Follow
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
@k_r_kashyap
13,066
Posts
33,604
Followers
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
538 views
18 hours ago
🕉️ ब्रह्माजी का पांचवा सिर काटने के बाद कैसे भगवान शिव बने 'कालभैरव'? तंत्र और वेदों के अनुसार जानिए शिव के इस परम शक्तिशाली अवतार की कथा। 🔱 ॥ कैसे हुई कलयुग के साक्षात जाग्रत देव 'कालभैरव' की उत्पत्ति? ॥ 🔱 वेदों में जिस परम पुरुष का चित्रण 'रुद्र' के रूप में हुआ है, तंत्र शास्त्र के ग्रंथों में उसी स्वरूप को 'भैरव' कहा गया है। जिनके भय से सूर्य एवं अग्नि तपते हैं, और मृत्यु देवता भी अपने काम में तत्पर रहते हैं—वे परम शक्तिमान भगवान भैरव ही हैं! भगवान शंकर के अवतारों में भैरव का अपना एक विशिष्ट और सबसे जाग्रत महत्व है। ✨ क्या है 'भैरव' (भ-र-व) शब्द का रहस्य? तांत्रिक पद्धति में भैरव शब्द उनके विराट रूप को दर्शाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार, सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार करने वाले परशिव ही भैरव हैं: 🔹 'भ' (भरण): विश्व का भरण-पोषण करने वाली शक्ति। इस अक्षर वाली भैरव मूर्ति की कांति सिंदूरवर्णी है, जो चारों हाथों में धनुष, बाण, वर तथा अभय धारण किए हुए है। 🔹 'र' (रमण): विश्व की रचना और क्रीड़ा करने वाली शक्ति। यह मूर्ति श्याम वर्ण की है, जो सिंह पर आरूढ़ होकर खड्ग, पाश, शूल आदि अस्त्र धारण करती है। 🔹 'व' (वमन): सृष्टि का संहार (वापस समेटने) वाली शक्ति। यह श्वेत वर्णी देवी शक्ति है, जो विकसित कमल पर विराजमान होकर समस्त लोकों का आश्रय बनती है। 📜 कैसे हुआ प्राकट्य? (स्कंदपुराण की कथा) स्कंदपुराण के काशी-खंड के अनुसार—जब ब्रह्माजी गर्व से उन्मत्त हो गए थे, तब भगवान शिव के अवतार 'भैरव' ने अपने बाएं हाथ के नाख़ून से ब्रह्माजी का पांचवां मस्तक काट दिया था। इस कारण उन पर 'ब्रह्म-हत्या' का दोष लग गया। तब वे भगवान शिव की अति प्रिय नगरी 'काशी' आए और यहाँ आकर इस दोष से मुक्त हुए। तभी से वे काशी के कोतवाल कहलाए! 🛕 🔱 भगवान शिव के 'अष्ट-भैरव' रूप: तंत्रसार और पुराणों के अनुसार भैरव जी के आठ प्रमुख रूप पूजनीय हैं: १. असितांग भैरव २. रूरू भैरव ३. चंड भैरव ४. क्रोध भैरव ५. उन्मत्त भैरव ६. कपाली (कपाल) भैरव ७. भीषण भैरव ८. संहार भैरव 🌸 कलयुग के सबसे कृपालु देव: भैरव जी कलियुग के साक्षात जागृत देवता हैं। शिव पुराण में उन्हें महादेव शंकर का ही 'पूर्ण रूप' बताया गया है। उनकी आराधना में कठोर नियमों का विधान नहीं है। ऐसे परम कृपालु एवं शीघ्र फल देने वाले भैरवनाथ की शरण में जाने पर जीव का निश्चय ही उद्धार हो जाता है! ॥ जय श्री कालभैरव ॥ ॥ हर हर महादेव ॥ 🙏🚩 ।। ॐ नमः शिवाय ।। ।। हर हर महादेव ।। . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞 #🚩जय श्रीराम🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
515 views
18 hours ago
👑 ग्रहों के राजा 'सूर्य' के कुछ खास रहस्य जो हर किसी को जानने चाहिए। क्या आपको भी मिलेगा राजसुख? 🚩 ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को नवग्रहों का 'राजा' माना गया है। संपूर्ण विश्व को ऊर्जा देने वाले सूर्य देव हमारी जन्म कुंडली में भी हमारी सफलता, स्वास्थ्य और मान-सम्मान के सबसे बड़े निर्धारक होते हैं। आइये जानते हैं कुण्डली में सूर्य का महत्व: 🔸 मुख्य कारक: सूर्य हमारी आत्मा, पिता, पराक्रम, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सरकारी कार्यों (Government favors) के कारक हैं। 🔸 राशियाँ: सूर्य मेष राशि में 'उच्च' (सबसे बलवान), तुला राशि में 'नीच' (दुर्बल) होते हैं। सिंह इनकी अपनी (स्वराशि) है। 🔸 मित्र व शत्रु: चंद्र, मंगल और गुरु इनके मित्र हैं, जबकि शुक्र और शनि शत्रु माने गए हैं। 🌟 कुण्डली में सूर्य से बनने वाले कुछ चमत्कारी योग: ✨ बुधादित्य योग: जब कुंडली में सूर्य और बुध एक साथ हों, तो व्यक्ति अत्यंत बुद्धिमान, चतुर और समाज में विख्यात होता है। ✨ वेशि योग: सूर्य से दूसरे भाव में यदि शुभ ग्रह हों, तो जातक सुखी, अच्छा वक्ता, धनवान और जनता का चहेता होता है। ✨ दशम भाव का चमत्कार: जिसके दसवें भाव में सूर्य (विशेषकर मेष राशि में) हो, वह व्यक्ति शासन-सत्ता में उच्च पद प्राप्त करता है और राजा के समान प्रभावशाली होता है। ⚠️ ध्यान दें: यदि कुण्डली में सूर्य नीच (तुला) राशि में हो या राहु/शनि से पीड़ित हो, तो व्यक्ति को सिरदर्द, नेत्र रोग, पिता को कष्ट या राजकार्य (सरकारी कामों) में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सूर्य देव की उपासना अत्यंत फलदायी होती है। 🙏 ॐ सूर्याय नम: 🙏 🚩।। जय जय सियाराम ।।🚩 🚩।। जय बजरंगबली ।।🚩 . 🚩 !! जय जय श्री राम !!🚩 ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
558 views
18 hours ago
🦚 सफलता और सुख-शांति का असली रहस्य हमारे ही मस्तिष्क में छिपा है। पहचानिए अपने भीतर की 'प्रत्यक्ष नवदुर्गाओं' को। 🌟 ॥ प्रत्यक्ष नवदुर्गाएं: हमारे भीतर की शक्तियां ॥ 🌺 नवरात्रि में हम हर साल नवदुर्गाओं की पूजा करते हैं। मान्यता है कि वे हमें अनेक ऋद्धि-सिद्धियां प्रदान करती हैं और सुख-सुविधाओं के लिए हम विविध प्रकार से उनका पूजन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं? जिस प्रकार देवलोक में नवदुर्गाएं निवास करती हैं, उसी प्रकार भू-लोक में, हमारे अत्यंत समीप— हमारे शरीर और मस्तिष्क में भी नौ प्रत्यक्ष देवियां निवास करती हैं! ✨ देवलोक वासिनी देवियों के प्रसन्न होने या न होने की बात हमारे लिए अगोचर हो सकती है, पर हमारे शरीर रूपी लोक में रहने वाली इन देवियों की साधना का श्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता! यदि थोड़ा भी प्रयत्न इनकी साधना के लिए किया जाए, तो उसका शत-प्रतिशत लाभ हमें इसी जीवन में मिलता है। 🌟 हमारे मन-मस्तिष्क में विचरण करने वाली ये 9 प्रत्यक्ष देवियां इस प्रकार हैं: १. 🎯 आकांक्षा (सही लक्ष्य और ऊंचे विचार) २. 🧠 विचारणा (सकारात्मक और शुद्ध सोच) ३. ❤️ भावना (प्रेम, करुणा और संवेदना) ४. 🙏 श्रद्धा (स्वयं और ईश्वर पर विश्वास) ५. 🧘‍♂️ निष्ठा (अपने कर्म के प्रति लगन) ६. 🌊 प्रवृत्ति (सही दिशा में झुकाव) ७. 💪 क्षमता (शारीरिक और मानसिक सामर्थ्य) ८. ⚡ क्रिया (निरंतर कर्म और मेहनत) ९. 