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अब फिर कबीर परमात्मा जी संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में आए हुए हैं और लाखों दीन दुःखियों को वही भक्ति विधि बताकर दुःखों से छुटकारा दिला रहे हैं।
[13/03, 6:10 pm] Narayan Das Ji: परमेश्वर कबीर जी ने 600 वर्ष पूर्व इस धरातल पर प्रकट होकर लोगों को सतभक्ति प्रदान की थी जिससे उनके सर्व दुःख समाप्त हो गए थे। आज उन्हीं के अवतार संत रामपाल जी महाराज धरती पर मौजूद हैं। जिनसे उपदेश लेकर सतभक्ति करने से मानसिक, शारिरिक, दैविक सर्व कष्ट समाप्त हो रहें हैं।
[13/03, 6:10 pm] Narayan Das Ji: 600 साल पहले कबीर परमेश्वर ने मृत कमाल, कमाली, सेउ तथा स्वामी रामानंद जी को जीवित किया था। वहीं कबीर परमेश्वर वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में धरती पर अवतरित हैं जिनके द्वारा बताई गई सतभक्ति करने से उनके अनुयायियों को ऐसे ही लाभ मिल रहे हैं।
[13/03, 6:10 pm] Narayan Das Ji: जब किसी की मौत होती है तो यम के दूत उसे लेने आते हैं और उसे दंडित करते हैं कर्म आधार पर। जबकि सतगुरु संत रामपाल जी महाराज की भक्ति करने से यमदूतों से भी रक्षा हो रही है। संत गरीबदास जी बताते हैं-
सतगुरु जो चाहे सो करही, चौदह कोटि दूत जम डरहीं।
ऊत भूत जम त्रास निवारे, चित्र गुप्त के कागज फारै ।।
[13/03, 6:10 pm] Narayan Das Ji: सुनते आए हैं कि परमात्मा अंधों को आँख, कोढ़ी को काया, बाँझन को पुत्र और निर्धन व्यक्ति को धन देता है। वर्तमान समय में यह सर्व सुख संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताई गई सतभक्ति करने से लोगों को मिल रहे हैं जोकि स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी के अवतार हैं। कबीर साहेब जी ने भी कहा है -
मम संत मुझे जान, मेरा ही स्वरूपं।
[13/03, 6:16 pm] Narayan Das Ji: सतभक्ति से शांतिदायक तथा अमर स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके बारे में गीता जी के अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।
[13/03, 6:16 pm] Narayan Das Ji: जो सतभक्ति करते हैं तो उनके पास भूत-प्रेत, बुरी आत्माऐं नहीं आती। देवता भी उस भक्त परिवार की सुरक्षा करते हैं।