बोकारो के #प्रिय रंजन करेंगे विशाखापत्तनम स्टील प्लांट #हादसा की जांच का नेतृत्व, 8 #मौतों के बाद #केंद्र सख्त
मुख्य बातें:
#इस्पात मंत्री आधी रात पहुंचे #प्लांट, मृतकों के परिवारों को ₹25 लाख, नौकरी और हाई लेवल जांच शुरू
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#विशाखापट्टनम संवाद से 9 जून 2026। #राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के #विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए #भीषण अग्निकांड और विस्फोट के बाद #केंद्र सरकार ने #बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में अब तक 8 कर्मचारियों और श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। केंद्रीय इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी #सोमवार देर रात विशाखापट्टनम पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना।
#दुर्घटना की जांच के लिए एक स्वतंत्र बाहरी जांच समिति #गठित की गई है, जिसका नेतृत्व #प्रिय रंजन ,निदेशक प्रभारी, बोकारो स्टील प्लांट, कर रहे हैं। #उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में समिति के कुल सदस्यों की संख्या #सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन समिति को हादसे के तकनीकी कारणों, सुरक्षा मानकों और संभावित चूक की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। #इस्पात मंत्रालय भी मामले की अलग से समीक्षा करेगा। जांच रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा फिलहाल घोषित नहीं की गई है।
#हादसा सोमवार शाम करीब 4:15 बजे स्टील मेल्ट शॉप-1 के कास्टर-2 यूनिट में हुआ। #प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिघला हुआ स्टील डालने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और आग का विशाल गोला पूरे क्षेत्र में फैल गया। कुछ ही क्षणों में लपटें छत तक पहुंच गईं और कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
#हादसे के बाद आरआईएनएल प्रबंधन ने मृतकों के परिवारों को वैधानिक लाभों के अतिरिक्त ₹25 लाख की एक्स-ग्रेशिया राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को ₹10 लाख की सहायता दी जाएगी। कंपनी ने घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने, प्रभावित परिवारों को आवास सुविधा जारी रखने तथा बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने का भी निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री #नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए #प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
#फिलहाल प्लांट के प्रभावित हिस्से को सुरक्षित कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। #कर्मचारी संगठनों ने निष्पक्ष जांच, सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा देश के इस्पात उद्योग के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में से एक माना जा रहा है।
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