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@k_r_kashyap
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विश्वास वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में भी प्रकाश लाया जा सकता है। 🙏✨सच्ची भक्ति और साफ़ दिल, ईश्वर को सबसे प्रिय है। #🌷शुभ बुधवार #🌸जय सिया राम #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
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माथे पर तिलक लगाना केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे मानसिक संतुलन और एकाग्रता से जुड़ा गहरा भाव भी छिपा हुआ है। भारतीय योग और ध्यान पद्धति में दोनों भौहों के बीच स्थित स्थान को ‘आज्ञा चक्र’ कहा जाता है। इसे शरीर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है, जहाँ से सोचने-समझने की शक्ति, स्मरण क्षमता और मानसिक शांति नियंत्रित होती है। जब इस स्थान पर तिलक लगाया जाता है — चाहे वह चंदन का हो, कुमकुम का या भस्म का — तो वहां हल्का दबाव और ठंडक महसूस होती है। इससे नसों को आराम मिलता है और मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि पूजा, ध्यान या किसी शुभ कार्य से पहले तिलक लगाने की परंपरा चली आ रही है। तिलक लगाने के मुख्य लाभ ✅ एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है ✅ मन को शांत और स्थिर करता है ✅ तनाव और बेचैनी कम करता है ✅ ध्यान में गहराई लाता है ✅ सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है योग विज्ञान के अनुसार आज्ञा चक्र सक्रिय होने पर व्यक्ति की सोच स्पष्ट होती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि माथे का यह भाग ब्रेन से सीधे जुड़ा होता है, जहाँ हल्का स्पर्श या दबाव मानसिक शांति देता है। निष्कर्ष तिलक केवल माथे की शोभा नहीं है, बल्कि यह: 🌿 मन को केंद्रित करने का माध्यम 🌿 ऊर्जा को संतुलित करने का बिंदु 🌿 और मानसिक शक्ति को जाग्रत करने का साधन है इसलिए तिलक को अंधविश्वास नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक उपहार समझना चाहिए। !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🌷शुभ बुधवार #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌸जय सिया राम
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'नारी' प्रकृति-स्वरूप है, 'नारी' शक्ति स्त्रोत। 'जीव' नारि पूजन करो, 'नारी' जीवन ज्योत॥१॥ 🌹🌹 पोस्ट संख्या 322-1 🌹🌹 🏵️ यत्र नार्यास्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवताः। 🏵️ 🙏🙏🙏 जय मातेश्वरि! भगवती-स्वरूपा समस्त नारियों के श्रीचरणों में नमस्कार है। नारी, शक्ति का ही स्वरूप है। परमप्रकृति ही नारी है। भारतीय संस्कृति में नारीको मातृदेवता कहा गया है। पुत्र भले ही कुपुत्र निकल जाये परन्तु माता कभी कुमाता नहीं होती। जहाँ नारीकी पूजा होती है, वहाँ पर हमेशा सभी देवता निवास करते हैं और जहाँ उनकी पूजा नहीं होती, वहाँ सभी प्रकार के धर्मकार्य विफल हो जाते हैं। जिस घरमें स्त्रियाँ विषाद को, दुःख को प्राप्त होती हैं। उस कुल की बर्बादी को कोई नहीं रोक सकता। इसके विपरीत, जिस घर में स्त्रियाँ आनन्द में रहती हैं वह कुल, परिवार निरन्तर कीर्ति, यश, प्रतिष्ठा, समृद्धि को प्राप्त होता है। श्रीमद्देवीभागवत् में कहा गया हैै- विद्याः समस्तास्तव देवी भेदाः स्त्रियः समस्ता सकला जगत्सु॥ या याश्च ग्राम्यदेव्यः स्युस्ताः सर्वाः प्रकृतेः कलाः। कलांशांशसमुद्भूताः प्रतिविश्वेषु योषितः॥ समस्त विद्या और सब स्त्रियाँ देवी का ही रूप हैं। सभी ग्राम्य देवियाँ और समस्त विश्वस्थिता स्त्रियाँ प्रकृति माता की अंशरूपणी हैं। इसलिये, यदि हम अपना कल्याण चाहते हैं तो केवल निज पत्नीके प्रति अर्द्धाङ्गिनी का भाव रख उसे उचित सम्मान देते हुए विश्व की समस्त नारियों के प्रति मातृभाव रखते हुए व्यहार करें। आद्याशक्ति भगवती हमारा निश्चितरूप से कल्याण करेगीं। 🏵️ भवदीय-अशोक कुमार खरे 'जीव' 🏵️ 'नारी' प्रकृति-स्वरूप है, 'नारी' शक्ति स्त्रोत। 'जीव' नारि पूजन करो, 'नारी' जीवन ज्योत॥१॥ 'नारी' जन्मप्रदायिनी, तासों 'माँ' कहलाई। जग माई सम देवता, अउर न दे दिखलाई॥२॥ जग महुँ जेती नारियाँ, करो सदा सत्कार। नारि मान 'जगदंबिका', परिहरि काम बिकार॥३॥ देखे 'पूत' कपूत पर, 'मातु' कुमातु न होय। देवी सम सब 'नारियाँ', यह मन राखो गोय॥४॥ जहँ 'नारी' पूजन तहाँ, सब देवन करि वास। 'जीव' अवज्ञा नारि जहँ, तहँ सब कारज नास॥५॥ (भवदीय-अशोक कुमार खरे 'जीव') ३०/०१/२०२६ 🌹सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।🌹 🌹शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥🌹 !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌷शुभ बुधवार #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🌸जय सिया राम
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#🌷शुभ बुधवार 🌸 सूनी गोद भरने के लिए लाल किताब का अद्भुत रहस्य 🌸 संतान सुख में बाधा आना केवल शारीरिक समस्या नहीं, कई बार यह ग्रह दोष या पूर्व जन्म के संस्कारों का फल भी होता है। जब दवा काम न करे, तो दुआ और पुराने नुस्खे चमत्कार कर जाते हैं। ✨ लाल किताब का यह सरल उपाय, पूर्ण श्रद्धा से करने पर संतान प्राप्ति के योग बनाता है। 👇 🔴 अचूक उपाय: 3 सरल चरण 🔴 1️⃣ रक्षा सूत्र: गर्भधारण (Conception) होते ही गर्भवती महिला अपनी दाईं कलाई (Right Wrist) में लाल रंग का शुद्ध धागा बांध लें। मन में केवल संतान की मंगल कामना रखें। 🧵 2️⃣ गौ सेवा: प्रतिदिन अपने भोजन का आधा हिस्सा निकालकर श्रद्धापूर्वक गाय को खिलाएं। यह गर्भस्थ शिशु के संस्कारों और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। 🐄 3️⃣ जन्म के बाद: शिशु के जन्म के बाद, माता अपनी कलाई से वह धागा खोलकर शिशु की कलाई में बांध दें। ✨ इस उपाय का प्रभाव: ✅ गर्भ की रक्षा होती है। ✅ शिशु स्वस्थ और दीर्घायु होता है। ✅ संतान सुख की बाधाएं दूर होती हैं। नोट: यह उपाय पूर्ण विश्वास और सात्विक जीवन के साथ ही फलदायी होता है। 🙌 ईश्वर करे, हर आंगन में किलकारी गूंजे! यदि यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे सहेज कर रखें और जरूरतमंदों के साथ शेयर करें। !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇
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#🌷शुभ बुधवार 🌸 फाल्गुन मास महात्म्य: भक्ति, प्रेम और रंगों का उत्सव 🌸 हिन्दू पंचांग का अंतिम महीना 'फाल्गुन' शुरू हो चुका है। यह महीना केवल होली के लिए नहीं, बल्कि भगवान शिव, श्री कृष्ण और चंद्र देव की कृपा पाने के लिए भी विशेष है। ✨ इस महीने क्या करें? 👶 संतान प्राप्ति के लिए: बाल कृष्ण की पूजा करें। ❤️ प्रेम और आनंद के लिए: युवा कृष्ण की उपासना करें। 🧘 ज्ञान और वैराग्य के लिए: गुरु कृष्ण की उपासना करें। 🔱 स्वास्थ्य और सुख के लिए: भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना करें। 🍲 आहार और नियम: इस महीने में शीतल (ठंडे) जल से स्नान करना उत्तम है। अनाज का सेवन कम और फलों का सेवन अधिक करें। क्रोध और तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) का त्याग करें। 📅 फाल्गुन मास के प्रमुख व्रत-त्यौहार (2026): 🔸 09 फरवरी: सीता अष्टमी (जानकी जन्मोत्सव) 🔸 13 फरवरी: विजया एकादशी 🔸 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (सबसे महत्वपूर्ण) 🔱 🔸 19 फरवरी: फुलेरा दूज 🔸 24 फरवरी: होलाष्टक आरम्भ 🔸 27 फरवरी: आमलकी एकादशी (रंगभरी ग्यारस) 🌺 विशेष उपाय: क्रोध कम करने के लिए: श्री कृष्ण को नियमित अबीर-गुलाल चढ़ाएं। आर्थिक तंगी के लिए: मां लक्ष्मी को गुलाब का इत्र चढ़ाएं। फाल्गुन मास की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! जय श्री कृष्ण! हर हर महादेव! 🙏 !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🌸जय सिया राम