🛡️ मर्यादा (अनुशासन और सीमा का पालन) ✨ साधना का फल: इन नौ शक्तियों का संतुलित विकास करके कोई भी मनुष्य 'अष्ट-सिद्धियों' और 'नव-निधियों' का स्वामी बन सकता है। संसार के प्रत्येक प्रगतिशील और सफल मनुष्य को जाने-अनजाने में इन्हीं की साधना करनी पड़ी है, और इन्हीं के अनुग्रह से वे उन्नति के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचे हैं। आज ही अपने भीतर की इन देवियों को पहचानें और उन्हें जागृत करें! 🙏 ॥ जय माता दी ॥ 🌺 ।। ॐ नमः शिवाय ।। ।। हर हर महादेव ।। . !! जय जय श्री महाकाली !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌺राधा कृष्ण💞 #👏भगवान विष्णु😇 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
538 views
18 hours ago
🦚 बड़े-बुजुर्गों और संतों के आगे झुकने का क्या फल मिलता है? यह रोंगटे खड़े कर देने वाली सत्य घटना आपको निःस्वार्थ सेवा और आशीर्वाद की असली ताकत बताएगी। 🌸 ॥ आशीर्वाद का प्रताप: दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने की शक्ति ॥ ✨ सच्चे हृदय से निकला आशीर्वाद हमारे बड़े से बड़े दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल सकता है! आइए पढ़ते हैं यह अत्यंत ज्ञानवर्धक कथा: एक महिला थीं सावित्री, जो भगवान राम के नाम में रंगी हुई परम भक्ता थीं। उनके घर के समीप ही एक आश्रम था जहाँ एक सिद्ध संत निवास करते थे। सावित्री रोज़ नियम से वहाँ जातीं, निःस्वार्थ भाव से झाड़ू-पोंछा करतीं और संत महात्मा के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेती थीं। 🧹🙏 एक दिन भाग्य का कठोर प्रहार हुआ... 😢 सावित्री के पति की अचानक मृत्यु हो गई। शव-यात्रा श्मशान की ओर प्रस्थान कर रही थी। आगे-आगे पुरुष अर्थी उठाए चल रहे थे और पीछे विलाप करती हुई महिलाएँ। तभी रास्ते में अचानक सावित्री को सड़क की दूसरी ओर से वही संत-महात्मा आते हुए दिखाई दिए। इतने भारी दुख में भी सावित्री के संस्कार नहीं भूले। वह महिलाओं की भीड़ से हटकर संत के पास गई और उनके श्री चरणों में प्रणाम किया। संत ने अपने सहज स्वभाव से सावित्री के सिर पर हाथ रखा और आशीर्वाद दिया- "सौभाग्यवती भव!" (सदा सुहागन रहो)। ✋✨ यह सुनते ही सावित्री फूट-फूट कर रो पड़ीं। संत ने आश्चर्य से पूछा- "क्या हुआ बेटी?" सावित्री ने रुंधे गले से कहा- "महाराज! आपने सौभाग्यवती होने का जो आशीर्वाद दिया है, वह व्यर्थ है। मेरे सौभाग्य को तो श्मशान में जलाने के लिए ले जाया जा रहा है!" 😭 यह सुनकर संत-महात्मा मुस्कुराए और अत्यंत विश्वास के साथ बोले- "बेटी! जब से परमात्मा ने मुझे अपनाया है, तब से इस मुख से कभी कोई असत्य वचन नहीं निकला। आज भी इस मुख से तुम्हारे लिए जो आशीर्वाद निकला है, उसमें अवश्य मेरे प्रभु की ही कोई लीला होगी!" 🌸 और फिर हुआ एक अद्भुत चमत्कार! 🌟 साधकजनों, सत्य मानिएगा! श्मशान पहुँचकर जैसे ही सावित्री के पति को जलाने के लिए चिता पर लिटाया गया... वह मृत शरीर अचानक जीवित होकर उठ खड़ा हुआ! इसे संत-महात्मा के सिद्ध वचनों का प्रताप कहिए, या सावित्री की उस अटूट विनम्रता और निःस्वार्थ सेवा का फल, जिसने भगवान को भी अपना नियम बदलने पर विवश कर दिया! 🙏 🎯 जीवन की अनमोल सीख: अतः अपने माता-पिता, बड़े-बुजुर्गों एवं गुरुजनों के आगे हमेशा झुकना सीखिए। उनका हृदय से दिया हुआ एक सच्चा आशीर्वाद हमारे जीवन की दशा और दिशा दोनों को बदल कर रख सकता है! बच्चा निःस्वार्थी हो तो प्यारा लगता है, संत निःस्वार्थी हों तो पूजनीय लगते हैं, और भक्त निःस्वार्थी हो तो भगवान को भी प्यारा लगता है। अतः जीवन में निःस्वार्थ सेवा और भगवान के नाम का जप जरूर अपनाएं। 🌿 🌷 नारायण नारायण 🌷 🙏🏻 लक्ष्मीनारायण भगवान की जय 🙏🏻 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🚩जय श्रीराम🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
