भैरों जयंती पर 'बुद्धि शुद्धि हवन': सुप्रीम कोर्ट के 'संविधान विरोधी' आदेश के खिलाफ आगरा में पशु प्रेमियों का अभूतपूर्व विरोध
आगरा, 12 नवंबर 2025 – आज भैरों जयंती के शुभ अवसर पर, दयालबाग स्थित श्री आनंदी भैरों नाथ जी मंदिर, नगला बूढ़ी में एक अनोखा और प्रतीकात्मक 'बुद्धि शुद्धि हवन' आयोजित किया गया। यह आयोजन किसी धार्मिक अनुष्ठान से कहीं अधिक, सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में आए उस आदेश के प्रति पशु प्रेमियों के गहरे और व्यापक विरोध को दर्शाने वाला एक सशक्त प्रदर्शन था, जो बेघर पशुओं के प्रबंधन से संबंधित है।
हवन में सैकड़ों पशु प्रेमियों ने हिस्सा लिया और एक स्वर में इस आदेश को संविधान के विपरीत तथा जीव सुरक्षा के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
'संविधान विरोधी' फैसला: प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न केवल अमानवीय है, बल्कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त जीव सुरक्षा और पशु कल्याण के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
व्यवहारिक समाधान की मांग: पशु प्रेमियों ने जोर देकर कहा कि इस तरह के कड़े आदेश लागू करने के बजाय, कोर्ट और सरकार को पशु जन्म नियंत्रण के तहत बेहतर और व्यवहारिक समाधानों पर विचार करना चाहिए, जो पशुओं के प्रति करुणा और मानवीय दृष्टिकोण पर आधारित हों।
वरिष्ठ पशु कल्याण कार्यकर्ता केसपर्स होम की संस्थापक विनीता अरोरा जी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "हम इस फैसले को सरासर गलत और न्याय के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ मानते हैं। यह सिर्फ भारतीय स्वानों का मसला नहीं है, यह हमारे देश की करुणा और जीव मात्र के प्रति संवेदनशीलता का सवाल है। इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।"
उपस्थिति और समर्थन: डॉ संजीव नेहरू, महावीर प्रसाद माहेश्वरी, गरिमा शर्मा, प्राची जैन, त्रिमोहन मिश्रा, शांतनु बंसल, अंकित शर्मा, डिंपी महेंद्रू, अजय राजपूत, आराधना श्रीवास्तव, आशीष, शुचि और अन्य गणमान्य पशु प्रेमी मौजूद रहे।
विरोध जारी रखने का संकल्प:
पशु प्रेमियों ने एकजुटता दिखाते हुए चेतावनी दी कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने इस 'विवादित और अव्यावहारिक' फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया और इसे वापस नहीं लिया, तो उनका विरोध-प्रदर्शन न केवल आगरा बल्कि पूरे देश में सड़कों पर और मंदिरों में जारी रहेगा।
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