🌷 लालची बुढिया 🍁
किसी गांव में एक सास और बहू रहती थी .
सास बहुत दुष्ट थी और अपने बहू को बहुत सताती थी . बहू बेचारी सीधी सादी थी . सास के अत्याचारों को सहती रहती थी .
एक दिन तीज का त्यौहार था. बहू ने अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखा था .
मुहल्ले की सभी औरते अच्छे अच्छे पकवान बना रही थी . नए नए कपड़े पहन कर और सज संवर कर मन्दिर जाने की तैयारी कर रही थी .
पर सास ने अपनी बहू से कहा - अरे .... तू बैठे बैठे यहाँ क्या कर रही है..
जा खेत में मक्का लगा है.. कौंवे और तोते फसल नष्ट कर रहे है जा कर उन्हें उड़ा.
बहू ने कहा -- माँ आज मेरा व्रत है . मै तो पूजा की तैयारी कर रही थी, आज मुझे मन्दिर जाना है .
सास ने कहा - तू सज संवर कर मन्दिर जा कर क्या करेगी, कौन सा जग जीत लेगी , बहू को गालियां देने लगी .
बहू बेचारी क्या करती .मन मार कर जाना पड़ा लेकिन उसे रोना आ रहा था उसकी आँखे भर आई ,
वह और औरतों को मन्दिर जाते देख रही थी , औरतें मंगल गीत गा रही थी . उसके सब अरमान पलकों से टपक रहे थे .
वह आज सजना चाहती थी , अपने पति के नाम की चुड़िया पहनना चाहती थी , मांग में अपने पति के नाम का सिंदूर लगाना चाहती थी और वह साड़ी पहनना चाहती थी जो उसके पति ने उसे अपनी पहली कमाई पर दिया था.
आज उसके लिए मंगल कामना ईश्वर के चरणों में जा कर करना चाहती थी .
वह अन्दर ही अन्दर रो रही थी और खेत की तरफ़ जा रही थी .
खेत पर पहुंच कर , को - कागा - को , यहाँ ना आ , मेरा खेत ना खा - कही और जा जा कहती जा रही थी .
उसी समय पृथ्वी पर शंकर और पार्वती जी भ्रमन करने निकले थे .
पार्वती जी को बहू का रोना देख कर ह्रदय भर आया और उन्होंने शिव जी से कहा की नाथ देखिये तो कोई अबला नारी रो रही है .
रूप बदल कर शंकर और पार्वती जी बहू के पास पंहुचे और पूछा की बेटी क्या बात है ? क्यूं रो रही हो ? क्या कष्ट है तुम्हे .?
तो वह बोली की मै अपनी किस्मत पर रो रही हूँ . आज तीज का व्रत है गांव की सारी औरतें पूजा पाठ कर रही है और मेरी सास ने मुझे यहाँ कौवे उड़ाने के लिए भेज दिया है और मै अभागी यहाँ कौवे उड़ा रही हूँ .
भोले बाबा को बहू पर दया आ गई उन्होंने बहू को ढेर सारे गहने और चांदी और सोने के सिक्के दे कर कहा की तुम घर जाओ और अपनी पूजा करो , मै तुम्हारे खेत की देख भाल करूँगा .
जब बहू घर पहुँची तो सास बहू के पास इतना धन देख कर आश्चर्य चकित रह गई .
बहू ने सारी बात सास को बता दी . सास बहू से अच्छे से बोली - अच्छा तू जा कर पूजा कर ले और अगले साल मै खेत की रखवाली करने जाउंगी .
अगले साल जब तीज आई बुढ़िया तैयार हो कर खेत पर पहुँच गई और खूब तेज तेज रोने लगी .
ठीक उसी समय शंकर और पार्वती उधर से गुजर रहे थे और उन्होंने पूछा की क्या बात है...?
तो उस बुढिया ने बताया की मेरी बहू मुझे बहुत परेशान करती है और उसने आज भी उसने मुझे खेत की रखवाली के लिए भेज दिया जबकि आज मेरा व्रत है .
भगवान शंकर उस बुढिया को समझ गए और उन्होंने कहा - तुम घर जाओ .
तो बुढिया ने कहा की आपने मुझे कुछ दिया नही तो भोले बाबा ने कहा की घर जाओ तुम्हे मिल जायेगा .
जब वह घर पहुची तो उसके पुरे शरीर में छाले पड़ गए .
बुढ़िया बहू को गालियां देने लगी . बहू ने पूछा तो बुढ़िया ने पुरी कहानी बताई .
तब बहू ने कहा की भगवान हमेशा सरल, सच्चे और भोले भाले लोगों की ही सहायता करते है , लालची लोगो की नही .
#🌞 Good Morning🌞 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏 देवी दर्शन🌸 #🤗I 💖 शेयरचैट😍 #🌷शुभ बुधवार
बहू ने शीतला माता से प्रार्थना कर अपनी सास को ठीक की.
🌷शीतला माता की जय🍁