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Akshay Jamdagni
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Akshay Jamdagni
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🚩 ~ Aaj Ka Vedic Hindu पंचांग और कर्ज-मुक्ति, आर्थिक परेशानी के सरल अचूक उपाय ~ 🚩 ​🚩By Astro Vastu Kosh🚩 ​🌤️ दिनांक - 10 अगस्त 2026 🌤️ दिन - सोमवार 🌤️ विक्रम संवत 2083 🌤️ शक संवत - 1948 🌤️ अयन - दक्षिणायन 🌤️ ऋतु - वर्षा ॠतु 🌤️ मास - श्रावण 🌤️ पक्ष - कृष्ण 🌤️ तिथि - द्वादशी सुबह 08:00 तक तत्पश्चात त्रयोदशी 🌤️ नक्षत्र - आर्द्रा दोपहर 12:26 तक तत्पश्चात पुनर्वसु 🌤️ योग - वज्र रात्रि 10:27 तक तत्पश्चात सिद्धि 🌤️ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:59 से दोपहर 12:53 तक 🌤️ विजय मुहूर्त - दोपहर 02:40 से दोपहर 03:34 तक 🌤️ राहुकाल - सुबह 07:26 से सुबह 09:06 तक 🌤️ यामगण्ड काल - दोपहर 12:26 से दोपहर 02:06 तक 🌤️ गण्डमूल नक्षत्र - आज गण्डमूल नक्षत्र नहीं है 🌤️ सूर्योदय - 05:46 🌤️ सूर्यास्त - 07:07 👉 दिशाशूल - पूर्व दिशा में ​🚩व्रत पर्व विवरण - सोम प्रदोष व्रत (पूजन आज शाम), त्रयोदशी क्षय तिथि ​💥विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) ​💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए। (स्कन्द पुराण) ​💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। ​💥ज्योतिष में व्यतिपात योग की महिमा💥 ​🌷 व्यतिपात योग 🌷 ​➡️ 11 अगस्त 2026 मंगलवार को शाम 06:51 से 12 अगस्त दोपहर 03:26 तक व्यतिपात योग है। ​🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायाम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है। व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है। (वाराह पुराण) ​🌷 कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि 🌷 ​👉🏻 11 अगस्त 2026 मंगलवार को मासिक शिवरात्रि है। ​🙏🏻 हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते-करते ये 17 मंत्र बोलें। जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोलें, इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी: ​🌷 1). ॐ शिवाय नम: 🌷 2). ॐ सर्वात्मने नम: 🌷 3). ॐ त्रिनेत्राय नम: 🌷 4). ॐ हराय नम: 🌷 5). ॐ इन्द्र्मुखाय नम: 🌷 6). ॐ श्रीकंठाय नम: 🌷 7). ॐ सद्योजाताय नम: 🌷 8). ॐ वामदेवाय नम: 🌷 9). ॐ अघोरह्र्द्याय नम: 🌷 10). ॐ तत्पुरुषाय नम: 🌷 11). ॐ ईशानाय नम: 🌷 12). ॐ अनंतधर्माय नम: 🌷 13). ॐ ज्ञानभूताय नम: 🌷 14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम: 🌷 15). ॐ प्रधानाय नम: 🌷 16). ॐ व्योमात्मने नम: 🌷 17). ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम: ​🙏🏻 आर्थिक परेशानी से बचने हेतु 🙏🏻 ​👉🏻 हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि - कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है। उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं, वो शाम के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें। ​👉🏻 रात को जब 12 बज जाएँ तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी। ​🙏🏻 हर महीने की शिवरात्रि के दिन सूर्यास्त के समय एक दीये में पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग जलाकर शिवलिंग के आगे रखें और बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप और प्रार्थना करें। इससे सिर से कर्जा जल्दी उतरता है और आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं। ​📲 