1.3K views
18 hours ago
💧 प्रभु की लीला अपरंपार है! जब नमक की एक थैली ने पूरा किया एक गरीब माँ का सवा रुपये का 'छप्पन भोग'। पढ़ें यह अद्भुत सत्य घटना। 🌸 ॥ सवा रुपये का छप्पन भोग : बाँके बिहारी जी की अद्भुत लीला ॥ ✨ प्रसंग :- भागवत रत्न शिरोमणि पूज्य श्रद्धेय आचार्य गोस्वामी 'श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज' के श्रीमुख से वर्णित एक सत्य घटना! यह कोई २०-२५ वर्ष पुरानी बात है। एक बार महाराज जी श्री बाँके बिहारी जी के मंदिर में खड़े थे। वहाँ उनके किसी शिष्य की ओर से भगवान का विशाल 'छप्पन भोग' और भंडारा रखा गया था। मंदिर के परम भक्त हलवाई 'मुन्नालाल जी' की देखरेख में छप्पन भोग की मिठाइयाँ और पकवान बन रहे थे। महाराज जी भी व्यवस्था देख रहे थे। एक गरीब वृद्धा का समर्पण... 🌸 उसी समय मैले-कुचैले कपड़े पहने एक बहुत ही वृद्ध माता महाराज जी के पास आईं। उसने अपनी पुरानी साड़ी के पल्लू की गांठ खोली, जिसमें एक '१ रुपये का नोट' और 'एक चवन्नी' (यानी कुल सवा रुपया) बंधा था। वह सवा रुपया महाराज जी के हाथ में रखते हुए बोली- "महाराज जी! मेरी ओर से भी मेरे बिहारी जी को छप्पन भोग लगा देना!" और इतना कहकर वह दर्शन करने आगे बढ़ गई। 🙏 महाराज जी की उलझन और बिहारी जी का चमत्कार... 🌟 महाराज जी ने उस सवा रुपये को माथे से लगा लिया, लेकिन वे सोच में पड़ गए कि... "सवा रुपये में मैं बिहारी जी को छप्पन भोग कैसे लगाऊँ?" तभी अचानक एक अद्भुत घटना घटी! मुन्नालाल हलवाई का एक सेवक दौड़ता हुआ आया और बोला- "महाराज जी! छप्पन भोग के नमकीन पकवान बन रहे हैं, लेकिन नमक की थैली खत्म हो गई है, पैसे दीजिए नमक लाना है।" (२५ साल पहले नमक बहुत सस्ता आता था)। महाराज जी को तुरंत बिहारी जी की लीला समझ आ गई! उन्होंने वही वृद्धा वाला 'सवा रुपया' उस सेवक को दे दिया और कहा- "जाओ, इसका नमक ले आओ!" 🧂 भावो ही देवस्य... ❤️ अब आप स्वयं विचार कीजिए! छप्पन भोग में अनेकों प्रकार की नमकीन वस्तुएँ और पकवान बनते हैं। उस गरीब माता के सवा रुपये से आया हुआ नमक, छप्पन भोग के हर नमकीन व्यंजन में डल गया। बिहारी जी ने उस माता के निश्छल भाव को ऐसा समझा कि उस सवा रुपये में ही उसका पूरा छप्पन भोग स्वीकार कर लिया! 🦚 बात बहुत छोटी है, लेकिन विचारणीय है... प्रभु न तो धन के भूखे हैं, न दिखावे के। वे तो केवल हमारे 'भाव' में ही छुपे हैं। जहाँ भाव है, वहीं भगवान हैं! "भावो हि विद्यते देवः" ॥ बोलिए बाँके बिहारी लाल की जय ॥ 🌺🙏 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🚩जय श्रीराम🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌺राधा कृष्ण💞 #👏भगवान विष्णु😇 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
478 views
19 hours ago
