कांग्रेस का कोई नेता इन सवालों का जवाब देदे तो फिर मैं भाजपा छोड़कर आजीवन कांग्रेस का गुलाम बनने को तैयार हुं,
1- कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का बंटवारा कराया तो फिर भारत में मुस्लिमों को क्यों रखा,
2- कांग्रेस ने बन्दे मातरम् को राष्ट्रगान बनाने का विरोध क्यों किया,
3- कांग्रेस ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड क्यो बनाया और अगर बनाया भी तो हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड क्यो नही बनाया,
4- कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में भारत माता कि जय या फिर बन्दे मातरम् के नारे क्यों नहीं लगाया जाता,
5- नेहरू से ज्यादा योग्य सरकार पटेल को प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनाया,
6- फिरोज खान का पोता ब्रह्मण कैसे बन गया,
7- कांग्रेस ने बक्फ बोर्ड क्यो बनाया और फिर वक्फ बोर्ड को अकुत सरकारी संपत्ति क्यों सौप दिया,
8- नेहरू और एडविना के बीच क्या रिश्ता था,
9- कांग्रेस ने सोमनाथ मन्दिर और राम मंदिर का विरोध क्यों किया,
10- कांग्रेस ने धारा 370 क्यों लगाया,
11- कांग्रेस ने मंदिर के संपत्ति को सरकारी संपत्ति और मस्जिद चर्च को सरकारी नियंत्रण से बाहर क्यों रखा,
12- इन्द्रा ने सैकड़ों निहत्थे साधु-संतों को गोलियों से छलनी क्यों कराया,
13- इन्द्रा ने अपातकाल लगाकर सभी विरोधीयों को जेल में कैद क्यों कराई,
14- जब पाकिस्तान और बांग्लादेश ने अपने को ईशलामी देश घोषित किया तो फिर इन्द्रा ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित क्यों नहीं की,
15- नेहरू ने कश्मीर के अक्साई क्षेत्र चीन को और पीओके पाकिस्तान को क्यों दिया,
16- इन्द्रा ने पाकिस्तान के 93 हजार युद्ध बन्दियों को छोड़ दिया तो फिर पाकिस्तान के जेल में बंद भारतीय सैनिकों को मरने के लिए क्यों छोड़ दी,
17- इन्द्रा ने ताशकंद में लालबहादुर शास्त्री जी की हत्या का जांच क्यों नहीं कराई,
18- नेहरू और गांधी बैरिस्टर होते हुए भी भगत सिंह का केस क्यों नहीं लडा,
ऐसे और भी अनेक सवाल है जिसका जवाब कांग्रेस के पास ना हैं और ना होगा,
इसलिए जो सच्चा देशभक्त और सच्चा सनातनी हिंदू होगा वो अपने जीवन काल में कभी भी किसी परिस्थिति में कांग्रेस का सपोर्ट नहीं कर सकता,
जय श्री राम,
भारत माता कि जय, #भारत
सीतामढ़ी में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सदर अस्पताल गेट के पास निजी क्लीनिक और सोनबरसा अल्ट्रासाउंड सील
#सीतामढ़ी। जिले में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों और जांच केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी रिची पाण्डेय के निर्देश पर सदर अस्पताल के मुख्य गेट के समीप संचालित एक निजी क्लीनिक तथा सोनबरसा अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास संचालित कई अन्य निजी क्लीनिकों ने आनन-फानन में अपने शटर गिरा दिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों और जांच केंद्रों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसी क्रम में डुमरा पीएचसी प्रभारी डॉ. अक्षय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सदर अस्पताल परिसर के आसपास चल रहे क्लीनिकों की जांच शुरू की। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि सदर अस्पताल के मुख्य गेट के समीप संचालित एक निजी क्लीनिक तथा सोनबरसा अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना वैध कागजात और आवश्यक मानकों के संचालित हो रहे थे। कई आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण प्रमाणपत्र और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों संस्थानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिसर में लगे बोर्ड, उपकरणों और कागजात की भी जांच की। प्रशासन की इस सख्ती से आसपास के अन्य क्लीनिक संचालकों में भी अफरातफरी मच गई और कई संचालकों ने कार्रवाई के डर से अपने-अपने क्लीनिकों के शटर गिरा दिए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिना पंजीकरण और मानक के संचालित क्लीनिक मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित सभी निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम और जांच केंद्रों को नियमों के अनुरूप पंजीकरण और आवश्यक मानकों का पालन करना अनिवार्य है। डुमरा पीएचसी प्रभारी डॉ. अक्षय कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान जिन संस्थानों के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इधर, प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल के आसपास के इलाके में काफी देर तक हलचल का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अस्पताल परिसर के आसपास कई क्लीनिक और जांच केंद्र बिना नियमों के संचालित हो रहे थे, जिससे मरीजों को भी आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल गया है कि जिले में अवैध क्लीनिकों और फर्जी जांच केंद्रों के खिलाफ प्रशासन आगे भी लगातार सख्त कदम उठाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम जल्द ही अन्य क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाकर ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। #sitamarhi