दैनिक पंचांग, वास्तु और ज्योतिषीय अपडेट्स के लिए जुड़ें: • WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va51s5wLtOj7SaZ6cL2E ​👉 व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण एवं वास्तु परामर्श हेतु संपर्क करें: • WhatsApp: https://wa.me/919412211260 ​#panchang #aajkapanchang #somwar #sompradoshvrat #astrovastukosh #astrology #jyotish #vastu #hinduism #dailyastrology #astroremedies #harharmahadev #akshayjamdagni #astrovastukosh #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔
Akshay Jamdagni
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13 days ago
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🙏🔱 जय श्री महाकाल 🔱🙏 ✨ श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंगजी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन ✨ 🦂 28 जुलाई 2026, मंगलवार 🦂 🌙 श्रावण मास, कृष्ण पक्ष 🌙 कालों के काल, अवंतिका के राजा, त्रिनेत्रधारी बाबा महाकाल का आज का भस्म आरती दर्शन अत्यंत दिव्य है 🌌 श्रावण के पवित्र महीने में मंगलवार का दिन और भी विशेष हो जाता है 🔥 मंगल के देव हनुमान जी ⚡ और महाकाल शिव जी 🔱 का आशीर्वाद एक साथ मिलता है। इससे जीवन के हर संकट, भय और नकारात्मकता का नाश होता है। 🪔 भस्म आरती का गूढ़ रहस्य 🪔 प्रातः भस्म से स्नान कराया जाना हमें याद दिलाता है - "शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है" ♾️ 💛 पीताम्बरा का संदेश 💛 अपने क्रोध 😠, भय 😨 और भ्रम 😵‍💫 को रोककर ज्ञान 💡 और संयम 🧘 के साथ जीओ। 🕉️ प्रार्थना 🕉️ "हे मृत्युंजय महादेव, हमारे जीवन के हर संकट को स्तम्भित कर दीजिए।" 🙏 हर हर महादेव। जय श्री महाकाल। 🔱✨ #astrovastukosh #akshayjamdagni #mahakal #bhasmaarti #ujjain #shravanmaas #sanatandharma #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख #astrovastukosh #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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13 days ago
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🙏🔱 जय श्री महाकाल 🔱🙏 ✨ श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंगजी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन ✨ 🦂 28 जुलाई 2026, मंगलवार 🦂 🌙 श्रावण मास, कृष्ण पक्ष 🌙 कालों के काल, अवंतिका के राजा, त्रिनेत्रधारी बाबा महाकाल का आज का भस्म आरती दर्शन अत्यंत दिव्य है 🌌 श्रावण के पवित्र महीने में मंगलवार का दिन और भी विशेष हो जाता है 🔥 मंगल के देव हनुमान जी ⚡ और महाकाल शिव जी 🔱 का आशीर्वाद एक साथ मिलता है। इससे जीवन के हर संकट, भय और नकारात्मकता का नाश होता है। 🪔 भस्म आरती का गूढ़ रहस्य 🪔 प्रातः भस्म से स्नान कराया जाना हमें याद दिलाता है - "शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है" ♾️ 💛 पीताम्बरा का संदेश 💛 अपने क्रोध 😠, भय 😨 और भ्रम 😵‍💫 को रोककर ज्ञान 💡 और संयम 🧘 के साथ जीओ। 🕉️ प्रार्थना 🕉️ "हे मृत्युंजय महादेव, हमारे जीवन के हर संकट को स्तम्भित कर दीजिए।" 🙏 हर हर महादेव। जय श्री महाकाल। 🔱✨ #astrovastukosh #akshayjamdagni #mahakal #bhasmaarti #ujjain #shravanma #astrovastukosh #🙏 माँ वैष्णो देवी #❤️जीवन की सीख #🙏शाम की आरती🪔
Akshay Jamdagni
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16 days ago