🦚 हम दिन भर में कितनी बार अनजाने में झूठी कसमें खाते हैं? जानिए इस छोटी सी आदत का हमारे वर्तमान और भविष्य पर कितना भयंकर प्रभाव पड़ता है। 🌿 ॥ शपथ (कसम) खाने का भयंकर दोष ॥ 🛑 क्या छोटी-छोटी बातों पर कसम खाना एक सामान्य बात है? बिल्कुल नहीं! शास्त्रों के अनुसार, शपथ खाकर तदनुरूप आचरण न करने से भयंकर पाप लगता है। आइए इसे एक सत्य घटना से समझते हैं: एक परिवार की सच्ची घटना: 👁️‍🗨️ मेरे एक परिचित परिवार की मालकिन की आदत थी कि वह हर छोटी-बड़ी बात में झूठी कसम खाती थीं। उनका तकियाकलाम ही बन गया था— "यदि ऐसा हो, तो मुझे कुष्ठ (कोढ़) हो जाये।" धीरे-धीरे उनकी देखा-देखी घर के अन्य सदस्य भी इसी तरह कसमें खाने लगे। आपको जानकर हैरानी होगी कि सात-आठ वर्ष बीतते-बीतते उस महिला के पूरे शरीर में सफेद दाग (कुष्ठ) हो गए। दुर्भाग्य यहीं नहीं रुका, कुछ वर्षों बाद घर के अन्य तीन सदस्यों को भी यही भयंकर रोग हो गया। इस कष्ट का कोई चिकित्सकीय उपाय नहीं सूझ रहा था, क्योंकि यह रोग उनके अपने ही वचनों का श्राप बन चुका था! 🥀 शास्त्र क्या कहते हैं? 📖 इस घटना का कारण मुझे एक दिन 'स्कन्दपुराण' के इस श्लोक में मिला: न वृथा शपथं कुर्यात् स्वल्पेऽप्यर्थे नरोत्तम। वृथा हि शपथं कुर्वन् प्रेत्य चेह विनश्यति।। अर्थात: "हे नरोत्तम! छोटी-सी बात के लिए भी कभी व्यर्थ (झूठी) शपथ नहीं खानी चाहिए। जो मनुष्य व्यर्थ में शपथ खाता है, उसका इस लोक और परलोक—दोनों जगह पूर्ण विनाश हो जाता है।" ✨ 🎯 आज का विचार और जीवन सूत्र: हमारे शब्द ही हमारे जीवन का निर्माण करते हैं। हर बात में शपथ खाने वाला व्यक्ति अपना तेज और पुण्य दोनों नष्ट कर लेता है। इसलिए आज ही यह नियम लें: "सत्य न बोल सकें तो मौन रहें, लेकिन कम से कम बात-बात पर कसम खाने की आदत आज ही छोड़ दें।" 🤐🙏 क्या आपने भी कभी किसी को ऐसे व्यर्थ कसमें खाते देखा है? विचार जरूर करें और अपने परिवार को इस दोष से बचाएं। . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞 #🚩जय श्रीराम🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
643 views
19 hours ago
✨ महात्मा का आखिरी सन्देश: जो कठोर है, उसका विनाश निश्चित है! ✨ (दांत और जीभ की यह छोटी सी कहानी आपकी आँखें खोल देगी) 👇 ऋषिकेश के एक प्रसिद्ध और वयोवृद्ध महात्मा का अंत समय निकट आ गया था। एक दिन उन्होंने अपने सभी शिष्यों को पास बुलाया और कहा- "प्रिय शिष्यों! मेरा शरीर अब जीर्ण हो चुका है। आज जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, तब मैं इस देह को त्याग दूँगा।" 🌿 यह सुनकर सभी शिष्य रोने और विलाप करने लगे। गुरु जी ने उन्हें शांत किया और मृत्यु के इस अटल सत्य को स्वीकारने को कहा। तभी एक शिष्य ने नम्रता से पूछा- "गुरु जी, क्या आज जाते-जाते आप हमें कोई अंतिम शिक्षा नहीं देंगे?" गुरु जी मुस्कुराए और बोले- "अवश्य दूँगा! मेरे निकट आओ और मेरे मुख में देखकर बताओ... तुम्हें इसमें क्या दिखाई दे रहा है, जीभ या दाँत?" शिष्य ने पास आकर गौर से देखा और बोला- "गुरुदेव! आपके मुख में तो अब केवल जीभ ही दिखाई दे रही है।" गुरु जी ने पूछा- "अच्छा बताओ, इन दोनों में से जन्म के समय पहले कौन आया था?" शिष्य ने उत्तर दिया- "पहले तो जीभ ही आई थी।" गुरु जी ने पुनः प्रश्न किया- "और दोनों में से कठोर कौन था?" शिष्य बोला- "जी, कठोर तो दाँत ही थे।" 