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#🌷शुभ बुधवार 🔱 गुरु प्रदोष व्रत: शत्रु नाश और विजय प्राप्ति का महापर्व 🔱 गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को 'गुरु प्रदोष' कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत शत्रुओं के विनाश और भक्ति की प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। 🌼 प्रदोष काल क्या है? सूर्यास्त के बाद के लगभग 2 घण्टे 24 मिनट का समय 'प्रदोष काल' कहलाता है। मान्यता है कि इस समय भगवान भोलेनाथ कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। ✨ गुरु प्रदोष का विशेष महत्व: शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए। कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए। जीवन से अंधकार और दरिद्रता मिटाने के लिए। 📝 पूजन विधि (संक्षिप्त): सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। शाम को (प्रदोष काल में) पुनः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, फल और मिठाई अर्पित करें। विशेष: 8 दीपक 8 दिशाओं में जलाएं और प्रणाम करें। अंत में शिव आरती और प्रदोष कथा का पाठ करें। 📖 पौराणिक कथा (सार): एक बार इंद्र और वृत्रासुर में घनघोर युद्ध हुआ। देवताओं के भयभीत होने पर गुरु बृहस्पति ने इंद्र को 'गुरु प्रदोष व्रत' करने की सलाह दी। इस व्रत के प्रभाव से इंद्र ने वृत्रासुर को हराकर विजय प्राप्त की। 🕉️ शिव आरती: ॐ जय शिव ओंकारा, भोले हर शिव ओंकारा... (पूरा पाठ करें) मंत्र: ॐ नमः शिवाय आज इस पावन अवसर पर भगवान शिव से प्रार्थना करें कि वे आपके सभी कष्टों और शत्रुओं का नाश करें। कमेंट में 'हर हर महादेव' लिखकर अपनी हाजिरी लगाएं! 🙏🏻 !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱
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#🌷शुभ बुधवार 🌸 फाल्गुन मास महात्म्य: भक्ति, प्रेम और रंगों का उत्सव 🌸 हिन्दू पंचांग का अंतिम महीना 'फाल्गुन' शुरू हो चुका है। यह महीना केवल होली के लिए नहीं, बल्कि भगवान शिव, श्री कृष्ण और चंद्र देव की कृपा पाने के लिए भी विशेष है। ✨ इस महीने क्या करें? 👶 संतान प्राप्ति के लिए: बाल कृष्ण की पूजा करें। ❤️ प्रेम और आनंद के लिए: युवा कृष्ण की उपासना करें। 🧘 ज्ञान और वैराग्य के लिए: गुरु कृष्ण की उपासना करें। 🔱 स्वास्थ्य और सुख के लिए: भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना करें। 🍲 आहार और नियम: इस महीने में शीतल (ठंडे) जल से स्नान करना उत्तम है। अनाज का सेवन कम और फलों का सेवन अधिक करें। क्रोध और तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) का त्याग करें। 📅 फाल्गुन मास के प्रमुख व्रत-त्यौहार (2026): 🔸 09 फरवरी: सीता अष्टमी (जानकी जन्मोत्सव) 🔸 13 फरवरी: विजया एकादशी 🔸 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (सबसे महत्वपूर्ण) 🔱 🔸 19 फरवरी: फुलेरा दूज 🔸 24 फरवरी: होलाष्टक आरम्भ 🔸 27 फरवरी: आमलकी एकादशी (रंगभरी ग्यारस) 🌺 विशेष उपाय: क्रोध कम करने के लिए: श्री कृष्ण को नियमित अबीर-गुलाल चढ़ाएं। आर्थिक तंगी के लिए: मां लक्ष्मी को गुलाब का इत्र चढ़ाएं। फाल्गुन मास की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! जय श्री कृष्ण! हर हर महादेव! 🙏 !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम
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