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📢 आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) एवं पारण हेतु आवश्यक शास्त्रीय मार्गदर्शन 📢 ​जय श्री कृष्णा! 🙏✨ ​पंचांग भेद एवं शास्त्रोक्त नियमों के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) के व्रत एवं पूजन के संदर्भ में सभी भक्तगण निम्नलिखित व्यवस्था का ध्यान रखें: ​🔹 1. जिन्होंने आज (शनिवार, 25 जुलाई) व्रत रखा है: ​तिथि स्थिति: आज सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान थी (उदयातिथि एकादशी)। ​पारण समय: इस व्रत का पारण कल रविवार, 26 जुलाई 2026 को सूर्योदय के पश्चात प्रातः 05:39 बजे से सुबह 08:24 बजे के मध्य करें। ​🔹 2. जो भक्त कल (रविवार, 26 जुलाई) व्रत रख रहे हैं: ​तिथि स्थिति: रविवार को सूर्योदय के समय द्वादशी तिथि रहेगी। शास्त्रों में एकादशी के अगले दिन वैष्णव/द्वादशी व्रत रखने का पूर्ण विधान है। ​संकल्प: जो श्रद्धालु कल उपवास रख रहे हैं, वे भगवान श्री हरि विष्णु का ध्यान करते हुए द्वादशी-एकादशी व्रत का संकल्प लें। ​पारण समय: इस व्रत का पारण सोमवार, 27 जुलाई 2026 को सूर्योदय के पश्चात करें। ​💡 शास्त्रोक्त विचार: भगवान श्री हरि केवल भाव और भक्ति के भूखे हैं। पंचांग की गणना और अपनी परंपरा के अनुसार शनिवार या रविवार—दोनों ही दिनों में भक्तिभाव से किया गया उपवास भगवान विष्णु की पूर्ण कृपा प्रदान करता है। ​#astrovastukosh #akshayjamadagni #devshayaniekadashi #ekadashi #panchang #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख #🙏 माँ वैष्णो देवी #astrovastukosh
Akshay Jamdagni
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16 days ago
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ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः 🚩✨ ​भगवान श्री महाकालेश्वर जी का संध्या कालीन आरती श्रृंगार अत्यंत अलौकिक, दिव्य और मनमोहक होता है। 🔱 संध्या काल में बाबा महाकाल का भस्म, चंदन, दिव्य वस्त्रों, पुष्पों और भांग से अद्भुत श्रृंगार किया जाता है। 🌸🌿🍁 ​🔱 दिनांक 24 जुलाई 2026 — संध्या आरती श्रृंगार दर्शन 🔱 ​🎨 दिव्य श्रृंगार: बाबा महाकाल के मस्तक पर अलौकिक त्रिपुंड, चंदन का लेप, मनमोहक भांग का भव्य श्रृंगार और ताजे सुगंधित पुष्पों की माला सुशोभित है। ​🔔 संध्या आरती: संध्या आरती के समय शंखनाद, डमरू की ताल, मंजीरों की झंकार और जयकारों की गूंज से संपूर्ण महाकाल प्रांगण भक्तिमय हो उठा। 🥁🔱✨ ​🚩 "अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चण्डाल का, काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का॥" 🚩 ​हर हर महादेव! 🔱 जय श्री महाकाल! 🔱 ​🔥 ​#Mahakal ​#Mahakaleshwar ​#UjjainMahakal ​#JaiShreeMahakal ​#HarHarMahadev ​#MahakalAarti ​#Bholenath ​#ShivShankar ​#Jyotirlinga ​#Ujjain #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #akshayjamdagni
Akshay Jamdagni
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19 days ago
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🙏🔱 जय श्री महाकाल 🔱🙏 🕉️ श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी के पावन भस्म आरती एवं दिव्य श्रृंगार दर्शन 🕉️ 📅 22 जुलाई 2026, बुधवार 🌺 बाबा महाकाल की असीम कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। 🔱 महाकाल हर भय का अंत करते हैं, हर संकट को दूर करते हैं और अपने भक्तों के जीवन में सुख, शांति, आरोग्य तथा समृद्धि का संचार करते हैं। 🙏 हर हर महादेव 🚩 जय श्री महाकाल 🚩 #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख #astrovastukosh #akshayjamdagni