🦷 🌟 कथा का गहरा सार (गुरु जी का अंतिम ज्ञान): तब गुरु जी ने एक बहुत ही गहरी बात कही- "देखो शिष्यों! दाँत जीभ के बाद आए, आयु में छोटे थे और बहुत कठोर भी थे... फिर भी वे जीभ से पहले ही टूटकर चले गए। जबकि विनम्र, कोमल और संवेदनशील जीभ जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवित और साथ है।" 👅 "इस संसार का भी यही नियम है... जो क्रूर है, कठोर है और जिसे अपनी ताकत, पद या ज्ञान का घमंड है, उसका अंत बहुत जल्दी हो जाता है। इसलिए हमेशा जीभ की तरह सरल, विनम्र और प्रेमपूर्ण बनो। अपने अच्छे कर्मों से इस धरती को सींचो... यही मेरा आखिरी सन्देश है।" 🌸 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
588 views
19 hours ago
✨ किसका ठाकुर भारी? श्री राम या श्री कृष्ण? ✨ जब ब्रज में सूरदास जी और तुलसीदास जी के बीच छिड़ गई एक प्यारी सी बहस! पढ़िए यह अद्भुत और रसपूर्ण कथा... 👇 एक बार गोस्वामी तुलसीदास जी, सूरदास जी से मिलने ब्रज पहुँचे। दोनों महान संतों ने एक-दूसरे की खूब प्रशंसा की और सत्संग किया। थोड़ी देर बाद तुलसीदास जी को हल्की सी शरारत सूझी... उन्होंने सूरदास जी से कहा- "सूर बाबा! तुम कहाँ कन्हैया के चक्कर में पड़े हो? हमारे ठाकुर जी की शरण में आ जाओ। हमारा ठाकुर बहुत सीधा और वादे का पक्का है, तुम्हारा कन्हैया तो एक बात पर टिकता ही नहीं!" 😄 सूरदास जी को यह बात थोड़ी चुभ गई। दोनों में ठन गई और यह तय हुआ कि आज तराजू पर तौल कर देखा जाएगा कि किसका ठाकुर भारी है! ⚖️ एक पेड़ पर तराजू लटकाया गया। एक पलड़े में सूरदास जी अपने श्री कृष्ण की मूर्ति लेकर बैठे और बोले- "हे मेरे गोपाल जी, आज भक्त की लाज रखियो!" 🙏 दूसरे पलड़े में तुलसीदास जी श्री सीताराम की मूर्ति लेकर बैठे और बोले- "जय हो मेरे श्री सीताराम, भक्त की लाज रखना!" 🙏 तराजू थोड़ी देर ऊपर-नीचे हुआ और जब रुका... तो आश्चर्य! तुलसीदास जी का पलड़ा भारी निकला! 🍃 सूरदास जी को बहुत बुरा लगा। वे उदास होकर अपनी कुटिया में आए और श्री कृष्ण को उलाहना देने लगे- "प्रभो! मैंने जीवन भर आपसे कभी कुछ नहीं मांगा, सदा आपके ही गुण गाए, और आज आपने मेरी लाज नहीं रखी?" 😢 भक्त की पुकार सुनकर उसी क्षण श्री कृष्ण प्रकट हुए! उन्होंने प्यार से सूरदास जी का चेहरा अपने हाथों में लिया और मुस्कुराते हुए बोले- "बाबा! इसमें मेरी क्या गलती है? दोष तुम व्यर्थ ही मुझे दे रहे हो!" सूरदास जी थोड़े क्रोधित होकर बोले- "हाँ, सारी गलती मेरी ही है जो मैंने आपकी भक्ति की!" तब कान्हा ने बड़ी मासूमियत से पूछा- "अच्छा बाबा, एक बात बताओ... दो लोग भारी होंगे या तीन लोग?" सूरदास जी झुंझलाते हुए बोले- "अब मुझसे गिनती गिनवाओगे? जाहिर है तीन लोग भारी होंगे।" श्री कृष्ण ने हँसते हुए उत्तर दिया- "तो तुमने तराजू में बैठकर क्या बोला? 'हे गोपाल जी लाज रखियो!' तो एक हुआ मैं और एक हुए तुम... कुल दो लोग! ✌️ और जब तुलसी बाबा बैठे, तो उन्होंने कहा 'जय श्री सीताराम लाज रखियो!' तो एक सीता जी, एक राम जी और तीसरे तुलसी बाबा... हो गए न तीन लोग! अब तुम ही बताओ किसका पलड़ा भारी होगा? अगर तुमने 'हे मेरे राधेश्याम' कहा होता, तो तुम्हारे पलड़े में भी तीन लोग होते और पलड़ा बराबर रहता!" 