोलन #quit india movement day #quit india movement #deshbhakti #students
Praveen Kumar Yadav
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1 days ago
महान,कवि,लेखक,नाटककार,संगीतकार, दार्शनिक और समाज सुधारक गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जी की 85 वी पुण्यतिथि पर मैं आप को कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.आप के पिताजी का नाम श्री देवेन्द्रनाथ टैगोर जी तथा माताजी का नाम शारदा देवी था।रवींद्रनाथ टैगोर ब्रह्म समाज के नेता देवेंद्रनाथ टैगोर के सबसे छोटे पुत्र थे।आप की माताजी का देहांत जब आप की उम्र कम थी तभी हो गया था.आप का जन्म एक बंगाली परिवार में हुआ था.आप ने 8 साल की उम्र में ही पहली कविता लिखी.आप की कालजयी रचना गीताजली है.साल 1913 ई में आप साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर- यूरोपीय और पहले एशियाई बन गए जो नोबेल का पुरस्कार आप को गीताजली नामक पुस्तक की रचना करने पर मिला था.आप की चर्चित रचनाओं में एक काबुलीवाला भी थी.आप की पारंपरिक शिक्षा इग्लैंड में हुई.रविन्द्रनाथ टैगोर ने कई कृतियाँ लिखी जिनमें कविताएँ,लघु कथाएँ,उपन्यास काफी लोकप्रिय है.आपने अपनी रचनाओं में सामाजिक बुराईयों जैसे बाल विवाह तथा दहेज प्रथा को भी उजागर किया.आप ने शान्तिनिकेतन नामक आश्रम की भी नीव रखी.यहाँ कक्षाएं पेड़ों के नीचे होती थी और पारंपरिक गुरु-शिष्य पद्धति का पालन किया जाता था.अब शान्तिनिकेतन पश्चिम बंगाल का एक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय है.आप ने भारत तथा बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान भी लिखा था.बाग्लादेश के राष्ट्रगान की पक्ति है आमार,सोनार,बाग्ला जबकि भारत के राष्ट्रगान की पक्ति है जन गण मन अधिनायक जय हे.आप को शहीद महात्मा गॉंधी जी ने गुरुदेव की उपाधि से नवाजा था.आप का एक प्रसिद्ध उपन्यास गोरा भी था.आप ने आजीवन सामाजिक कुरीतियों को देश से खत्म करने के लिए संघर्ष किया जिसके लिए आप को हमेशा याद किया जाएगा.शत् शत् नमन.भारत माता की जय।🇮🇳तन मन धन से पहले जन गण मन🇮🇳🙏🙏🙏 #viral #Remembering our dear Rabindranath Tagore #★ रबिन्द्रनाथ टैगौर पुण्यतिथि #deshbhakti #guru
Praveen Kumar Yadav
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4 days ago
असम में हज़ारों परिवार खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। भोजन नहीं। स्वच्छ पानी नहीं। आश्रय के नाम पर कुछ नहीं। असम में आई बाढ़ ने न केवल लोगों को बल्कि अनगिनत जानवरों को भी प्रभावित किया है। मैं असम राज्य एवं भारत सरकार से मांग करता हूं कि जल्द से जल्द राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए ताकि अनगिनत निर्दोष लोगों को बचाया जा सके। अभी तक लगभग 7 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं। ईश्वर के आगे किसी की नहीं चलती है 🫡Salute u Alakh Sirji🫡 😭Pray for Assam😭 #flood in assam ##viral #pw #morning #students
Praveen Kumar Yadav
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5 days ago
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||। पवित्र श्रावण मास एवं श्रावण के प्रथम सोमवार की मैं आप सभी शिवभक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। देवाधिदेव महादेव हम सभी की समस्त मनोकामनाएं पूरी करे ऐसी मैं महादेव से आज प्रार्थना करता हूं। हर हर महादेव🕉️🕉️🕉️🔱🔱🔱🙏🙏🙏 ##viral #good morning #mahadev #shiv #bhakti
Praveen Kumar Yadav
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6 days ago
🔥🇮🇳पिंगली वेंकैया जी की 150वीं जयंती | तिरंगे के शिल्पकार को नमन!🇮🇳🙏 #history #deshbhakti #india #good morning ##viral
Praveen Kumar Yadav
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7 days ago
महान समाज सुधारक एवं स्वराज के प्रणेता लोकमान्य बालगंगाधर तिलक जी की 106 वी पुण्यतिथि पर मैं आपको कोटिश: नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।देशभक्त बालगंगाधर तिलक जी ने नारा दिया था कि "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा"।आप आधुनिक भारत के पहले राजनीतिक नेता थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के प्रति अपने व्यक्तिगत विरोध को राष्ट्रीय आंदोलन में बदलकर भारत की स्वतंत्रता की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।बालगंगाधर तिलक जी दादाभाई नौरोजी को अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।