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ALOK KUMAR SHARMA
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ALOK KUMAR SHARMA
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5 hours ago
जीवन के बारे में सबसे अधिक सिखाने वाली 8 जगहें 1. अस्पताल (Hospital) आपको सिखाता है कि जीवन कितना नाज़ुक है। एक बीमारी, एक दुर्घटना या एक अप्रत्याशित घटना अचानक यह एहसास करा देती है कि स्वास्थ्य कोई गारंटी नहीं है। बिना दर्द के सांस लेना, चलना और हर सुबह जागना वास्तव में एक आशीर्वाद है। 2. जेल (Prison) आपको निर्णयों का महत्व सिखाती है। एक गलत फैसला पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है। यह हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता उतनी ही मूल्यवान है, जितना अधिकांश लोग समझ नहीं पाते। 3. श्मशान या कब्रिस्तान (Cemetery) आपको बताता है कि वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है। पद, प्रतिष्ठा और धन यहीं रह जाते हैं। अंत में केवल यह मायने रखता है कि आपने लोगों के साथ कैसा व्यवहार किया, कितना प्रेम किया और कैसे जीवन जिया। 4. प्रसूति कक्ष (Delivery Room) आपको सिखाता है कि जीवन एक चमत्कार है। अव्यवस्था और चुनौतियों से भरी दुनिया में एक नए जीवन का जन्म यह याद दिलाता है कि आशा हर दिन जन्म लेती है। 5. अनाथालय (Orphanage) आपको प्रेम का वास्तविक अर्थ सिखाता है। बच्चों को परिपूर्ण लोगों की आवश्यकता नहीं होती। उन्हें चाहिए अपनापन, देखभाल, निरंतरता और कोई ऐसा व्यक्ति जो उन्हें अपना समझे। 6. वृद्धाश्रम (Nursing Home) आपको सिखाता है कि समय कितनी तेजी से बीत जाता है। बुज़ुर्ग अक्सर इस बारे में कम बात करते हैं कि उन्होंने क्या पाया, और अधिक इस बारे में कि उन्होंने किन चीज़ों की कद्र समय रहते नहीं की। 7. न्यायालय (Courtroom) आपको सिखाता है कि हर कर्म का परिणाम होता है। हमारे शब्द, निर्णय और कर्म एक दिन हमारे पास लौटकर आते हैं। जीवन हमेशा हिसाब रखता है, चाहे हमें लगे कि कोई देख नहीं रहा। 8. विद्यालय (School) आपको सिखाता है कि सीखने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। सबसे सफल लोग वे नहीं होते जो सब कुछ जानते हैं, बल्कि वे होते हैं जो सीखना कभी नहीं छोड़ते। यदि आप जीवन को वास्तव में समझना चाहते हैं... उन जगहों पर जाइए जहाँ लोग जन्म लेते हैं। उन जगहों पर जाइए जहाँ लोग संघर्ष करते हैं। उन जगहों पर जाइए जहाँ लोग वृद्ध होते हैं। और उन जगहों पर जाइए जहाँ लोग इस संसार को छोड़कर जाते हैं। क्योंकि ये स्थान चुपचाप ऐसे सबक सिखाते हैं... जो कोई पुस्तक, कोई डिग्री, और कोई भी धन-संपत्ति कभी पूरी तरह नहीं सिखा सकती। जीवन का सबसे बड़ा विद्यालय स्वयं जीवन है। #जीवन
ALOK KUMAR SHARMA
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13 days ago
निवेदन है की दो मिनट का टाइम निकाल कर जरूर पढ़े... ये बकवास नहीं है सच्चाई है समाज की... एक कटु सत्य..! रिश्ते तो पहले होते थे। अब रिश्ते नही सौदे होते हैं। बस यहीं से सब कुछ गङबङ हो रहा है। किसी भी माँ बाप मे अब इतनी हिम्मत शेष नही बची कि बच्चों का रिश्ता अपनी मर्जी से कर सकें। पहले खानदान देखते थे। सामाजिक पकङ और सँस्कार देखते थे और अब .... मन की नही तन की सुन्दरता , नोकरी , दौलत , कार , बँगला। साइकिल , स्कूटर वाला राजकुमार किसी को नही चाहिये । सब की पसंद कारवाला ही है। भले ही इनकी संख्या 10% ही हो । लङके वालो को लङकी बङे घर की चाहिए ताकि भरपूर दहेज मिल सके और लङकी वालोँ को पैसे वाला लङका ताकि बेटी को काम करना न पङे। नोकर चाकर हो। परिवार छोटा ही हो ताकि काम न करना पङे और इस छोटे के चक्कर मे परिवार कुछ ज्यादा ही छोटा हो गया है। पहले रिश्तो मे लोग कहते थे कि मेरी बेटी घर के सारे काम जानती है और अब.... हमने बेटी से कभी घर का काम नही कराया यह कहने में शान समझते हैं। इन्हें रिश्ता नही बेहतर की तलाश है। रिश्तों का बाजार सजा है गाङियों की तरह। शायद और कोई नयी गाङी लांच हो जाये। इसी चक्कर मे उम्र बढ रही है। अंत मे सौ कोङे और सौ प्याज खाने जैसा है अजीब सा