🌸 यह मधुर बात सुनकर सूरदास जी को अपनी भूल समझ आ गई। उन्होंने तुरंत क्षमा माँगी, फिर से मूर्ति उठाई और बाहर आकर तुलसीदास जी से बोले- "तुलसीदास जी! चलो, एक बार फिर से वजन करते हैं!" तुलसीदास जी मुस्कुराए, सारा खेल समझ गए और हँसते हुए बोले- "रहने दो बाबा! मुझे पता है तुम अभी किससे मिलकर और क्या सीख कर आ रहे हो!" इसके बाद दोनों महान संतों ने एक-दूसरे को प्रेम से गले लगा लिया। ❤️ प्रेम से बोलो- "राधे राधे" 🌺 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌸जय सिया राम #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #👏भगवान विष्णु😇 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
598 views
19 hours ago
✨ राजा पुरुयशा की अद्भुत भगवत्स्तुति और भगवान विष्णु का महान वरदान! ✨ राजन्! एक बार राजा पुरुयशा को साक्षात् परमात्मा भगवान नारायण के दर्शन हुए। भगवान अपने चतुर्भुज रूप में शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए, गरुड़ की पीठ पर भगवती लक्ष्मी के साथ विराजमान थे। भगवान का वह दुःसह और अलौकिक तेज देखकर राजा के नेत्र भर आए, शरीर में रोमांच हो गया और वे आनंद में डूब गए। उन्होंने साष्टांग प्रणाम कर भगवान के चरण धोए और उस पवित्र जल को अपने मस्तक पर धारण किया। 🙏 🌺 राजा पुरुयशा की निष्काम भक्ति: राजा ने तन, मन और धन से भगवान की पूजा की और एक ऐसी स्तुति की जो हर भक्त के हृदय की आवाज़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा- "प्रभो! आपकी माया से मैं अब तक स्त्री और धन में भटकता रहा। लेकिन जब आप जैसे परमेश्वर की कृपा होती है, तभी सत्संग मिलता है। हे जगन्निवास! मैं आपसे न तो छिन गया राज्य वापस माँगता हूँ, न पुत्र, न खजाना और न ही मोक्ष! मैं बस यह चाहता हूँ कि मेरा मन सदा आपके चरणों के चिंतन में लगा रहे, मेरे कान आपकी कथा सुनें, मेरे हाथ आपके मंदिर की सेवा करें और मेरी बुद्धि दिन-रात आपका ही स्मरण करे।" कमलनयन भगवान विष्णु का अद्भुत वरदान: 💫 राजा की इस निष्काम स्तुति को सुनकर भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने गंभीर वाणी में कहा: "राजन्! तुम मेरे श्रेष्ठ और निष्पाप भक्त हो। तुम्हें मेरा सायुज्य (परम धाम) प्राप्त होगा।" 🌟 अक्षय तृतीया और वैशाख मास का महात्म्य: इसी अवसर पर भगवान ने संसार के कल्याण के लिए एक महान घोषणा की: अक्षय तृतीया: "आज के दिन यह तिथि 'अक्षय तृतीया' के नाम से प्रसिद्ध होगी। जो भी मनुष्य इस दिन स्नान, दान या पितरों का श्राद्ध करेगा, उसका फल 'अक्षय' (कभी नष्ट न होने वाला) होगा।" वैशाख मास का पुण्य: "जो व्यक्ति वैशाख मास में मेरे प्रिय धर्मों का पालन करता है, मैं उसके जन्म-मृत्यु के भय और उन पापों को भी हर लेता हूँ, जिनका शास्त्रों में कोई प्रायश्चित्त नहीं है।" यह वरदान देकर भगवान अंतर्धान हो गए और राजा पुरुयशा आजीवन भगवान की सेवा करते हुए अंत में सायुज्य मुक्ति को प्राप्त हुए। 🦚 जो भी इस उत्तम कथा को पढ़ता या सुनता है, वह सब पापों से मुक्त होकर भगवान विष्णु के परम पद को प्राप्त करता है। ॥ जय जय श्री हरि ॥ 🌺🙏 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #👏भगवान विष्णु😇 #🔱हर हर महादेव #🌸जय सिया राम #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
