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पहा पटतय का..
@9944482
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पहा पटतय का..
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4 days ago
अगर जिवन मे सफलता चाहते हॊ तो रास्ता कितना भी कठीण हॊ मन को मजबूर नही मजबूत बनाना मेरे दोस्त सफलता तेरे कदम चुमेगी.... ❤️ #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥 #💿पुराने गाने #💗80's सांग्स परफॉरमेंस🎵 #hindi #hindi
पहा पटतय का..
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10 days ago
एक गाँव में एक किसान रहता था।वह दूध से दही और मक्खन बनाकर बेचता था। एक दिन किसान की पत्नी ने मक्खन बनाकर उसे बेचने के लिए दिया। किसान मक्खन बेचने के लिए गाँव से शहर की ओर निकल पड़ा। मक्खन गोल-गोल रोल के आकार में रखा हुआ था, और हर एक का वजन 1 किलो था। शहर पहुँचकर किसान हमेशा की तरह तयशुदा दुकान पर मक्खन दे देता और बदले में चाय, चीनी, तेल और घर के ज़रूरी सामान लेकर लौट आता। उस दिन किसान के जाने के बाद दुकानदार जब मक्खन के रोल फ्रिज में रखने लगा, तो उसने सोचा—आज एक बार वजन जाँच कर लेते हैं। जब उसने मक्खन के रोल तौले, तो देखा कि हर एक का वजन 1 किलो नहीं, बल्कि 900 ग्राम है। अगले हफ्ते किसान फिर उसी दुकान पर मक्खन बेचने आया। दुकान के सामने पहुँचते ही दुकानदार चिल्लाकर बोला— “मेरी दुकान से बाहर निकल जाओ! अब किसी बेईमान और धोखेबाज़ के साथ व्यापार करो। मेरी दुकान में दोबारा मत आना। 900 ग्राम मक्खन को 1 किलो बताकर बेचने वाले का चेहरा भी मैं नहीं देखना चाहता!” किसान ने विनम्र और काँपती आवाज़ में कहा— “दादा, कृपया गुस्सा मत कीजिए। मैं बहुत गरीब आदमी हूँ, मेरे पास बाट (तौलने का वजन) खरीदने के पैसे नहीं हैं। इसलिए मैं हर बार आपसे जो 1 किलो चीनी लेकर जाता था, उसे तराजू के एक पलड़े में रखकर दूसरे पलड़े में मक्खन तौलता था।” आप दूसरों को जो देते हैं, वह किसी न किसी रूप में आपके पास लौटकर आता है— चाहे वह सम्मान हो या घृणा।😊 #🤣गर्मी के चुटकुले और मीम्स🌞🥵 #🎶हैप्पी रोमांटिक स्टेटस #💗80's सांग्स परफॉरमेंस🎵 #💿पुराने गाने #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥
पहा पटतय का..
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20 days ago
जब फसलों को आस थी बरसात की, शहर में बरसता रहा, गांव तरसता रहा! सुख गए पुल-पुलिया, फसल झुलसता रहा! बंजड़ हुई जमीनें, आंखें नम बरसता रहा! लाखों की क्षति देख,तड़पता रहा! फिर भी बचें फसलों पर, उम्मीद थोड़ा जगता रहा! खेतों में अब वह, धिरे-धिरे पलता-फलता रहा! अब फसलों को आस न थी बरसात की, बस कुछ दिनों में पक कर, कटने की जज़्बात रहा! फिर घनघोर बरसात ऐसी, सभी फसलें बर्बाद रहा! महकते-गमकते सुनहरे बाल, लूढकर जमीन पे सो रहा! टूटकर बिखर गए किसान भी, अब न कोई आस रहा! प्रकृती किं महिमा ऐसी, केवल किसान ही बर्बाद रहा! कहीं यह प्रकृति के साथ घेलवाड़ करने का वज़ह तो नहीं! पेड़-पौधों की रक्षा करना, नये पेड़-पौधे लगाना, मिट्टी-पानी का संरक्षण करना अति आवश्यक हो गया... #किसान #किसान #🌞 Good Morning🌞 #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #💓 फ़ौजी के दिल की बातें