तमाशा हो रहा है। अच्छे की तलाश मे सब अधेङ हो रहे हैं। अब इनको कौन समझाये कि एक उम्र मे जो चेहरे मे चमक होती है वो अधेङ होने पर कायम नही रहती , भले ही लाख रंगरोगन करवा लो ब्युटिपार्लर मे जाकर। एक चीज और संक्रमण की तरह फैल रही है। नोकरी वाले लङके को नोकरी वाली ही लङकी चाहिये। अब जब वो खुद ही कमायेगी तो क्यों आपके या आपके माँ बाप की इज्जत करेगी.? खाना होटल से मँगाओ या खुद बनाओ बस यही सब कारण है आजकल अधिकाँश तनाव के एक दूसरे पर अधिकार तो बिल्कुल ही नही रहा। उपर से सहनशीलता तो बिल्कुल भी नहीं। इसका अंत आत्महत्या और तलाक घर परिवार झुकने से चलता है , अकङने से नहीं.। जीवन मे जीने के लिये दो रोटी और छोटे से घर की जरूरत है बस और सबसे जरुरी आपसी तालमेल और प्रेम प्यार की लेकिन..... आजकल बङा घर व बङी गाङी ही चाहिए चाहे मालकिन की जगह दासी बनकर ही रहे। आजकल हर घरों मे सारी सुविधाएं मौजूद हैं.... कपङा धोने की वाशिँग मशीन मसाला पीसने की मिक्सी पानी भरने के लिए मोटर मनोरंजन के लिये टीवी बात करने मोबाइल फिर भी असँतुष्ट... पहले ये सब कोई सुविधा नहीं थी। पूरा मनोरंजन का साधन परिवार और घर का काम था , इसलिए फालतू की बातें दिमाग मे नहीं आती थी। न तलाक न फाँसी आजकल दिन मे तीन बार आधा आधा घँटे मोबाइल मे बात करके , घँटो सीरियल देखकर , ब्युटिपार्लर मे समय बिताकर। मैं जब ये जुमला सुनता हूँ कि घर के काम से फुर्सत नही मिलती तो हंसी आती है। बेटियों के लिये केवल इतना ही कहूँगा की पहली बार ससुराल हो या कालेज लगभग बराबर होता है। थोङी बहुत अगर रैगिँग भी होती है तो सहन कर लो। कालेज मे आज जूनियर हो तो कल सीनियर बनोगे। ससुराल मे आज बहू हो तो कल सास बनोगी। समय से शादी करो। स्वभाव मे सहनशीलता लाओ। परिवार में सभी छोटे बङो का सम्मान करो। ब्याज सहित वापिस मिलेगा। आत्मघाती मत बनो। जीवन मे उतार चढाव आता है। सोचो समझो फिर फैसला लो। बङो से बराबर राय लो। उनके उपर और ऊपर वाले पर विश्वास रखो विचार करे की हम कहा से कहा आ गये... क्या आप सब लोग मेरी बात से सहमत हो,,,अगर सहमत हो तो कामेंट बाक्स में जाकर Agree लिख दीजिए #परिवार
ALOK KUMAR SHARMA
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16 days ago
प्रकृति ने नारी के शरीर पर स्तन दिए है?? ताकि वह अपनी संतान को स्तनपान करा कर उसका पालन पोषण कर सके। परंतु..???? आज के आधुनिक समय में पिछले कुछ वर्षों से असंख्य महिलाओं ने अपने स्तनों को सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाने का माध्यम बना लिया हैं।। एक देश इजरायल है जहां लड़कियां देश की सुरक्षा के लिए कदम से कदम मिलाकर लड रही है। एक देश हमारा भारत है जहां ज्यादातर लड़कियां यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर अर्ध नंगी होकर मुजरा कर रही है और दुःख सिर्फ इस बात का है मां-बाप पति उन्हें मना करने के बजाय बहुत खुश हो रहें हैं और उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं?? सिर्फ किस लिए चंद पैसों के लिए बस... Subscribeऔर Likes करने वाले भाई इनके मजे ले रहे हैं ?? और वाह-वाह कर रहे हैं... और हमारे समाज के कुछ परम ज्ञानी लोग कह रहे हैं कि इसमें कुछ ग़लत नहीं है आपकी सोच ग़लत है, मैं उन परम ज्ञानी लोगों को बताना चाहता हूं कि समाज की कुछ मर्यादाएं भी होती हैं जिनका पालन करना सबके लिए अनिवार्य होता है ?? मेरा ऐसे लोगों से मेरा सिर्फ एक ही प्रश्न है कि - मान लीजिए आप अपनी बहन बेटियों की बहुत इज्जत करते हैं, आपकी सोच भी गंदी नहीं है तो क्या आपकी बहन बेटियां आपके सामने अर्ध नग्न होकर घूम सकती हैं ..??? नहीं ना ??? इसलिए सामाजिक नियमों का पालन कीजिए, बच्चों को नैतिकता की शिक्षा दीजिए, व्यभिचार से दूर रहिए और देश की संस्कृति बचाने में अपना पूर्ण योगदान दीजिए।🙏 सार्वजनिक जीवन में अश्लीलता का विरोध सदैव होगा, वीडियो ही बनाना है तो कुछ अच्छे वीडियो बनाएं, ऐसे वीडियो जो परिवार संग देखे जा सके,और लोगों को सीख मिल सके। लोगों को अपना टैलेंट दिखाना है, अपने निजी अंग कदापि नही.. आपकी क्या राय है??? अपने अनमोल विचार कमेंट्स में जरूर दीजियेगा।🙏 #नारी