बाल गंगाधर तिलक ने दो समाचार पत्र शुरू किए थे: केसरी और मराठा। केसरी मराठी भाषा में था,और मराठा अंग्रेजी भाषा में।अखिल भारतीय होम रूल लीग, एक राष्ट्नीतिक संगठन था जिसकी स्थापना 1916 में बाल गंगाधर तिलक द्वारा भारत में स्वशासन के लिए राष्ट्रीय मांग का नेतृत्व करने के लिए "होम रूल" के नाम के साथ की गई थी।भारत को ब्रिटिश राज में एक डोमिनियन का दर्जा प्राप्त करने के लिए ऐसा किया गया था।बाल गंगाधर तिलक अपनी राष्ट्र भक्ति, देश के प्रति अपने अथक त्याग व बलिदान के लिए जाने जाते हैं।आप के काल में कोई दूसरा ऐसा नेता नहीं था जिसे जनता आप से अधिक प्यार करती हो।जनता आप को 'लोकमान्य' कहकर पुकारती थी।ब्रिटिश अधिकारियों ने बाल गंगाधर तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा था।वैलेंटाइन चिरोल एक प्रमुख ब्रिटिश पत्रकार थे।आप ने बाल गंगाधर तिलक को "भारतीय अशांति का जनक" की उपाधि दी थी।उग्रवादी नेता बाल गंगाधर तिलक स्वामी विवेकानंद को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं।आप 1905 ई के बंगाल विभाजन के बाद स्वदेशी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे और आप ने आयातित वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया।आप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गरम दल के नेता थे।1908 में लोकमान्य तिलक ने क्रान्तिकारी प्रफुल्ल चाकी और क्रान्तिकारी खुदीराम बोस के बम हमले का समर्थन किया जिसकी वजह से उन्हें बर्मा (अब म्यांमार) स्थित मांडले की जेल भेज दिया गया।जेल से छूटकर वे फिर कांग्रेस में शामिल हो गये और 1916 में एनी बेसेंट जी के समकालीन होम रूल लीग की स्थापना की।इस आन्दोलन का मुख्य उद्देश्य भारत में स्वराज स्थापित करना था।इसमें चार या पांच लोगों की टुकड़ियां बनाई जाती थी जो पूरे भारत में बड़े-बड़े राजनेताओं और वकीलों से मिलकर 'होम रूल लीग' का मतलब समझाया करते थे।एनी बेसेंट,जो आयरलैंड से भारत आई हुई थीं,उन्होंने वहां पर होमरूल लीग जैसा प्रयोग देखा था,उसी तरह का प्रयोग उन्होंने भारत में करने का सोचा।आप ने जनजागृति का कार्यक्रम पूरा करने के लिए महाराष्ट्र में गणेश उत्सव तथा शिवाजी उत्सव सप्ताह भर मनाना प्रारंभ किया।सन 1919 ई. में कांग्रेस की अमृतसर बैठक में हिस्सा लेने के लिये स्वदेश लौटने के समय तक लोकमान्य तिलक इतने नरम हो गये थे कि उन्होंने मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधारों के द्वारा स्थापित लेजिस्लेटिव कौंसिल (विधायी परिषद) के चुनाव के बहिष्कार की गान्धी जी की नीति का विरोध ही नहीं किया इसके बजाय लोकमान्य तिलक ने क्षेत्रीय सरकारों में कुछ हद तक भारतीयों की भागीदारी की शुरुआत करने वाले सुधारों को लागू करने के लिये प्रतिनिधियों को यह सलाह अवश्य दी कि वे उनके प्रत्युत्तरपूर्ण सहयोग की नीति का पालन करें लेकिन नये सुधारों को निर्णायक दिशा देने से पहले ही 1 अगस्त,1920 ई. को बम्बई में आप की मृत्यु हो गयी।मरणोपरान्त श्रद्धाञ्जलि देते हुए गान्धी जी ने आप को आधुनिक भारत का निर्माता कहा और जवाहरलाल नेहरू ने भारतीय क्रान्ति का जनक बतलाया।आप का देश की आजादी के लिए किया गया संघर्ष हम भारतवासियो को आजीवन प्रेरित करता रहेगा तथा हमेशा हम सभी को नई ऊर्जा देगा।🥲शत् शत् नमन🥲🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏 #india #deshbhakti #lokmanya tilak punyatithi #good morning #history
Praveen Kumar Yadav
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7 days ago
J-K: कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले के केल्लाम इलाके में शुक्रवार शाम(31 जुलाई) को आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों पर फायरिंग कर दी. इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों ने केल्लाम इलाके में दो गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाया. फायरिंग के तुरंत बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया 😭यह घटना बेहद दुखद है।#terrorist attack ##viral #sad #🙌 Never Give Up #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
Praveen Kumar Yadav
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8 days ago
हिंदी साहित्य के अमर सर्जक,उपन्यास सम्राट के नाम से मशहूर मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर मैं आप को कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 🎯🔥🫡🇮🇳🙏 #hindi #munsi premchand 😇😇 #good morning #viral #history