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Dakshin Kosal
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Dakshin Kosal
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2 महीने पहले
"मन चंगा तो कठौती में गंगा" ✨ ​संत शिरोमणि, महान समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के पुरोधा गुरु रविदास जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 🙏 ​उन्होंने हमें सिखाया कि ईश्वर की भक्ति के लिए बाहरी दिखावे की नहीं, बल्कि मन की पवित्रता की आवश्यकता होती है। आइए, उनके विचारों को अपनाएं और एक समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान दें। ​आप सभी को गुरु रविदास जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! 💐 ​#GuruRavidasJayanti #SantRavidas #RavidasJayanti2026 #🌺बसंत पंचमी Status⏳ #📜 Whatsapp स्टेटस #🌞 Good Morning🌞 #🌷शुभ रविवार #💐फूलों वाली शुभकामनाएं🌹
Dakshin Kosal
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2 महीने पहले
विद्या और कला की देवी माँ सरस्वती को कोटि-कोटि नमन। 🙏✨ हे वाग्देवी, हमारे अंतस के सारे तम मिटा कर हमें ज्ञान के मार्ग पर अग्रसर करें। #SaraswatiVandana #DakshinKosalToday #MaaSaraswati #Spiritual #🪔बसंत पंचमी की शुभकामनाएं🙏🌸 #🌺बसंत पंचमी Status⏳ #🪔बसंत पंचमी पूजा विधि🙏🌸 #🙏सरस्वती भजन, मंत्र और आरती🪔 #🙏🏻मां सरस्वती 🌺
Dakshin Kosal
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3 महीने पहले
क्या आप जानते हैं कि भारत में लेखन से पहले भी इतिहास, विज्ञान और चिकित्सा का ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी चला आ रहा था? जी हाँ — वाचिक परंपरा (श्रुति परंपरा) के माध्यम से। 👉 उरांव समुदाय का सरहुल पर्व: घड़े में पानी के स्तर से वर्षा की भविष्यवाणी। 👉 बैगा समुदाय: जंगल के फूल के आधार पर तय करते हैं कि इस साल मधुरस निकालना है या नहीं। 👉 बीजा पंडुम में शिकार की सफलता = अच्छी बारिश और अच्छी फसल का संकेत। ये सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ लंबे अनुभव और वैज्ञानिक अवलोकन का नतीजा है। और फिर वो कथाएँ — जल प्रलय के बाद मानव की उत्पत्ति की कहानियाँ, जो आज के भू-वैज्ञानिक तथ्यों से मेल खाती हैं। छत्तीसगढ़ के बिंझवार योद्धा गोपल्ला की गाथा भी देवार गीत के माध्यम से आज तक पहुँची — जिसे ऐतिहासिक साक्ष्यों से जोड़ा गया। वाचिक परंपरा सिर्फ लोकगीत या कहानी नहीं है — यह हमारे गौरवशाली अतीत की जीवित धारा है। क्या हम इस धरोहर को नए ज़माने में भी जीवित रख पाएँगे? 👇 आपके गाँव/क्षेत्र में कौन-सी वाचिक परंपरा जीवित है? कमेंट में बताइए। #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह
Dakshin Kosal
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3 महीने पहले
छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर जन्मे गुरु घासीदास बाबा जी (1756–1850) ने मानव-मानव में बसे सत्यस्वरूप परमात्मा का दर्शन कराकर समाज को समता, दया और मानवता का मार्ग दिखाया। उनका अमर संदेश आज भी हमारे जीवन को दिशा देता है — ✨ सतनाम पर विश्वास ✨ जाति-भेद का विरोध ✨ नशा, हिंसा और पाखंड से दूरी ✨ नारी सम्मान और सामाजिक समानता 🙏 गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन आइए, उनके विचारों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण और मानवीय समाज का निर्माण करें। जय सतनाम | जय छत्तीसगढ़ | जय मानवता #GuruGhasidas #सतगुरुघासीदास #JayantiSpecial #SatyAurSamta #SatnamPanth #ChhattisgarhPride #SocialEquality #IndianSaints #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻गुरबानी
Dakshin Kosal
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5 महीने पहले
31 अक्टूबर आधुनिक भारत के शिल्पी, लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मजयंती है। भारत की रियासतों को एकसूत्र में बाँधकर राष्ट्र को अखण्ड स्वरूप देने वाले इस महापुरुष ने अपने अदम्य साहस, नीति और दूरदृष्टि से भारतीय एकता की अमर नींव रखी। उनके जीवन, संघर्ष और योगदान को जानिए इस विशेष आलेख में। पूरा आलेख पढ़े - https://tinyurl.com/4frt8byk #hindu ekta #एकता #सरदार वल्लभ भाई #जयंती
Dakshin Kosal
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5 महीने पहले
*आंवला नवमी: भारतीय समाज में प्रकृति पूजन का पर्व* > आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, भारतीय समाज में प्रकृति पूजन की परंपरा का प्रतीक है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है, जो वैदिक काल से जीवन, आरोग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ब्राह्मणों समाज से लेकर गोंड, उरांव, साहू, बैगा समाज तक, वृक्ष उपासना के कई पर्व हमारे सांस्कृतिक एकता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की भावना को दर्शाते है। आलेख लिंक - https://shorturl.at/uieQk आइए जानते है, कैसे पूरा भारतीय समाज में प्रकृति की उपासना की परंपरा हजारों सालों से विद्यमान है। #🎄हरे पेड़ #अक्षय नवमी #आंवला एकादशी की शुभकाभनाएं,,,, #आंवला नवमी व्रत कथा 📜 #आंवला नवमी🙏
Dakshin Kosal
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5 महीने पहले
कृष्ण की द्वारिका और पुरातात्विक तथ्य यह लेख भगवान श्री कृष्ण की द्वारिका नगरी के ऐतिहासिक प्रमाणों से जुड़े पुरातात्विक साक्ष्यों को उजागर करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे द्वारिका का उल्लेख पुराणों में मिलता है, परंतु खुदाइयों और समुद्री अन्वेषणों ने इसके वास्तविक काल और अस्तित्व पर नई रोशनी डाली है। क्या वास्तव में समुद्र में डूबी द्वारिका वही थी जिसे कृष्ण ने बसाया था? जानिए इस रोमांचक खोज की पूरी कहानी। आलेख लिंक - https://tinyurl.com/4msx6hvf #👉 लोगों के लिए सीख👈 #कृष्ण #🌹🌹क्यों है रुक्मणी का मंदिर द्वारिका में कृष्ण से बहुत दूर 😥|| #💐मेरे द्वारिका धीष 🙏🏻गोविन्द माधव💐
Dakshin Kosal
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5 महीने पहले
भाई दूज और चित्रगुप्त जयंती के इस विशेष अवसर पर जानिए कैसे यह पर्व हमारे संस्कारों, रिश्तों और आस्था को जोड़ता है। जानिए इस दिन भगवान चित्रगुप्त की अद्भुत कथा और कायस्थ समाज द्वारा की जाने वाली चित्रगुप्त की पूजा का परंपरा एवं आध्यात्मिक महत्व। पूरा आलेख पढ़े - https://shorturl.at/SrpfQ #😍हैप्पी भाई दूज👪 #🤗भाई दूज मुहूर्त और पूजा विधि👪 #🧑🏼‍🤝‍🧑🏻भाई-बहन 😍 #✡️भाई दूज की पौराणिक कहानियाँ📚 #bhaidooj #BhaiDooj2025 #hindufestival #indianfestivals