मेरठ की एक बेटी 4 बार फेल हुई लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हर बार आगे बढ़ी। रोज 9 घंटे के काम करते हुए ऑफिस की कैब में पढ़ाई की और फिर एक दिन ऐसा आया जब 23 लाख की नौकरी छोड़कर IAS बन गई। यह कहानी लगन से आगे बढ़ने और असफलता के बाद भी डटे रहने के लिए मोटिवेट करती है।
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। प्रसिद्ध कविता की ये लाइनें मेरठ की बेटी काजल जावला पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। UPSC के लिए अपनी कोशिशों में 4 बार फेल होने के बाद भी लक्ष्य कभी नहीं छोड़ा। जाॅब करते-करते तैयारी आसान नहीं थी लेकिन काजल ने दोनों को बैलेंस किया। ऑफिस में 9 घंटे काम और रास्ते में आने-जाने के दौरान कैब में पढ़ाई करके आगे बढ़ीं। अपने 5वें प्रयास में उनका सपना पूरा हुआ और वह 23 लाख की नौकरी छोड़कर IAS बनी थीं। इस सक्सेस स्टोरी में उनका सफर देखते हैं जो बताता है कि जुनून और लगन से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।
एक इंटरव्यू में काजल बताती हैं कि मूल रूप से वह यूपी के मेरठ की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की है। बचपन से वह डाॅक्टर बनना चाहती थीं लेकिन उस समय लोग उन्हें सिविल सर्विस के लिए बोलते थे। हालांकि, उन्हें इसके बारे में आइडिया नहीं था और 2010 में वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए मुथरा चली गईं। यहां के एक इंजीनियरिंग काॅलेज से उन्होंने बीटेक किया।
काजल ने पढ़ाई पूरी होने के बाद एक कंपनी में अच्छे सैलरी पैकेज पर नौकरी मिल गई थी। हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि बेटी सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करे और देश की सेवा करे। पिता के इस सपने को पूरा करने के लिए 2014 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी
जाॅब करते-करते काजल की शादी भी हो गई थी लेकिन वह यूपीएससी के लक्ष्य के लिए आगे बढ़ती रहीं। शादी के बाद उन्हें अपने पति का भी साथ मिला। 9 घंटे की जाॅब की के साथ उन्होंने तैयारी बैलेंस की। उनके घर से ऑफिस (दिल्ली से गुरुग्राम) तक जाने में लगभग 2 घंटा लग जाता था। ऐसे में समय बचाने के लिए वह कैब से आते-जाते समय रास्ते में पढ़ाई करती थीं। वीकेंड पर पढ़ाई के लिए ज्यादा समय देती थीं और इस दौरान पति और उनके पिता मोटिवेट करते थे।
काजल ने 2012 में यूपीएससी के लिए पहला प्रयास किया था और इस दौरान उन्होंने अपने बहुत से क्लासमेट को तैयारी करते और एग्जाम देते हुए देखा था। तब उन्हें लगा कि उन्हें समझ आया और वह आगे बढ़ती रहीं। 2014 के अटेंप्ट में भी उन्हें असफलता मिली थी। 2016 में शादी होने के बाद अटेंप्ट दिया और इस बार भी वह फेल हो गईं।
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