Akshay Jamdagni
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20 days ago
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🚨🚩 क्या आपने आज मंगलवार को श्री हनुमान जी का स्मरण किया? कहीं यह दिव्य अवसर आपके हाथ से निकल न जाए! 🙏 एक सच्ची प्रार्थना बदल सकती है आपका पूरा दिन, बजरंगबली की कृपा से हर संकट हो सकता है दूर मंगलवार केवल सप्ताह का एक दिन नहीं, बल्कि श्री हनुमान जी के चरणों में अपनी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण अर्पित करने का पावन अवसर है। जहाँ श्रीराम का नाम है, वहाँ हनुमान जी का वास है। और जहाँ हनुमान जी की कृपा है, वहाँ भय, संकट और निराशा का कोई स्थान नहीं। हे पवनपुत्र हनुमान, हमारे मन से अहंकार दूर करें, जीवन में साहस, सेवा, सद्बुद्धि और भक्ति का प्रकाश भर दें। हर कदम पर श्रीराम के आदर्शों पर चलने की शक्ति प्रदान करें। जो भक्त सच्चे मन से आपका स्मरण करता है, उसके जीवन के कठिन से कठिन मार्ग भी सरल हो जाते हैं। आपकी कृपा से असंभव भी संभव बन जाता है। 🌺 आज की प्रार्थना "हे संकटमोचन हनुमान जी, हमारे जीवन से भय, दुःख, रोग, संकट और निराशा को दूर करें। हमें सदैव धर्म, सत्य और श्रीराम की भक्ति के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें।" 🙏 जय श्रीराम। 🚩 जय बजरंगबली। "राम नाम जिनके प्राणों में बसता है, हनुमान जी का आशीर्वाद सदैव उनके साथ रहता है।" "संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि विश्वास हनुमान जी पर अटल हो, तो हर अंधकार के बाद विजय का प्रकाश अवश्य आता है।" 📿 यदि आप भी बजरंगबली में अटूट आस्था रखते हैं... ❤️ कमेंट में लिखें, "🚩 जय बजरंगबली 🚩" 📲 इस पावन संदेश को अपने परिवार, मित्रों और सभी हनुमान भक्तों तक अवश्य पहुँचाएँ। 🙏 हो सकता है आपकी एक शेयर किसी के जीवन में आशा और श्रद्धा का दीप जला दे। ✍️ Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamdagni #hanumanji #mangalwar #bajrangbali #jaishreeram #hanumanchalisa #sankatmochan #sanatandharma #hindudharma #astrovastukosh #akshayjamdagni #bhakti #viralpost #astrovastukosh #🙏शाम की आरती🪔 #🙏 माँ वैष्णो देवी #❤️जीवन की सीख
Akshay Jamdagni
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23 days ago
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🚩 पूजा करते समय भूलकर भी न करें ये 31 गलतियाँ, वरना पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलेगा | By Akshay Jamdagni 🙏 हर सनातनी को अवश्य जानने चाहिए पूजा-साधना के ये महत्वपूर्ण शास्त्रीय नियम शास्त्रों में पूजन के लिए धूप का उल्लेख अधिक मिलता है, जबकि आधुनिक अगरबत्ती का उल्लेख प्राचीन वैदिक पूजन-विधान में सामान्यतः नहीं मिलता। अनेक आचार्यों का मत है कि रासायनिक (केमिकल युक्त) तथा बांस आधारित अगरबत्तियों की अपेक्षा प्राकृतिक धूप, गुग्गुल, लोबान अथवा हवन सामग्री का प्रयोग अधिक सात्त्विक और शास्त्रसम्मत माना जाता है। इसी कारण अनेक विद्वान पूजा में प्राकृतिक धूप के प्रयोग की सलाह देते हैं। श्रद्धालुओं को भी इस विषय में जागरूक होना चाहिए तथा यथासंभव प्राकृतिक धूप का प्रयोग करना चाहिए। 🙏 आइए जानते हैं पूजा-साधना से जुड़े 31 महत्वपूर्ण शास्त्रीय नियम। 🕉️ पूजा-साधना के 31 महत्वपूर्ण नियम 👉 1. गणेशजी को तुलसी पत्र छोड़कर सभी पत्र प्रिय हैं। भैरव पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता। 