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रोहणः आत्रेयः
@tulaseenidhi
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रोहणः आत्रेयः
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5 months ago
खरीदने और बेचने के कार्य में कुशल, खरीद-बिक्री के कार्य से ही सदा जीविका चलाने वाले तथा पशुपालन और कृषि कार्य में तल्लीन व्यक्तियों को संसार में वैश्य कहा जाता है। क्रयविक्रयकुशला ये नित्यं पण्यजीविनः। पशुरक्षाकृषिकरास्ते वैश्याः कीर्तिता भुवि ॥ #🎶शिव भजन🔱 #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू
रोहणः आत्रेयः
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5 months ago
सत्य, सनातन, सदाचार और सकारात्मकता की शाश्वत विजय के पावन प्रतीक महापर्व दीपावली की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! दीपोत्सव केवल दीप जलाने का अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा में आशा का आलोक, समाज में समरसता का स्पंदन और राष्ट्र में नवजागरण का संकल्प है। प्रभु श्री राम और माता जानकी की कृपा से घरों के साथ हृदय भी आलोकित हों, सभी के जीवन में विश्वास, उत्साह और उमंग का दीप प्रज्वलित हो, यही प्रार्थना है। जय जय सियाराम! #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू #🎶शिव भजन🔱
रोहणः आत्रेयः
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5 months ago
रूप में परिपूर्ण अर्थात् सुंदर या सुंदरी, यौवन अवस्था में अर्थात् तरुण या तरुणी, और समृद्ध परिवार में जन्मे व्यक्ति भी, यदि विद्या से रहित हों, तो वे सुगंधहीन किंशुक फूल की तरह शोभाहीन होते हैं। रूपयौवनसम्पन्ना विशालकुलसम्भवाः । विद्याहीना न शोभन्ते निर्गन्धा इव किंशुकाः ॥ #🎶शिव भजन🔱 #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू
रोहणः आत्रेयः
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5 months ago
पाखंडी, पापपूर्ण कर्मों में तत्परतापूर्वक लगे हुए, नास्तिक, बुद्धि-भ्रष्ट करने वाले, स्त्रियों में आसक्त, दुराचारी, अवगुणी, बगुलों जैसे महाठग, असत्य कर्म करने वाले, क्षमारहित, निंदनीय तर्कों द्वारा आतंक फैलाने वाले, कामवासनाओं में डूबे हुए, क्रोधी, हिंसक, उग्र, मूर्ख, अज्ञानी और महापापी को गुरु नहीं बनाना चाहिए। गुरु बनाने से पहले उनके लक्षणों का विचार करना चाहिए और केवल दुर्गुणरहित सज्जन सद्गुरु की ही भक्तिपूर्ण सेवा करनी चाहिए। पाखण्डिनः पापरता नास्तिका भेदबुद्धयः। स्त्रीलम्पटा दुराचाराः कृतघ्ना वकवृत्तयः ॥ कर्मभ्रष्टाः क्षमानष्टा निन्द्यतर्कश्च वादिनः। कामिनः क्रोधनश्चैव हिंस्राश्चण्डाः शठास्तथा ॥ ज्ञानलुप्ता न कर्तव्या महापापास्तथा प्रिये। एभ्यो भिन्नो गुरुः सेव्यः एकभक्त्या विचार्य च ॥ #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू #🎶शिव भजन🔱
रोहणः आत्रेयः
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5 months ago
✍️ योगी आदित्यनाथ जी प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! आरोग्य के देवता की कृपा आप सभी पर बनी रहे, सभी का जीवन उत्तम स्वास्थ्य, दीघार्यु एवं सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है। #🎶शिव भजन🔱 #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू
रोहणः आत्रेयः
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5 months ago
हम देवताओं को नमस्कार करते हैं; वे भी विधाता के वश में हैं। हम ब्रह्मा, विष्णु आदि को नमस्कार करते हैं; वे भी कर्म के अनुसार ही फल देते हैं। यदि कर्म के अनुसार ही फल मिलता है, तो फिर देवताओं को नमस्कार क्यों करें? मैं तो कर्म को ही नमस्कार करता हूँ। इससे सिद्ध होता है कि सबसे बड़ा देवता और सर्वोत्तम पूजा सत्कर्म ही है। अर्थात्, भगवान की दिखावटी उपासना करने से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है अच्छे कर्म करना; अच्छे कर्म करना ही वास्तव में ईश्वर की पूजा करना है। नमस्यामो देवान् ननु हतविधेस्तेऽपि वशगा विधिर्वन्द्यः सोऽपि प्रतिनियतकर्मैकफलदः। फलं कर्मायत्तं किममरगणैः किञ्च विधिना नमस्तत् कर्मभ्यो विधिरपि न येभ्यः प्रभवति ॥ #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू #🎶शिव भजन🔱
रोहणः आत्रेयः
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6 months ago
लोक की रक्षा करने में समर्थ होना, साहसी होना, इंद्रियों की इच्छाओं को नियंत्रित करने में सक्षम होना, पराक्रमी होना तथा सज्जनों का सम्मान करना और दुर्जनों को दंड देना क्षत्रिय के स्वाभाविक गुण हैं। अर्थात्, इन गुणों वाले व्यक्तियों को क्षत्रिय कहा जा सकता है। लोकसंरक्षणे दक्षः शूरो दान्तः पराक्रमी। दुष्टनिग्रहशीलो यः स वै क्षत्रिय उच्यते ॥ #🎶शिव भजन🔱 #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू
रोहणः आत्रेयः
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6 months ago
समुद्र प्रलय के समय में अपनी मर्यादा या सीमा, अर्थात् अपने निर्धारित स्थान को छोड़ देता है। यदि समुद्र अपनी मर्यादा न छोड़े, तो प्रलय होता ही नहीं। प्रलय के समय मर्यादा तोड़ना समुद्र का कर्तव्य है, लेकिन सज्जन लोग प्रलय के समय भी अपनी मर्यादा, अर्थात् नैतिकता या अनुशासन को नहीं छोड़ते। प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः। सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलयेऽपि न साधवः ॥ #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू #🎶शिव भजन🔱
रोहणः आत्रेयः
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6 months ago
ज्ञानरहित, झूठ बोलने और दिखावा करने वाले गुरु को त्याग देना चाहिए, क्योंकि जो स्वयं शांति प्राप्त करना नहीं जानता, अर्थात् अशांत है, वह दूसरों को शांति कैसे दे सकता है? ज्ञानहीनो गुरुत्याज्यो मिथ्यावादी विडम्बकः। स्वविश्रान्ति न जानाति परशान्तिं करोति किम् ॥ #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू
रोहणः आत्रेयः
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6 months ago
आलस्य मनुष्य के शरीर में मौजूद सबसे बड़ा शत्रु है, और उद्यमशीलता जैसा कोई दूसरा मित्र नहीं हो सकता। यदि उद्यमशीलता रूपी इस परम मित्र को नहीं छोड़ा गया, तो कभी भी दुख प्राप्त नहीं होता। आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः। नास्त्युद्यमसमो मित्रं यं कृत्वा नावसीदति ॥ #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू #🎶शिव भजन🔱