1.4K views
19 hours ago
✨ एक पापी ब्राह्मण कैसे बना नीच व्याध? और कैसे एक बूँद जल ने किया उसका उद्धार? जानिए वैशाख मास की यह अद्भुत कथा! 🙏 राजन्! यह कथा पम्पा नदी के तट की है। एक बार परम यशस्वी 'शंख' नामक ब्राह्मण वैशाख के महीने में तपती दोपहर के समय एक भयंकर और जलशून्य वन से गुजर रहे थे। धूप से व्याकुल होकर वे एक वृक्ष के नीचे बैठ गए। 🌳 तभी वहाँ हाथ में धनुष लिए एक दुराचारी व्याध (शिकारी) आया। लेकिन मुनि के दिव्य दर्शन मात्र से उसकी बुद्धि पवित्र हो गई। वह हाथ जोड़कर बोला- "मुने! मैं नीच कुल का एक पापी व्याध हूँ, लेकिन आपके दर्शन से मुझे अद्भुत शांति मिल रही है। कृपया मुझे वह ज्ञान दें जिससे मनुष्य भवसागर से पार हो जाए।" 🙏 व्याध की नम्रता देख मुनि शंख ने उसे वैशाख मास में भगवान विष्णु की प्रसन्नता के धर्म बताए। मुनि ने स्नान-ध्यान किया और व्याध द्वारा लाए गए स्वादिष्ट कैथ के फल को ग्रहण किया। तब व्याध ने पूछा- "प्रभो! किस पाप के कारण मेरा जन्म इस नीच योनि में हुआ और किस पुण्य से मुझे आपकी जैसी महान संगति मिली?" ✨ व्याध के पूर्वजन्म का रहस्य: 📜 शंख मुनि ने अपने दिव्य ज्ञान से बताया- "पूर्वजन्म में तुम 'स्तम्भ' नाम के एक विद्वान ब्राह्मण थे। लेकिन बुरी संगति और एक वेश्या के मोह में पड़कर तुमने अपने सारे धर्म-कर्म छोड़ दिए। फिर भी तुम्हारी पत्नी 'कान्तिमती' एक परम पतिव्रता और साध्वी स्त्री थी, जिसने उस वेश्या सहित तुम्हारी दिन-रात सेवा की। गलत खान-पान के कारण तुम्हें भयंकर 'भगन्दर' रोग हो गया। जब तुम्हारा धन खत्म हो गया, तो वह वेश्या तुम्हें मरने के लिए छोड़कर चली गई। तब तुमने रोते हुए अपनी पत्नी से क्षमा मांगी। उस देवी ने तनिक भी क्रोध नहीं किया और भिक्षा मांगकर तुम्हारी सेवा की, तुम्हारे घावों को साफ किया और तुम्हारे प्राणों की रक्षा के लिए देवताओं से मन्नतें मांगीं। 🌸 एक पुण्य जिसने बदल दिया भाग्य: 💧 एक दिन वैशाख मास की तपती गर्मी में 'देवल' नामक मुनि तुम्हारे घर आए। तुम्हारी पत्नी ने उनके चरण धोए और उन्हें पीने के लिए शर्बत दिया। तुमने भी उस मुनि की सेवा के लिए अपनी पत्नी को अनुमति दी थी। लेकिन तुम्हारी मृत्यु के समय तुम्हारा मन उसी वेश्या में अटका था, इसलिए तुम्हें यह नीच व्याध की योनि मिली। परंतु तुम्हारी पत्नी, जिसने मुनि की सेवा की थी, तुम्हारे साथ सती होकर सीधे भगवान विष्णु के परम धाम को प्राप्त हुई! 🦚 व्याध को सत्संग कैसे मिला? 🌟 मुनि शंख ने कहा- "हे व्याध! क्योंकि तुमने अपनी पत्नी को वैशाख मास में मुनि को शर्बत पिलाने की अनुमति दी थी और मुनि के चरणोदक को सिर पर धारण किया था, उसी एक पुण्य के प्रभाव से आज तुम्हें मेरा संग मिला है और तुम्हारे अंदर धर्म जानने की इच्छा जाग्रत हुई है।" 🌟 कथा का सार: मनुष्य के अंतिम समय के विचार उसका अगला जन्म तय करते हैं। लेकिन साधु-संतों की सेवा और वैशाख मास में किया गया जल-दान कभी व्यर्थ नहीं जाता, वह जन्म-जन्मांतर तक रक्षा करता है। "जय जय श्री हरि" 🌺🙏 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌸जय सिया राम #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🚩जय श्रीराम🙏 #👏भगवान विष्णु😇 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/