👉 2. कुंद का पुष्प माघ मास को छोड़कर भगवान शिव को अर्पित नहीं करना चाहिए। 👉 3. बिना स्नान किए तुलसी पत्र नहीं तोड़ना चाहिए। 👉 4. रविवार के दिन दूर्वा नहीं तोड़नी चाहिए। 👉 5. भगवान शिव को केतकी का पुष्प अर्पित नहीं करना चाहिए। 👉 6. कार्तिक मास में भगवान विष्णु को केतकी का पुष्प अर्पित करना शुभ माना गया है। 👉 7. देवताओं के समक्ष प्रज्वलित दीपक को स्वयं नहीं बुझाना चाहिए। 👉 8. शालिग्राम का आवाहन और विसर्जन नहीं किया जाता। 👉 9. स्थापित मूर्ति में पुनः आवाहन और विसर्जन नहीं होता। 👉 10. तुलसी पत्र का संग्रह मध्याह्न के बाद नहीं करना चाहिए। 👉 11. पूजा के समय गुरुदेव या पूज्य व्यक्ति आएँ तो उन्हें प्रणाम कर उनकी आज्ञा से शेष पूजा पूर्ण करें। 👉 12. मिट्टी की मूर्ति का आवाहन और विसर्जन शास्त्रीय विधि से किया जाता है। 👉 13. कमल, बिल्वपत्र और तुलसी पत्र निश्चित अवधि तक शुद्ध करके पुनः प्रयोग किए जा सकते हैं। 👉 14. पंचामृत उपलब्ध न हो तो केवल दूध से अभिषेक करने पर भी पुण्य प्राप्त होता है। 👉 15. शालिग्राम पर सामान्य अक्षत नहीं चढ़ाए जाते। 👉 16. हाथ में धारण किए पुष्प, तांबे के पात्र में रखा चंदन तथा चमड़े के पात्र में रखा गंगाजल अपवित्र माना गया है। 👉 17. पिघला हुआ घृत तथा अत्यधिक पतला चंदन अर्पित नहीं करना चाहिए। 👉 18. एक दीपक से दूसरा दीपक जलाना तथा दीपक से अगरबत्ती जलाना कई परंपराओं में अशुभ माना गया है। 👉 19. द्वादशी, संक्रांति, रविवार, पक्षांत तथा संध्याकाल में तुलसी पत्र नहीं तोड़ना चाहिए। 👉 20. प्रतिदिन की पूजा में सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा अवश्य अर्पित करें। 👉 21. आसन, शयन, दान, भोजन, वस्त्र धारण, विवाद तथा विवाह के समय छींक शुभ मानी गई है। 👉 22. मलिन वस्त्र पहनकर अथवा अशुद्ध अवस्था में जप-पूजन नहीं करना चाहिए। 👉 23. रात्रि एवं प्रदोषकाल में मिट्टी, गोबर तथा गोमूत्र का संग्रह नहीं करना चाहिए। 👉 24. मूर्ति स्नान कराते समय अंगूठे से मूर्ति को नहीं रगड़ना चाहिए। 👉 25. पीपल वृक्ष को दोपहर के समय नमस्कार करना श्रेष्ठ माना गया है। 👉 26. जहाँ विद्वानों का अनादर होता है, वहाँ अनिष्ट की संभावना बताई गई है। 👉 27. पौष शुक्ल दशमी, चैत्र शुक्ल पंचमी तथा श्रावण पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन शुभ माना गया है। 👉 28. कृष्ण पक्ष, रिक्ता तिथि तथा श्रवणादि नक्षत्रों में लक्ष्मी पूजन नहीं करना चाहिए। 👉 29. अपराह्न, रात्रि, कृष्ण पक्ष, द्वादशी तथा अष्टमी में लक्ष्मी पूजन प्रारंभ नहीं करना चाहिए। 👉 30. यज्ञ मंडप सम एवं संतुलित होना चाहिए। 👉 31. शास्त्रोक्त विधि से निर्मित एवं सुसज्जित यज्ञकुंड को ही शुभ माना गया है। 🌺 निष्कर्ष सनातन धर्म में पूजा केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि शास्त्रसम्मत विधि का भी विषय है। यदि हम इन नियमों का पालन करें तो पूजा अधिक सात्त्विक, अनुशासित और फलदायी मानी जाती है। 🙏 यदि यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने परिवार, मित्रों और सभी सनातन प्रेमियों के साथ अवश्य साझा करें। 🕉️ Astro Vastu Kosh By Akshay Jamdagni #astrovastukosh #akshayjamdagni #sanatandharma #hindudharma #poojavidhi #dharma #bhakti #jyotish #vastu #spirituality #hinduism #viralpost #❤️जीवन की सीख #astrovastukosh #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