#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📢 ताजा खबर 📰 आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में ओडिशा विजिलेंस ने शुक्रवार को कोरापुट जिले के कोटपाड़ा ब्लॉक में कार्यरत सहायक कार्यपालक अभियंता (एईई) सत्यनारायण सेठी के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
कोरापुट, खुर्दा और केंद्रापड़ा जिलों में स्थित उनके आवास, कार्यालय, फ्लैट और फार्म हाउसों की तलाशी के दौरान अब तक बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति का पता चला है।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, सत्यनारायण सेठी के खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की गई थी।
आरोपों में प्रथम दृष्टया सच्चाई पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), जयपुर से तलाशी वारंट प्राप्त कर कार्रवाई शुरू की गई। छापेमारी में सात डीएसपी, नौ इंस्पेक्टर, 11 एएसआई सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया है।
तलाशी के दौरान जयपुर के पराबेड़ा स्थित किराये के मकान, जटनी के हाईटेक प्लाजा स्थित फ्लैट, केंद्रापड़ा जिले के जहानगर गांव स्थित पैतृक आवास, कोटपाड़ा स्थित सरकारी आवास एवं कार्यालय कक्ष के अलावा बोरीगुमा तहसील के तरागांव मौजा स्थित दो फार्म हाउसों की जांच की गई।
विजिलेंस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब तक सेठी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर एक 2-बीएचके फ्लैट, 14 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले दो फार्म हाउस तथा 32 मूल्यवान प्लॉटों का पता चला है। इनमें जटनी के हाईटेक प्लाजा में लगभग 1000 वर्गफुट क्षेत्रफल का एक फ्लैट शामिल है।
जांच में बोरीगुमा तहसील के तरागांव मौजा में 10.03 एकड़ क्षेत्र में फैला आम और यूकेलिप्टस बागान वाला एक फार्म हाउस तथा 4.35 एकड़ क्षेत्रफल में फैला दूसरा यूकेलिप्टस फार्म हाउस भी सामने आया है।
इसके अलावा जयपुर, बोरीगुमा, कोटपाड़ा और पटांगी तहसील क्षेत्रों में स्थित 32 प्लॉटों का भी पता चला है। विजिलेंस के तकनीकी विशेषज्ञ इन संपत्तियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
छापेमारी के दौरान 5.48 लाख रुपये नकद और करीब 300 ग्राम सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। वहीं बैंक खातों, डाकघर जमा योजनाओं तथा अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच की जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है। सभी संपत्तियों और निवेशों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना